सुप्रीम कोर्टसँ कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजनक अपील खारिज
नई दिल्ली। समदिया

सुप्रीम कोर्ट कांग्रेसक मध्य प्रदेशसँ राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजनक याचिकाकेँ खारिज कय देलक, जाहिमे चुनाव आयोगकेँ हुनक नामांकन अस्वीकार करय केर फैसलाक चुनौती देल गेल। सुप्रीम कोर्ट घोषणा कयलक जे हम सभ एहि याचिका पर सुनवाई नहि करय चाहैत छी आ ई खारिज भ गेल अछि। न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा आ न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदुरकर केर पीठ कहलक कि एक बेर नामांकन खारिज भ गेल अछि तँ चुनाव आयोगसँ संपर्क करय केर अलावा दोसर कोनो अन्य रास्ता नहि अछि। कोर्ट पूछलक, “की कोर्टक कोनो एहन फैसला अछि जाहिमे हम हस्तक्षेप कयने होय?”
सुप्रीम कोर्ट द्वारा याचिका खारिज कयला केर बाद कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन कहलनि जे, “ई हुनका लेल कोनो व्यक्तिगत झटका नहि अछि। भारतीय लोकतंत्र आ भारतक संविधान लेल ई एकटा झटका अछि। हम शुरूमे कहने रहि जे चुनाव आयोग सरकारक संग मिलीभगत कय रहल अछि आ इ साबित भ गेल अछि।” हमरा कोर्टक विषयमे किछु कहबाक नहि अछि, कम सँ कम कोर्ट हमर पक्ष सुनलक आ फैसला देलक। हमर लोक जखन चुनाव आयोगसँ गप्प कयलक तँ 48 घंटा धरि हमरा सभकेँ कोनो जवाब नहि देलक।
मीनाक्षी नटराजनक प्रतिनिधित्व करय वला वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवीक तर्क छल जे कोनो उम्मीदवारकेँ मात्र ओहि आपराधिक मामिलाक जानकारी देबय पड़ैत अछि जाहिमे न्यूनतम दू सालक सजा भेल होय। ओ कहलनि जे, वर्तमान मामिलामे केवल समन जारी कयल गेल अछि। सिंघवी कहलनि जे, नटराजनकेँ मध्य प्रदेशसँ राज्यसभा चुनावक लेल नामांकन पत्रकेँ रिटर्निंग ऑफिसर गलत तरीकासँ खारिज कय देलनी, कारण ओ जनप्रतिनिधित्व अधिनियमक तहत कोनो आपराधिक मामिलाक खुलासा नहि कयलनि।
जनतब दी जे 9 जूनकेँ रिटर्निंग ऑफिसर हलफनामामे जानकारी नुकेबाक आधार पर मध्य प्रदेशसँ कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजनकेँ राज्यसभा चुनाव लेल नामांकन खारिज कय देलथि। एकर बाद कांग्रेस पार्टी चुनाव आयोग पर भाजपा सरकारक संग मिलीभगत करबाक आरोप लगैलनी आ कहलनि कि देश एहन स्थिति दिस बढ़ि रहल अछि, जतय लोकतंत्र खतरामे अछि आ विपक्षक भूमिकाकेँ अमान्य कयल जा रहल अछि।
