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पेट्रोल-डीजलक स्टॉक पर्याप्त, एलपीजीक आपूर्ति जारी : पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय

नई दिल्ली। समदिया

पश्चिम एशियमे जारी संकटक बीच भारत सरकार नागरिकसँ पेट्रोल आ डीजलक खपत कम करय केर अपील कयलक अछि। पेट्रोलियम आ प्राकृतिक गैस मंत्रालय कहलक कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित भ गेल अछि आ अंतरराष्ट्रीय बाजारमे तेल केर दाममे काफी उतार-चढ़ाव भ रहल अछि। एकर बावजूद देशमे ईंधनक कोनो कमी नहि अछि। सरकार नागरिक सभसँ अपील कयलक अछि जे देश पर बढ़ैत आर्थिक बोझ कम करबा लेल सार्वजनिक परिवहन, कारपूलिंग (एक कारमे यात्रा साझा) आ इलेक्ट्रिक वाहनक उपयोग बढ़ाउ।

पेट्रोलियम मंत्रालयक संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा एकटा प्रेस कॉन्फ्रेंसमे कहलनि जे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नागरिकसँ पेट्रोल आ डीजलक खपत कम करय लेल आग्रह कयलनि अछि। ओ हुनका सभसँ आग्रह केलथि जे जतय संभव होए मेट्रो आ सार्वजनिक परिवहनक उपयोग करथि, कारपूलिंग अपनाउ आ माल ढुलाई लेल रेलवे कय प्राथमिकता देथि। संगहि इलेक्ट्रिक वाहनक उपयोग बढ़ेबा पर सेहो जोर देल गेल अछि। मंत्रालयक कहनाय अछि जे जँ सभ नागरिक रोजमर्राक जीवनमे ऊर्जाक संरक्षणक प्रयास करत तँ देश पर आर्थिक दबाव कम भ सकैत अछि।

सुजाता शर्मा कहलनि कि पश्चिम एशियाई संकटक कारणसँ वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित भ गेल अछि आ अंतरराष्ट्रीय दाममे उतार-चढ़ाव बनल अछि। मुदा भारत सरकार समय पर कतेको प्रभावी कदम उठेलक अछि जाहिसँ जनता केर कोनो तरहक दिक्कतक सामना नहि करय पड़य। ओ कहलनि कि देशमे कच्चा तेलक पर्याप्त भंडार अछि आ सभ रिफाइनरी पूरा क्षमतासँ काज कय रहल अछि। देशमे कोनो पेट्रोल पंप पर ईंधनक कमी नहि अछि आ एलपीजी एजेंसीमे आपूर्ति सामान्य अछि।

सरकार ईहो स्पष्ट कयलक कि भारतमे 60 दिनक कच्चा तेल, 60 दिनक प्राकृतिक गैस आरू 45 दिनक एलपीजीक स्टॉक अछि। सरकार कहलक कि भारत दुनियाक तेसर सबसँ पैघ तेल रिफाइनर अछि आ घरेलू मांग केर पूरा तरहेँ पूरा कय रहल अछि। एकर अलावा खरीफ 2026कें लेल खादक कोनों कमी नहि अछि। कुल 390.54 लाख मीट्रिक टनकें आवश्यकताक मुकाबले 199.65 लाख मीट्रिक टन (51 प्रतिशतसँ बेसि) स्टॉक एखन उपलब्ध अछि, जे सामान्य स्तरसँ काफी बेसि अछि।

मंत्रालयक कहनाय अछि जे घरेलू खाना बनाबय वला गैसक आपूर्ति निर्बाध जारी अछि आओर पर्याप्त मात्रामे एलपीजी उपलब्ध अछि। पिछला तीन दिनमे एक करोड़ 26 लाख एलपीजी सिलेंडर घरमे पहुंचाउल गेल अछि, जखन कि 1 करोड़ 14 लाख बुकिंग भेल अछि। पिछला तीन दिनमे व्यावसायिक एलपीजीक बिक्री सेहो 17 हजार टनसँ बेसी भ गेल अछि। सरकारक कहब अछि जे ऑटो एलपीजीक बिक्री सेहो 762 टनसँ बेसी दर्ज कयल गेल अछि। एहिसँ साफ पता चलैत अछि जे आपूर्ति प्रणाली सामान्य रूपसँ काज कय रहल अछि आओर घबराहटक जरूरत नहिं अछि।

सरकारक कहनाय अछि जे वैश्विक हालातक कारण कच्चा तेलक दाम पर दबाव अछि। एहन स्थितिमे भारत सन पैघ आयातक देश लेल ऊर्जा संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण भ जाइत अछि। मंत्रालयक अनुसार, निजी वाहनक उपयोग कम आओर सार्वजनिक परिवहन केर बढ़ावा देलासँ विदेशी मुद्राक दबाव कम भ जाएत आओर देशक अर्थव्यवस्थामे राहत भेटत। सरकारक मानब अछि कि ऊर्जा संरक्षण केवल सरकारक जिम्मेदारी नहि अछि, बल्कि सभ नागरिकक भागीदारीक माध्यमसँ संभव अछि।

पेट्रोलियम मंत्रालय आश्वासन देलक कि देशमे पेट्रोल, डीजल आ एलपीजीक आपूर्ति केर कायम रखय लेल लगातार निगरानी कयल जा रहल अछि। सरकार एहि स्थिति पर बारीकीसँ नजरि राखि रहल अछि आ जरूरत पड़ला पर अतिरिक्त उपाय करत। सरकार देशक उपभोक्ता पर अंतरराष्ट्रीय संकटक प्रभाव कमसँ कम करय आओर जरूरी सेवा निर्बाध रूपसँ जारी रहय से पूरा कोशिश कय रहल अछि।

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