संपादकीय

दर्शक द्वारा सराहल जा रहल अछि, मैथिली फिल्म राजा सल्हेश

धर्मेन्द्र कुमार झा (प्रबंध संपादक)
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काल्हि दिनांक 29.03.2024 शुक्रदिन, मैथिल योद्धा, मिथिलाक नायक राजा सल्हेशक जीवन पर आधारित मैथिली सिनेमा “राजा सल्हेश” देशक राजधानी दिल्ली, संगहि मिथिला क्षेत्रक अनेको सिनेमाघरमे एक्कहि संग प्रदर्शित भेल। राजा सल्हेशक निर्माण, मैथिली मिडिया हाउस सीएमजे फिल्म्स द्वारा भेल अछि, राजा सल्हेश, एहि सिनेमाक निर्माता स्वयं डॉ सी एम झा छथि त’ ई फिल्म संतोष बादल केर निर्देशनमे बनल अछि। फिल्मक कथा आ परिकल्पना अजित आजादक छैन्ह त’ सिनेमामे संगीत देनिहार ज्ञानेश्वर दुबे छथि। जनतब दी जे एखन, मैथिली सिनेमा उद्योग अप्पन गति पकड़बाक प्रयासमे अछि, आ विगत किछु समयमे अनेको मैथिली फिल्म प्रदर्शित भेल अछि। राजा सलहेशक प्रचार – प्रसार लेल मिडिया, सोशल मिडियाक संग – संग, गाम – गाममे खूब निक कार्य कएल गेल अछि। निर्माता – निर्देशक संगहि फिल्मसँ जुड़ल तमाम लोक एहि फ़िल्मक सफलताके लेल आश्वस्त छथि, किएक त’ फिल्म प्रदर्शनसँ पहिनहि अप्पन ऐतिहासिक कथा आ मधुर संगीतके ल’ क’ अत्यधिक चर्चित भेल अछि। निर्माता – निर्देशक संगहि तमाम कलाकार अप्पन कार्य कएलनि, आब ई फिल्म प्रदर्शित भ’ चुकल अछि, आ प्राप्त जानकारीके मुताबिक, एहि फिल्मकेँ दर्शकक खूब स्नेह भेटि रहल छैक। कल्हुका प्रतिसाद देखि निश्चित रूपसँ कहल जा सकैत अछि कि, मैथिली सिनेमाक अच्छे दिन आब दूर नहि अछि। राजा सल्हेशक साहसिक कृत्य संगहि मालिन बहिनक प्रेम, निश्चित रूपसँ दर्शककेँ आकर्षित करत, आ ई फिल्म मैथिली सिनेमाक इतिहाशमे अप्पन स्थान सुरक्षित करत। राजा सल्हेश, मिथिलाक नायक छलाह, योद्धा छलाह, जे अप्पन पराक्रमसँ आई मिथिलामे लोकदेवता रूपमे पुजल जाइत छथि। कहल जा रहल अछि कि, ऐतिहासिक पृष्टभूमि पर बनल एहि फिल्ममे कथा, पटकथा, गीत, संगीत छायांकन आ संपादनके संग – संग कलाकारक चयन पर बहुत बेसी मेहनति कएल गेल अछि। हालहिमे प्रदर्शित फिल्म मिलन सेहो अप्पन, दोसर सप्ताहमे प्रवेश कएलक अछि, रामसुंदर झा आ संतोषकुमार झा कृत मैथिली फिल्म, “मिलन” सेहो दर्शकक उम्मीद पर स्वयंके सिद्ध कएलक अछि। रामसुंदर झा एवं संतोष झा, ई जोड़ी किछुए समय पूर्व अप्पन महत्वपूर्ण सिनेमा “मैथिली” सँ स्वयंके सिद्ध क’ चुकल छथि। आब “मिलन” सेहो दर्शकक आकांक्षाक अनुरूप अछि, जे मैथिली सिनेमा उद्योग लेल शुभ संकेत अछि। निर्माता निर्देशक विकास झा, (मधुर मैथिली) अप्पन अलर – बलर विडिओक सफलतासँ उत्साहित भ’ मिथिलाक सिनेमाई इतिहासमें पहिल बेर “नून रोटी” नामसँ वेब सीरीज सेहो बनौलनि, जे यूट्यूब पर रिलीज भेल, संगहि