देशकेँ एक वैचारिक राष्ट्रमे बदलबाक भ रहल कोशिश, मुसलमान नहि झुकत : अरशद मदनी
नई दिल्ली। समदिया

जमीयत उलमा-ए-हिंद केर अध्यक्ष अरशद मदनी काल्हि कहलनि कि देशकेँ योजनाबद्ध तरीकासँ एक वैचारिक राष्ट्रमे बदलबाक कोशिश कयल जा रहल अछि। मदनी कहलनि कि पहिने केवल मुसलमान निशाने पर छल। आब इस्लामकेँ सेहो निशाना बनाओल जा रहल अछि। ओ कहलनि कि मुसलमान नहि कहियो झुकल अछि आ नहि कहियो झुकत। अरशद मदनी रविकेँ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जमीयत उलमा-ए-हिंदक कार्यसमितिक दू दिवसीय बैसारक घोषणापत्र जारी कयलनि। मदनी कहलनि, ‘देशक वर्तमान हालात, बढ़ैत सांप्रदायिकता, संवैधानिक संस्थाक चुप्पी, मुसलमान आ इस्लामी प्रतीकक खिलाफ बढ़ैत कदम आ नफरत आधारित राजनीति अत्यंत चिंताजनक अछि। हालांकि मुसलमान नहि कहियो झुकल अछि आ नहि कहियो झुकत। ओ प्रेमसँ झुकि सकैत अछि, मुदा ताकत, धमकी आ अत्याचारक सामने ओकरा कहियो नहि झुकाओल जा सकैत अछि।’
ओ कहलनि, सत्ता प्राप्तिक लेल अमन आ एकताक संग खतरनाक खिलवाड़ कयल जा रहल अछि, जकर परिणामस्वरूप धार्मिक उन्माद आ नफरत लगातार बढ़ि रहल अछि, जखनि कि कानूनक रखवाला मूकदर्शक बनल अछि। हालिया चुनावक बाद किछु राजनीतिज्ञमे नफरतक आधार पर सत्ता हासिल करबाक चलन आओर बढ़ि गेल अछि। बहुसंख्यक समुदायकेँ अल्पसंख्यकक विरुद्ध ठाढ़ करबाक लेल धार्मिक भावनाकेँ भड़काओल जा रहल अछि, जखनि कि सरकार भय आ धमकीसँ नहि बल्कि न्याय आ इंसाफसँ चलैत अछि।’
अरशद मदनी पश्चिम बंगालक मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारीक बयानकजिक्र कयलनि। मदनी कहलनि, ‘पश्चिम बंगालक नवनिर्वाचित मुख्यमंत्रीक इ बयान कि ओ ‘सिर्फ हिंदु लेल काज करताह’ संवैधानिक आ लोकतांत्रिक मूल्यक विरुद्ध अछि, कारण सभ मुख्यमंत्री शपथ ल कय सभ नागरिकक संग न्याय करबाक संकल्प लेत अछि। सत्तामे बैसल लोकक जिम्मेदारी सभ नागरिकक संवैधानिक अधिकारक रक्षा करबी अछि, नहि कि कोनो विशेष वर्गक खिलाफ नफरत आ विभाजनक राजनीति करब।’
मदनी ‘एक्स’ पोस्टमे कहलनि, ‘देशकेँ योजनाबद्ध तरीकासँ एक वैचारिक राष्ट्रमे बदलबाक कोशिश कयल जा रहल अछि। समान नागरिक संहिता, वंदे मातरमकेँ अनिवार्य बनेनाइ, मस्जिद आ मदरसाक खिलाफ कार्यवाही आ एसआईआर केर आड़मे वास्तविक नागरिककेँ मताधिकारसँ वंचित करब जँका कदम एही सिलसिलाक कड़ी अछि।’ मदनी कहलनि कि जमीयत उलमा-ए-हिंद एही सभ कदमक खिलाफ अपन कानूनी आ लोकतांत्रिक लड़ाई जारी राखत।
मदनी कहलनि कि पूर्ववर्ती सरकार सेहो मुसलमानकेँ सामाजिक, शैक्षिक, राजनीतिक आ आर्थिक रूपसँ नुकसान पहुंचेलक, मुदा आजुक हालात ओहिसँ बेसी गंभीर भ चुकल अछि। पहिने केवल मुसलमान निशाना पर छल। आब इस्लामकेँ सेहो निशाना बनाओल जा रहल अछि। ‘वर्ष 2014 केर बाद बनाओल गेल कानून आ हालिया कदमसँ इ बातक स्पष्ट प्रमाण अछि कि वर्तमान सरकार केवल मुसलमान नहि, बल्कि इस्लामकेँ सेहो नुकसान पहुंचाबय चाहैत अछि।’
जमीयत उलमा-ए-हिंद केर अध्यक्ष अपन पोस्टक आखिरमे लिखलनि, ‘हम सभ न्यायप्रिय दल, सामाजिक संगठन आ देशहितमे सोचय वला नागरिकसँ अपील करैत छि कि ओ एकजुट भ सांप्रदायिक आ फासीवादी ताकतक लोकतांत्रिक आ सामाजिक स्तर पर मुकाबला करय आ देशमे भाईचारा, सहिष्णुता, न्याय आ संविधानक सर्वोच्चताक लेल संयुक्त संघर्ष करय।’
