राजनीति

बंगालक नव राजनीतिक पार्टी संसदक मानसून सत्रमे कय सकैत अछि प्रवेश, फ्लोर लीडरक भेल चुनाव

नई दिल्ली।  समदिया

नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) बुधदिन सोशल मीडिया पर कतेको पोस्टक माध्यमसँ अपन संसदीय पार्टीक नेताकेँ बधाई देलक अछि। हाल केर महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रमक बाद पार्टी लोकसभामे अपनाकेँ एगो प्रमुख शक्तिक रूपमे स्थापित करय केर दावा कयलक। एहिसँ पहिने पार्टी सुदीप बंद्योपाध्यायकेँ लोकसभामे अपन फ्लोर लीडर, शताब्दी रॉयकेँ उपनेता आ काकोली घोष दस्तीदारकेँ मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) नियुक्त कयने छल। दल बदल केर बाद सुदीप बंद्योपाध्याय कहने छलथि कि आब ओ संसदमे ‘असली तृणमूल’ केर प्रतिनिधित्व करताह। ओ कहलनि कि एकर शुरुआत 20 जुलाईसँ शुरू होय वला मानसून सत्रसँ होयत।

जनतब दी कि अखनि धरि बेसी चर्चामे नहि रहय वला एनसीपीआई एक्कौटा लोकसभा चुनाव नहि लड़ल अछि, मुदा पिछला महीना ओ अचानक राष्ट्रीय स्तर पर चर्चामे आयल। एही कारणसँ तृणमूल कांग्रेसक 20 बागी सांसद एनसीपीआईमे विलय केर घोषणा कय देलक।

कोलकाता स्थित मुख्यालय वला ई पार्टी 2023 मे त्रिपुरा विधानसभा चुनाव सेहो लड़ल छल, जतय ओकरा कुल 822 वोट भेटल छल।

लोकसभामे तृणमूलक बागी सांसदकेँ शामिल होय केर बाद एनसीपीआई आब सदनक पांचवीं सबसँ पैघ पार्टी आ सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) केर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) केर बाद दोसर सबसँ पैघ सहयोगी पार्टी बनय केर दावा कय रहल अछि।

एनडीए केर अन्य प्रमुख सहयोगीमे आंध्र प्रदेशक तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) केर 16 आ बिहारक जनता दल (यूनाइटेड) केर 12 सांसद अछि। एनसीपीआईमे शामिल सांसद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरलाकेँ पत्र लिखिकय अपन नव संसदीय पार्टीकेँ मान्यता देबाक मांग कएलक अछि। संगही ओ एनडीएकेँ समर्थन देबाक सेहो घोषणा कएलक अछि, जे तृणमूल कांग्रेसकेँ पहिने केर रुखसँ अलग अछि।

हालांकि, विशेषज्ञक बीच एही बात पर मतभेद अछि जे कि ई कदम दल-बदल विरोधी कानूनक तहत एही सांसदकेँ अयोग्यतासँ बचा सकैत अछि। किछु राजनीतिक विश्लेषक एकरा ‘शेल पार्टी’ केर रणनीति बतौलनि अछि, जाहिमे एक छोट आ लगभग अज्ञात पार्टीक इस्तेमाल राजनीतिक आ कानूनी सुरक्षा पाबय लेल कयल जायत अछि।

ओतय, बागी सांसदक कहब अछि कि हुनका संविधानक दसवीं अनुसूचीक पैरा-4 केर तहत सुरक्षा भेटल अछि। एही प्रावधानक अनुसार, जँ कोनो पार्टीकेँ दू-तिहाई विधायक वा सांसद विलय केर पक्षमे होय तँ हुनका दल-बदल केर आधार पर अयोग्य नहि ठहराओल जा सकैत अछि।

हालांकि, अखनि धरि लोकसभा अध्यक्ष एही नव समूहकेँ आधिकारिक मान्यता नहि देलनि अछि। लोकसभाक आधिकारिक वेबसाइट पर अखनि धरि तृणमूल कांग्रेसक 28 सांसद दर्ज अछि। एनसीपीआईमे शामिल सांसदकेँ भरोसा अछि कि जांचक बाद हुनका मान्यता भेंट जायत। ओ रविदिन अपन नव संसदीय पार्टीक बैसार बजौलनि।

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