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ग्लोबल चिप मेन्युफेक्चरिंग हबक रूपमे भारतक उदय आब कोनो दूरक सपना नहिं

नई दिल्ली
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शीर्ष उद्योग निकाय शुक्रदिन १.३ लाख करोड़ टाकाक तीनटा अर्धचालक निर्माण (फैब) अर्थात सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन विनिर्माण परियोजनाकेँ मंजूरी देबाक सरकारक निर्णयक सराहना कयलक। संगहि कहलक ” देशक ग्लोबल सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन अर्थात वैश्विक अर्धचालक विनिर्माण गंतव्यक रूपमे देशक उदय आब कोनो दूरक सपना नहि लगैत अछि।”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीक अध्यक्षतामे केन्द्रीय मंत्रिमंडल बृहस्पतिकेँ तीनटा अर्धचालक इकाइकेँ मंजूरी देलक, जकर निर्माण अगिला १०० दिनक भीतर शुरू भऽ जायत। २० हजार उन्नत प्रौद्योगिकी रोजगार आ लगभग ६० हजार अप्रत्यक्ष नौकरीक सीधा रोजगार उत्पन्न होयत।

इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए)क अध्यक्ष पंकज मोहिन्द्रू कहलनि, “२०२७ धरि भारतमे फैब आ आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (ओएसएटी) इकाइसभक उत्पादन होयत।”
अध्यक्ष पंकज मोहिन्द्रू आगा कहलनि, “दशकक अन्त धरि, कतेको अर्धचालक उत्पाद डिजाइन कम्पनीक अतिरिक्त, हमरासभक उत्पादनमे १०सँ बेसी फैब्स आ २० टा ओएसएटी इकाई भऽ सकैछ।”

प्रति मास ५०,००० वेफर्स क्षमतावला अर्धचालक फैबक स्थापना टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (टीईपीएल) द्वारा गुजरातक धोलेरामे पावरचिप सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉर्प (पीएसएमसी), ताइवानकसंग साझेदारीमे कयल जायत। एहि फैबक निर्माण ९१ हजार करोड़ टाकाक निवेशसँ होयत।

सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. एस.पी. कोचरक अनुसार, अर्धचालक मिशनक अन्तर्गत तीनटा इकाइ स्थापित करबाक स्वीकृति एकटा सकारात्मक आ सराहनीय विकास अछि।
आगू एस पी कोचर कहलनि “ई हमर प्रधानमंत्रीक ‘आत्मनिर्भरता’क दृष्टिकोणक अनुरूप आत्मनिर्भरता प्राप्त करबाक दिशामे हमर देशक लेल एकटा उदाहरण स्थापित करत। ई वैश्विक विनिर्माण आ आपूर्ति श्रृंखला केन्द्र बनबाक भारतक लक्ष्यकेँ आओर प्रेरित करत।”

आगू, एहि सुविधासभसँ उत्पादनसँ विभिन्न सेक्टर सभ आ सेगमेंट केर लाभ होयबाक आशा अछि। एहिसँ देशमे रोजगार सृजन आ बेसी निवेश आकर्षित करबाक अतिरिक्त, तकनीकी कौशलमे वृद्धि आ स्वदेशी औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्रक उन्नतिक माध्यमसँ ‘डिजिटल इंडिया’ मिशन केर बढ़ावा मिलय केर आस अछि। चिप डिजाइनमे भारत लग पहिनेसँ गहिंरगर क्षमता अछि। एहि इकाइ सभसँ देश चिप निर्माणक क्षमता विकसित करत।

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