कएक ठाम बजाप्ते हॉलमे सेहो देखाओल गेल। कहबाक तात्पर्य ई जे, लोक आब धीरे -धीरे सही, मुदा अप्पन भाषा आ अप्पन संस्कृतिके प्रति जागरूक भ’ रहल छथि। देशक विभिन्न भाषामे सिनेमा बनाओल जाइत छैक, आ ओहि क्षेत्रमे, संबंधित भाषामे बनल सिनेमाके प्राथमिकता सेहो देल जाइत छैक। गुजरातमे गुजराती, महाराष्ट्रमे मराठी, बंगालमे बंगाली त’ मिथिलामे मैथिली किएक नहि ? ई एकटा एहेन प्रश्न अछि, जे सरकार वा प्रसाशनसँ बेसी स्वयंसँ पूछल जएबाक चाही। कहल जाइत अछि कि, मैथिली सिनेमाके दर्शक नहि भेटैत छैक, मैथिली सिनेमाके स्क्रीन नहि उपलब्ध कराओल जाइत छैक। एहि सभ लेल सरकारसँ बेसी दोषी, हम सभ स्वयं छी। जखनहि हम सभ अप्पन भाषाके प्रति जागरूक होयब, जखनहि स्वयंमे अप्पन भाषा, गीत – संगीत, साहित्य आ सिनेमाके प्रति अस्मिताक भाव आबि जायत …. त’ ई निश्चित छैक कि, बारह आना समस्याक समाधान स्वतः भ’ जाएत। विरोध आ बहिष्कारक नीति एहि दिशामे कारगर भ’ सकैत अछि। जौं कोनो सिनेमाघर, मैथिली फिल्म प्रदर्शन लेल स्क्रीन नहि उपलब्ध करबैत अछि त’ एकर विरोध होयबाक चाही। सोझ भाषामे कही त’ ओहि सिनेमाघरक बहिष्कार होयबाक चाही। अपना लेल हम सभ जहन, स्वयं ठाढ़ होयब, मात्र तखनहि लोक हमरो सभ लेल ठाढ़ होयत। नान्हि टा गप्प लेल हम सभ ट्वीटर आ सोशल मिडियाक पर उत्पात मचा लैत छी त’ अप्पन भाषा आ संस्कृति संरक्षण लेल किएक चुप रहब ? मैथिली भाषामे आब निरंतर फिल्म बनि रहल अछि, लव यु दुल्हिन, मैथिली, मिलन रिलीज भेल एखन राजा सल्हेश दर्शकक समक्ष अछि, लगले एक गोट आओर ऐतिहासिक पृष्टभूमि पर बनल मैथिली सिनेमा “विद्यापति” प्रदर्शन लेल तैयार अछि। आब जौं एहि तरहक फिल्मके स्क्रीन नहि भेटतैक आ दर्शक नहि भेटतैक त’ दोख – किनकर ? निश्चित रूपसँ दोष अपनहि सभक मानल जाएत, किएक त’ मैथिली भाषामें बनल फिल्मके मराठी आ पंजाबी त’ नहिए देखत ! हम सभ स्वयं जहन अप्पन भाषा लेल तत्पर होयब तखनहि किछु संभव अछि, अन्यथा बहन्ना त’ बहुत छैक। कहल जाइत रहल कि, मैथिलके अप्पन स्वर उठएबाक लेल कोनो अप्पन साधन नहि अछि, मुदा आब त’ अनेको विकल्प उपलब्ध अछि, निरंतर तीन वर्षसँ मैथिली दैनिक अखबार “मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश” प्रकाशित भ’ रहल अछि। संगहि अनेको आओर मैथिली भाषी मिडिया उपलब्ध अछि, मुदा लोक एखनहु अप्पन भाषा, सहित्य, संगीत आ सिनेमाके प्रति उदासीन प्रतीत भ’ रहल छथि। जाहि हिसाबेँ प्रयास भ’ रहल अछि, ओहि अनुपातमे सकारात्मक परिणाम सोझा नहि आबि रहल अछि। मैथिली सिनेमाके प्रति लोकक हृदयमे स्नेह जगएबाक लेल नीक – नीक कथा आ गीत संगीतसँ सुसज्जित फिल्म बनाओल जा रहल अछि, निर्माता – निर्देशक आ कलाकार लोकनि अप्पन कार्य खूब