राजनीति

सबसँ गहरी मित्रता आध्यात्मिक मित्रता होयत अछि, हम सहमत छी : एस. जयशंकर

नई दिल्ली। समदिया

दू दिवसीय दौरा पर मंगोलिया पहुंचलाह भारतक विदेश मंत्री एस. जयशंकर सोमदिन राजधानी उलानबातरमे राष्ट्रपति उखना खुरेलसुखसँ मुलाकात कयलनि। एहीसँ पहिने विदेश मंत्री अपन मंगोलियाई समकक्ष बी. बत्सेत्सेगसँ सेहो भेंट कयलनि। जयशंकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एही मुलाकातक ब्योरा देलनि। राष्ट्रपतिसँ भेंट पर खुशी जतबैत ओ कहलनि, “राष्ट्रपति उखना खुरेलसुखसँ मुलाकात गौरवमयी आ महत्वपूर्ण रहल। हम भारतक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीक दिससँ हार्दिक शुभकामना सेहो प्रेषित कयलौंह।” जयशंकर आगू कहलनि, “राष्ट्रपति उखना केर पिछला वर्षक भारत यात्रा दुनू देशक बीच रणनीतिक साझेदारीकेँ नव गति देलक अछि। राष्ट्रपति उखनाकेँ विभिन्न क्षेत्रमे सहयोग आगू बढ़ाबय केर सुझाव सराहनीय अछि। हुनक कथन अछि जे सबसँ गहरी मित्रता आध्यात्मिक मित्रता होयत अछि, हम एही कथनसँ पूरा तरहेँ सहमत छी।”

एहीसँ पहिने अपन मंगोलियाई समकक्ष बी. बत्सेत्सेग केर संग बैसारक सेहो एक्स पर जिक्र कयलनि। एही बैसारमे दुनू देशक बीच कतेको महत्वपूर्ण क्षेत्रमे सहयोगक प्रगतिकेँ ल कय समीक्षा कयल गेल।

बैसारक बाद विदेश मंत्री जयशंकर कहलनि कि भारत आ मंगोलियाक बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत भ रहल अछि आ दुनू देशक संबंधमे “आत्मीयता, मजबूती आ संभावना” देखाई दैत अछि। ओ बतौलनि कि चर्चाक दौरान विकास परियोजना, क्षमता निर्माण, शिक्षा, संस्कृति, सुरक्षा आ बहुपक्षीय मंच पर सहयोगक समीक्षा कयल गेल।

विदेश मंत्री एक्स पर लिखलनि कि हुनका मंगोलिया पहुंच कय खुशी भेल आ ओ द्विपक्षीय संबंधकेँ आओर मजगूत करय लेल सार्थक वार्ताक उम्मीद करैत अछि।

भारत आ मंगोलियाक बीच राजनयिक संबंध 1955 मे स्थापित भेल छल। भारत ओहि शुरुआती देशमे शामिल छल जे मंगोलियाक संग कूटनीतिक संबंध स्थापित कयलक आ संयुक्त राष्ट्र आ गुटनिरपेक्ष आंदोलन (एनएएम) केर सदस्यतामे ओकर समर्थन कयलक।

मंगोलियाक यात्राक बाद जयशंकर दक्षिण कोरिया जयताह, जतय ओ अपन समकक्षसँ वार्ता कताह आ जेजू फोरम फॉर पीस एंड प्रॉस्पेरिटीमे मुख्य भाषण देताह।

विदेश मंत्रालयक अनुसार, मंगोलियाक बाद जयशंकर 24 आ 25 जूनकेँ दक्षिण कोरियाक यात्रा पर रहताह, जतय ओ चू ह्यून संग द्विपक्षीय वार्ता करताह आ वैश्विक मंच पर भारतक दृष्टिकोण प्रस्तुत करताह।

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