राजनीति

लोक परीक्षा संशोधन विधेयक लोकसभामे ध्वनिमतसँ पारित

नई दिल्ली । समदिया

लोकसभामे बुधदिन विपक्षक हंगामाक बीच लोक परीक्षा (अनुचित साधन रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 केर ध्वनिमतसँ पारित कऽ देल गेल। सदनमे विधेयक पर चर्चाक दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी जंतर-मंतर पर छात्र सभ पर कथित गोलीबारीक बयान आ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाबय केर मामिला पर तीखी बहस भेल। बावजूद एकर, सरकार विधेयककेँ सदनसँ पारित करवा देलक। सरकार कहलक कि ई संशोधन सार्वजनिक परीक्षा केर निष्पक्ष, पारदर्शी आ भरोसामंद बनाबै केर दिशामे एकटा मजबूत कदम अछि।

विधेयक पर चर्चाक जवाबमे केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह कहलनि कि सरकार नीट पेपर लीक मामिलामें तेजीसँ कारवाई कऽ चुकल अछि आ परीक्षा प्रणालीक विश्वसनीयता बनने राखय लेल पूरा प्रतिबद्ध अछि। हुनकर कहब छल कि ई संशोधन सरकारक ओ सोच के देखबैत अछि, जाहिमे पिछला अनुभवसँ सीख लैत कानून केर आओर मजबूत बनाओल जा रहल अछि। ओ कहलनि कि 2024 में एंटी पेपर लीक कानून लागू भेलाक बाद एखनि धरि 52 एफआईआर दर्ज भऽ चुकल अछि। संगहि ओ कहलनि जे पेपर लीकसँ जुड़ल मामिला सभक कारण होमय वाला आत्महत्यामे सेहो कमी आयल अछि, जेकरा ओ कानूनक सकारात्मक प्रभावक संकेत बतौलनि। विधेयक पास भेलाक बाद लोकसभाक कार्रवाई दिन भरि लेल स्थगित क देल गेल।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह कहलखिन कि ई संशोधन सिर्फ सजा बढ़ाबय वा कानूनी प्रावधान जोड़बाक लेल नहिं अछि, बल्कि एकर उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षा सभक ईमानदारी, पारदर्शिता आ विश्वसनीयता मजबूत करब अछि। हुनका अनुसार सरकार लगातार कानूनक समीक्षा क’ रहल अछि आ जरूरत पड़ला पर बदलाव सेहो क’ रहल अछि। हुनकर अनुसार पेपर लीक जेकाँ घटना रोकय लेल मजबूत कानूनी ढांचा जरूरी अछि आ एहि उद्देश्यसँ ई संशोधन आनल गेल अछि। ओ फेरसँ दोहरौलखिन कि सरकार परीक्षा प्रणाली केर निष्पक्ष बनाबय लेल पूरा गंभीरता स’ काज क’ रहल अछि।

सदनमे सरकार कहलक जे 2024 में कानून लागू भेलाक बाद एखनि तक 52 एफआईआर दर्ज भेल अछि। सरकारक कहब अछि जे एहि स’ कानूनक प्रभाव देखाइ दऽ रहल अछि आ पेपर लीकसँ जुड़ल मामिला पर कड़ाई बढ़ल अछि। सरकार कहलक जे एहि तरहक मामिलामे आत्महत्याक घटनामें कमी आयल अछि। सरकारक दावा अछि जे संशोधित कानून भविष्यमे परीक्षा माफिया आ अनुचित साधन प्रयोग करयवला लोकक खिलाफ आरो प्रभावी कार्रवाईक आधार बनत।

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