नीकसँ क’ रहल छथि, आब बारी हमर सभक अछि। स्वयं त’ मैथिली सिनेमा देखबे करू, संगहि आनो लोककेँ एहि लेल प्रेरित करू, मात्र तखनहि निर्माता – निर्देशक आओर नीक करबाक लेल प्रेरित हेताह। बिनु दर्शकक सभ व्यर्थ भ’ जाएत, बहुत कठिन दौरसँ मैथिली सिनेमा उद्योग बहरएबाक प्रयास क’ रहल अछि, आब जौं दर्शक उदासीन रहलथि त’ पुनः शुरू करब मुश्किल होयत। एक तरहेँ कहल जाए त’ राजा सल्हेशक सफलता आ असफलता पर मैथिली सिनेमा उद्योगक बहुत किछु आश्रित अछि। किएक त’ प्राप्त जानकारीके मुताबिक, सीएमजे फिल्म्स केर बैनरसँ एखन बहुत रास मैथिली सिनेमा आ सीरियल प्रदर्शित होयत। बहुत प्रोजेक्ट पर कार्य भ’ रहल अछि आ बहुत रास प्रोजेक्ट पर चिंतन – मनन जारी अछि। मैथिली फिल्म मात्र मनोरंजन आ संस्कृति संरक्षणक मध्यमटा नहि अछि, ई मिथिला क्षेत्रमे रोजगारक अवसर सेहो उपलब्ध कराओत, ई तय अछि। कहल जाइत अछि कि सिनेमा, समाजक दर्पण अछि, निश्चित रूपसँ ई सत्य अछि, किएक त’ समाजमे व्याप्त कुरीति, आ कुप्रथा, सिनेमाक माध्यमसँ लोकक समक्ष राखल जाइत अछि, नव – नव तकनीक आ नवीनतम आविष्कार संगहि जीवनक विभिन्न रंग, लोक सिनेमाक माध्यमसँ सहजहि बुझि जाइत अछि। मतलब साफ़ अछि, मैथिली सिनेमा उद्योग जौं स्थापित होइत अछि त’ निश्चित रूपसँ क्षेत्रमे रोजगारक अवसर उपलब्ध होयत संगहि मैथिली भाषाके सेहो संरक्षित संवर्धित कएल जा सकत। एखन राजा सल्हेशके दर्शकक खूब स्नेह भेटि रहल अछि, मिडिया – सोशल मिडिया पर बहुत रास दर्शकीय प्रतिक्रिया आबि रहल अछि, जे फिल्म निर्माता आ फिल्मसँ जुड़ल तमाम लोक लेल, कोनो संजीवनीसँ कम नहि मानल जा सकैत अछि। कहल जा रहल अछि कि, एहि फिल्मेके माध्यमसँ अनेको प्रयोग भेल अछि, जे मैथिली सीने उद्योगक दशा – दिशा तय करत। मिथिलाक लोकदेवता राजा सल्हेश, जीवन भरि शोषित आ वंचित समाज लेल लड़ैत रहलाह, से, एहि फिल्ममे सेहो देखाओल गेल अछि। राजा सल्हेश अन्याय आ उत्पीड़नके विरुद्ध की – की कएलनि, ई एहि फिल्ममे उचित ढंगसँ चित्रण कएल गेल अछि। एहि फिल्ममे नीकसँ नीक तकनीकक उपयोग कएल गेल अछि, जे दर्शक लेल कोनो सनेशसँ कम नहि अछि। कथा, गीत – संगीत, एक्शन आ इमोशन हर क्षेत्रमे बेहतर करबाक प्रयास करैत जन – मानसक मान्यताके सेहो ध्यानमे राखल गेल छैक। फिल्ममे अप्पन महत्वपूर्ण भूमिकासँ दर्शकक मनोरंजन कएनिहार प्रियरंजन, मुख्य भूमिकामे छथि, त’ दिव्या गौतम नयिकाक भूमिकामे अप्पन बेहतरीन अदाकारी प्रदर्शित कएने छथि। मैथिली सिनेमा राजा सल्हेश, अप्पन नामके अनुरूप प्रदर्शन करए आ मैथिली सिनेमा उद्योगके अप्पन गौरवशाली स्थान प्राप्त होय, ताहि हेतु हर मैथिल प्रयास करए…एहि आशक संग…..

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