सिंधु जल विवादमे पाकिस्तानकेँ लेल झटका, भारतक बिल चूका रहल
नई दिल्ली। समदिया

पाकिस्तान सिंधु जल संधि विवादकेँ अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थतामे ल कय भारत पर दबाव बनाबय केर कोशिश कयने छल, मुदा ई कदम आब उल्टा-पुल्टा भ गेल अछि। इकोनॉमिक टाइम्स केर एगो रिपोर्टक अनुसार भारतक मध्यस्थता केर कार्यवाहीसँ अलग भ आ प्रभावी ढंगसँ संधि पर रोक लगाबय केर फैसलाक बाद पाकिस्तानक मध्यस्थताक लागतमे नहि सिर्फ अपन हिस्सा बल्कि भारत केर हिस्सा सेहो वहन कय रहल अछि। इस्लामाबादमे छह लाख डॉलरसँ बेसी खर्च भ चुकल अछि, आओर मामिला बढ़ला पर इ राशि बढ़बाक संभावना अछि।
सिंधु जल संधिके तहत भारत आ पाकिस्तानक मध्यस्थताक कार्यवाही केर लागतमे बराबर हिस्सा लेबाक जरूरी अछि। मुदा अप्रैल 2025 मे पहलगाम आतंकी हमलाक बाद भारत एही प्रक्रियामे अपन भागीदारी निलंबित कय देलक। नई दिल्ली साफ-साफ कहलक जे जा धरि पाकिस्तान सीमा पारसँ आतंकवादक खिलाफ विश्वसनीय आ अपरिवर्तनीय कार्यवाही नहि करत, सिन्धु जल संधि निलंबित रहत। भारत केर फैसलाक बावजूद पाकिस्तान मध्यस्थताक कार्यवाही जारी रखलक आ रिपोर्टक अनुसार आब ई दूनू राष्ट्र केर लागतकेँ पूरा कय रहल अछि।
ई पूरा विवाद भारत केर किशनगंगा आ रतले जलविद्युत परियोजना पर केन्द्रित अछि, जकर निर्माण सिंधु जल संधिमे शामिल पश्चिमी नदी पर कयल जा रहल अछि। पाकिस्तानक आरोप अछि कि ई परियोजना संधिक प्रावधानक उल्लंघन करैत अछि। एहि आधार पर ओ मामिलाकेँ स्थायी मध्यस्थता अदालत (पीसीए)मे ल गेल। दोसर दिस भारतक कहब अछि जे एही तकनीकी विवादक समाधान मध्यस्थता न्यायाधिकरणक बजाय ‘तटस्थ विशेषज्ञ’ केर माध्यमसँ कयल जाय। भारतक ई तर्क सेहो अछि कि एही संधिक तहत विवाद-निराकरण दूनू एक संग नहि चलि सकैत अछि।
