ई 20 पेट्रोल वैज्ञानिक परीक्षणक बादे भेल लागू , पुरानो वाहनसभ पर कोनो पैघ नकारात्मक असरि नहि भेटल : सरकार
नई दिल्ली । समदिया

केन्द्र सरकार बृहस्पतिकेँ संसदमे स्पष्ट कएलक जे देशभरिमे एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ई20) केँ चरणबद्ध ढंगसँ लागू करबाक पहिने व्यापक वैज्ञानिक परीक्षण, फील्ड ट्रायल आ सभ सम्बद्ध पक्षसँ विस्तृत परामर्श कएल गेल छल। सरकारक अनुसार, निर्धारित मानकक अनुरूप ई20 पेट्रोल पुरान आ नव दुनू तरहक वाहनसभ लेल सुरक्षित अछि।
लोकसभामे एकटा लिखित प्रश्नक उत्तर दैत पेट्रोलियम आ प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री सुरेश गोपी कहलनि जे एथेनॉल ब्लेण्डेड पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम नीति आयोग, ऑटोमोबाइल कम्पनीसभ, ऑयल मार्केटिंग कम्पनी (ओएमसी), ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई), सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (एसआईएएम), इंडियन इन्स्टिच्युट ऑफ पेट्रोलियम (आईआईपी) आ अन्य तकनीकी संस्थानसभक संग वैज्ञानिक आ परामर्श आधारित प्रक्रियाक बाद लागू कएल गेल।
मंत्री जानकारी देलनि जे ई20 ईंधन लागू करबाक पहिने एआरएआई, एसआईएएम, इंडियन ऑयल (आईओसीएल), आईआईपी आ वाहन निर्माता कम्पनीसभ व्यापक प्रयोगशाला परीक्षण आ वास्तविक परिस्थिति आधारित फील्ड ट्रायल कएने छल।
एहि परीक्षणसभमे इंजनक मजबूती, ड्राइविंग प्रदर्शन, स्टार्ट होएबाक क्षमता, जंग-प्रतिरोधक क्षमता, विभिन्न पुर्जासभक अनुकूलता, उत्सर्जन आ ईंधन दक्षता जेकाँ सभ महत्वपूर्ण पक्षक जाँच कएल गेल। सरकारक अनुसार, एहि सभ अध्ययनमे पुष्टि भेल जे निर्धारित मानकक तहत ई20 पेट्रोलक उपयोग पूर्ण रूपेँ सुरक्षित अछि।
सरकार कहलनि जे परीक्षणसभमे ईहो स्पष्ट भेल जे पुरान वाहनसभक प्रदर्शनमे कोनो उल्लेखनीय कमी नहि आयल आ ने इंजन अथवा अन्य पुर्जामे असामान्य घिसावट देखल गेल। व्यापक प्रयोगशाला परीक्षण, फील्ड ट्रायल आ वास्तविक उपयोगक अनुभवमे सेहो ई20 ईंधनक कारण वाहन प्रदर्शन पर कोनो पैघ नकारात्मक प्रभावक प्रमाण नहि भेटल।
सरकारक अनुसार, भारतमे प्रतिदिन लगभग 8 करोड़ वाहन पेट्रोल पम्प पर ईंधन भरबैत अछि, जाहिमे लगभग 80 प्रतिशत पेट्रोल वाहन अछि। देशमे बितल साढ़े तीन वर्षसँ ई15+ मिश्रित पेट्रोल आ करीब ढाई वर्षसँ ई19-ई20 पेट्रोलक व्यापक उपयोग भऽ रहल अछि।
एहि अवधिमे 20 करोड़सँ बेसी दुपहिया वाहन आ 3 करोड़सँ अधिक पेट्रोल कार एहि मिश्रित ईंधन पर चलल अछि, मुदा एथेनॉल मिश्रणक कारण इंजन खराब होएबाक अथवा पैघ स्तर पर वाहन खराब होएबाक कोनो सत्यापित मामिला सामने नहि आयल अछि।
सरकार कहलनि जे वाहन निर्माता कम्पनीसभक सर्विस डाटासँ सेहो पुष्टि होइत अछि जे ई20 ईंधनक कारण नहिं असामान्य जंग लागैत अछि आ ने पुर्जासभक आयु कम होइत अछि। सभ प्रमुख वाहन निर्माता कम्पनी ई20 ईंधन उपयोग करएवला वाहनसभ पर वारंटी सेहो दऽ रहल अछि, जेकरा सरकार एकर सुरक्षा आ विश्वसनीयताक प्रमाण मानैत अछि।
एकटा प्रमुख वाहन निर्माता कम्पनी वित्तीय वर्ष 2025-26 मे 2.84 करोड़ वाहनक सर्विसिंग कएलक, जाहिमे लगभग 1.5 करोड़ एहेन वाहन छल जे मूल रूपसँ ई20 लेल प्रमाणित नहि छल। कम्पनीक अनुसार, एहि वाहनसभमे ई20क कारण जंग, असामान्य घिसावट अथवा पुर्जाक आयु कम होएबाक कोनो शिकायत दर्ज नहि भेल।
एहिना, एकटा प्रमुख दुपहिया वाहन निर्माता कम्पनी सेहो समान अनुभव साझा कएलक। दोसर वाहन निर्माता कम्पनीक अनुसार, दीर्घकाल धरि ई20 ईंधन पर चलल 1.4 करोड़ वाहनक अध्ययनमे सेहो एथेनॉलक कारण जंग लागबाक कोनो प्रमाण नहि भेटल।
सरकार कहलनि जे ई20 ईंधन लागू करबाक सम्पूर्ण प्रक्रियामे ऑटोमोबाइल कम्पनीसभ, ऑटो पार्ट्स निर्माता, एसआईएएम, एआरएआई, परीक्षण एजेन्सीसभ आ ऑयल मार्केटिंग कम्पनीसभ प्रत्येक चरणमे सहभागी रहल। ईंधन प्रणाली, इंजनक मजबूती, ड्राइविंग प्रदर्शन, विभिन्न सामग्रीक अनुकूलता आ उत्सर्जनसँ जुड़ल सभ परीक्षण सफल होएबाक बादे ई20 केँ चरणबद्ध रूपसँ लागू कएल गेल।
राज्यमंत्री सुरेश गोपी कहलनि जे जँ वाहन निर्माता कम्पनीसभ परीक्षणक परिणामसँ सन्तुष्ट नहि रहितथि, तँ ओ पुरान वाहनसभ लेल ई20 केँ मंजूरी नहि दितथि आ ने एहि तरहक वाहनसभ पर वारंटी जारी रखितथि।
एसआईएएम आ एआरएआईक अनुसार, ई20 ईंधनसँ वाहनक एक्सेलेरेशन आ राइड क्वालिटीमे सुधार होइत अछि, जखन कि कार्बन उत्सर्जनमे कमी आबैत अछि।
सरकारक अनुसार, एथेनॉलक ऑक्टेन नम्बर बेसी होएबाक कारण आधुनिक हाई-कम्प्रेशन इंजनसभ बेहतर प्रदर्शन करैत अछि। एकरे संग एथेनॉलक ऊष्मा अवशोषण क्षमता अधिक होएबाक कारण ईंधनक दहन बेसी प्रभावी होइत अछि, जाहिसँ इंजनक कार्यक्षमतामे सेहो सुधार होइत अछि।
