राजनीति

आनंद मोहनक रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट चिंता व्यक्त कयलक

नई दिल्ली। समदिया

पूर्व सांसद आनंद मोहनक समयसँ पहिने रिहाईकेँ चुनौती देबय वला याचिकाकेँ ल कय सुप्रीम कोर्टमे बृहस्पतिकेँ जोरदार सुनवाई भेल। मामिलाक सुनवाईक बाद सुप्रीम कोर्ट फिलहाल अपन फैसला सुरक्षित कय लेलक अछि। ई मामिला 2023मे बिहार सरकार द्वारा जेलक नियममे कयल गेल संशोधन आरू बादमे ओ बदलावक आधार पर देल गेल रिहाईसँ संबंधित अछि।

न्यायमूर्ति दीपंकर दत्ता आ न्यायमूर्ति शील नागुक पीठ याचिकाकर्ता (उमा कृष्णैया), बिहार सरकार, आनंद मोहन आ राज्य केर सजा छूट बोर्डक प्रतिनिधित्व करय वला अधिवक्ताक तर्क सुनलक। सुनवाईक दौरान कोर्ट एहि मामिलाक विभिन्न कानूनी पहलू आ राज्य सरकारक फैसलाक आधारक संबंधमे विस्तृत सवाल पूछलक।

कार्यवाहीक दौरान सुप्रीम कोर्ट ई जानय केर कोशिश कयलक जे अपन कर्तव्यक निर्वहन करय वला लोकसेवकक हत्याक “दुर्लभतम” मामिलाक श्रेणीमे किएक नहिं मानल जाइत अछि। एहि मुद्दा पर गंभीर चिंता व्यक्त करैत पीठ टिप्पणी कयलक जे एहन व्याख्या समाज कय गलत संदेश द सकैत अछि आ सरकारी कर्मचारीक खिलाफ अपराध करय वलाकेँ हिम्मत द सकैत अछि।

कोर्ट मौखिक अवलोकनमे कहलक कि जँ एहन मामिलामे नम्रताक संदेश निकली जायत अछि तँ ई आभास पैदा कय सकत अछि कि दोषी कोनो सरकारी अधिकारीक मारलाक बाद सेहो राहत पाबि सकैत अछि।

जनतब दी जे एहि मामिलामे मुजफ्फरपुरक निचला अदालत आनंद मोहनकेँ 5 अक्टूबर 2007 कए फांसीक सजा सुनौने छल, बादमे 10 दिसंबर 2008 केँ पटना हाईकोर्ट एहि सजाकेँ कठोर आजीवन कारावासमे बदलि देलक। 2012मे सुप्रीम कोर्ट हाईकोर्टक फैसलाकेँ सही ठहरौलक।

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