अपराध

नकली प्रमाणपत्र पर नौकरी, शिक्षा विभागमे हड़कंप

मुजफ्फरपुर। समदिया

मुजफ्फरपुर जिलामे नियोजित शिक्षकक शैक्षणिक आ प्रशिक्षण प्रमाणपत्रक जांचक दौरान एकटा पैघ खुलासा भेल अछि। विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरोकुढ़नी प्रखंडक दू अलग-अलग स्कूलमे काज करय वला एकटा शिक्षक आओर एकटा शिक्षिकाक खिलाफ मनियारी थानामे दू अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज करौलक अछि, जाहिमे हुनका पर फर्जी प्रमाणपत्रक इस्तेमालसँ नौकरी करय केर आरोप लगाओल गेल अछि। एहि कार्यवाहीसँ शिक्षा विभाग आ शिक्षक भर्ती इकाईमे हलचल मचल अछि।

दुनू प्राथमिकी सतर्कता जांच ब्यूरो पटनाक पुलिस निरीक्षक आ जांचकर्ता दिवाकर कुमार दिनकरक बयानक आधार पर दर्ज कयल गेल। जांचक दौरान पता चलल जे शिक्षक आ शिक्षिका जाली शैक्षणिक दस्तावेजक उपयोग कय नौकरी प्राप्त केलथि।

एफआईआरमे इहो कहल गेल अछि जे दुनू आरोपी अज्ञात बिचौलिया आ भर्ती इकाईक किछु सदस्यक संग मिलीभगत कय आपराधिक साजिश रचलक आ धोखाधड़ीसँ सरकारी नौकरी हासिल कयलक।

सतर्कता विभागक अनुसार पटना हाईकोर्टक आदेशक आलोकमे 2006 सँ 2015 केर बीच नियुक्त शिक्षकक प्रमाणपत्र केर जांच भ रहल अछि।

एहि संबंधमे संबंधित शिक्षकक प्रमाण पत्र सत्यापन लेल हिंदी विद्यापीठ देवघर पठा देल गेल। रजिस्ट्रार द्वारा पठाओल गेल रिपोर्टमे स्पष्ट कएल गेल अछि जे जमा प्रमाणपत्र कहियो हुनक संस्थान द्वारा जारी नहि कएल गेल अछि आ पूर्णतः फर्जी अछि। जांच रिपोर्ट भेटलाक बाद सतर्कता विभाग कानूनी कार्यवाही शुरू कयलक।

प्राथमिकीक पंजीकरणक बाद जांचकर्ता दिवाकर कुमार दिनकर जिला कार्यक्रम अधिकारी (स्थापना) केँ पत्र पठा कय पूरा मामिलाक जानकारी देलनि। पत्रमे शिक्षक आ शिक्षिका पर तत्काल विभागीय आ अनुशासनात्मक कार्यवाही करबाक आग्रह कयल गेल अछि। सतर्कता विभागक कहनाय अछि जे आरोपी फर्जी प्रमाणपत्रक आधार पर सालों धरि सरकारी वेतनक आनंद लैत रहल।

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