देश-दुनिया

भारत-ओमान सीईपीएसँ संबंधकेँ मजगूती भेटत, निर्यात आ निवेशमे वृद्धि होयत : पीयूष गोयल

नई दिल्ली। समदिया

भारत आ ओमानक बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) सोमदिनसँ आधिकारिक तौर पर लागू भ गेल। ई महत्वपूर्ण व्यापार समझौता लागू भेलाक संगही दूनू देशक बीच आर्थिक आ व्यापारिक संबंधमे नव ताकत भेटबाक उम्मीद अछि। केंद्रीय वाणिज्य आ उद्योग मंत्री पीयूष गोयल एकरा भारत आ ओमानक बीच सदियो पुरान विश्वास, दोस्ती आ साझेदारीकेँ एगो नव अध्याय बतैलनि। पीयूष गोयल कहलनि कि भारत आ ओमानक बीच केर संबंध खाली व्यापार धरि सीमित नहीं अछि, बल्कि हजारों साल पुरान सभ्यताक साझेदारी पर आधारित अछि। ओ कहलनि कि अरब सागर दूनू देशकेँ जोड़ैत अछि आ व्यापार आओर सांस्कृतिक संबंध 5,000 सालसँ अछि। ओ स्मरण करैत कहलनि जे जखन आधुनिक व्यापार प्रणाली आ टैरिफ प्रणाली नहि छल तखनो गुजरातसँ व्यापारी भारतीय सामान कय मस्कट धरि पहुंचाबैत छल। ओ कहलनि कि सीईपीए खाली व्यापार समझौता नहि अछि, बल्कि दूनू देशक बीच विश्वास, दोस्ती आ ऐतिहासिक संबंधक प्रतीक अछि।

केंद्रीय मंत्री आगू कहलनि कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीक ओमान यात्राक दौरान दूनू देशक बीच संबंधकेँ नव आयाम भेटल। एही यात्राक दौरान ओमानक सुल्तान हैथम बिन तारिक प्रधानमंत्री मोदीकेँ ओमान केर सर्वोच्च नागरिक सम्मान ऑर्डर आफ ओमान, फर्स्ट क्लाससँ सम्मानित कयलनि। गोयल कहलनि जे ई सम्मान सिर्फ प्रधानमंत्री मोदीकेँ लेल नहिं, बल्कि 1.4 अरब भारतीयक लेल अछि।

ओमानक जनता आ सरकारक प्रति आभार व्यक्त करैत ओ कहलनि कि पीढ़ी दर पीढ़ीसँ ओमान भारतीय समुदाय केर स्वागत परिवारक सदस्य जँका कय रहल अछि। वर्तमानमे भारतीय मूके लगभग 7 लाख लोग ओमानमे रहैत अछि आ एकर प्रगतिमे महत्वपूर्ण योगदान द रहल अछि।

गोयल कहलनि कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीकेँ 32 देश द्वारा सर्वोच्च नागरिक सम्मान देनाइ हुनक वैश्विक नेतृत्व आ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत केर बढ़ैत प्रभावक गवाह अछि। ओ कहलनि कि प्रधानमंत्री मोदीकेँ एगो एहन नेताक रूपमे सम्मानित कयल जायत अछि जे विकसित देशसँ ग्लोबल साउथ धरि संवाद, कूटनीति आ शांतिक समर्थन करैत छथि।

केंद्रीय मंत्री बतैलनि कि सीईपीए लागू भेला केर पहिल दिनसँ भारतकेँ ओमानक 98 प्रतिशत टैरिफ लाइन धरि शुल्क मुक्त पहुँच भेटत, जाहिसँ भारत केर 99 प्रतिशतसँ बेसी निर्यातकेँ फायदा भेटत। ओ कहलनि कि एही समझौतासँ ओमान केर बाजारमे भारतीय उत्पादक बेसी प्रतिस्पर्धी बनाबय केर संग-संग व्यापारिक गतिविधिकेँ बढ़ावा भेटत। एही समझौतासँ नव बाजार धरि पहुँच, निर्यात बढ़ाबय, निवेश आकर्षित करय आ रोजगार सृजनमे तेजी आनयमे अहम भूमिका निभाबय वला अछि, जखनि कि भारतीय उद्योगकेँ अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धामे आगू बढ़य केर मौका भेटत।

Spread the love