पटनाक विरासत भवन : दशा एवं दिशा” विषय पर इंटैक द्वारा परिचर्चाक आयोजन
पटना । समदिया

इन्टैक पटना चैप्टर एवं बिहार पुराविद् परिषद केर संयुक्त तत्वावधानमे शनि दिन 23 मईकें एक दिवसीय संगोष्ठीक आयोजन कएल जाएत। परिषदक महासचिव एवं संग्रहालय बिहारक पूर्व निदेशक डॉ. उमेश चन्द्र द्विवेदी बतौलन्हि कि शास्त्री नगर स्थित मनसा पूरण हनुमान मंदिर परिसरक कृष्ण नंदन सहाय भवनमे “पटना की विरासत भवन : दशा एवं दिशा” विषय पर विशेषज्ञ सभक द्वारा परिचर्चा कएल जाएत। डॉ. द्विवेदीक अनुसार हेरिटेज बिल्डिंग भारत केर प्रमुख सांस्कृतिक विरासत अछि जेकरा संरक्षित करबाक लेल सरकार एवं बुद्धिजीवी लोकनिकें सचेत हेबाक जरूरत छै।
इन्टैक बिहार स्टेट चैप्टर केर कन्वेनर भैरव लाल दासक अनुसार इन्टैक द्वारा पटनाक विरासत पटना कलम नामक पुस्तक केर विमोचन इन्टैक बिहार स्टेट केर पूर्व कन्वेनर एवं पूर्व आइ एफ एस अधिकारी प्रेम शरण द्वारा कएल जाएत। इन्टैक बिहार स्टेट केर को- कन्वेनर डॉ. शिव कुमार मिश्र बतौलन्हि कि बिहारक संस्कृति एवं इतिहासकें बचेबाक लेल पटनाक हेरिटेज बिल्डिंग सभकें संरक्षित केनाय आवश्यक अछि। पटना शहरक इतिहास करीब अढ़ाई हजार साल पुरान अछि आओर एहिठामक नगरीकरणक मौलिक साक्ष्य हेरिटेज बिल्डिंग अछि। ओ कहलन्हि कि मौर्य कालीन विरासत तs विश्व प्रसिद्ध अछिये मुदा मुगल, डच एवं औपनिवेशिक कालमे निर्मित भवन सभक महत्ता सेहो कम नहि अछि। धीरे-धीरे एकर क्षरण होइत जा रहल अछि जाहिसँ हमर सभ इतिहास मेटा रहल अछि। एकरा संरक्षित कएलासँ पर्यटनकें सेहो बढ़ावा भेटत।
एहि संगोष्ठीमे एन आई टी पटना केर हेरिटेज बिल्डिंग विशेषज्ञा डॉ. कामिनी सिन्हा, खुदा बख्श ओरियेंटल लाइब्रेरी केर पूर्व निदेशक डॉ. इम्तियाज अहमद, वरिष्ठ पत्रकार अरुण सिंह सहित अनेक विशेषज्ञकें आमंत्रित कएल गेल अछि। बैठकमे बिहार पुराविद् परिषदक अरविंद कुमार एवं हर्षवर्धन कुमार, मैथिली साहित्य संस्थानक कल्पना कुमारी द्वारा सेहो विचार राखल गेल।
