बलिराजगढ़मे बौद्ध कालीन मिथिला नगर भेटय केर संभावना
पटना । समदिया

पुरातत्वविद सभक द्वारा बलिराजगढ़ केर उत्खनन कार्यक अवलोकन कएल गेल। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, भोपालक वरिष्ठ पुरातत्वविद डॉ. जलज कुमार तिवारी द्वारा नालंदा अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय केर उपस्थित छात्र-छात्रा सभकें पुरातात्विक उत्खननक व्यावहारिक बारीकीक विषयमे जानकारी प्रदान कएल गेल। उत्खननक समय समुचित प्रलेखन, फोटोग्राफी,माप,लेयर निर्धारण, पुरावशेषक समुचित रखरखाव आदिक विषयमे डॉ. तिवारी द्वारा विस्तार सs जानकारी प्रदान कएल गेलै। उपस्थित छात्र-छात्रा सभक द्वारा उत्खनन सs संबंधित पूछल गेल प्रश्न सभक समुचित जवाब देल गेलै। इन्टैक बिहार चैप्टर केर को- कन्वेनर डॉ. शिव कुमार मिश्र बतौलन्हि कि बौद्ध साहित्य महाउम्मग्ग जातकमे मिथिला नगरक विषयमे कहल गेल अछि कि नगरक चारू दिशि चारिटा प्रवेश द्वार छल जतय बाजारो रहय आ जेकरा यवमज्झक कहल जाइत छल। नगरक चारू प्रवेश द्वार एवं नगरक मध्यमे पाँचटा भिक्षा गृह बनाओल गेल छल। राजा ऊपरका महलमे रहैत छलाह जाहिमे पूरबसँ हवा एबाक लेल खिड़की बनल छल। डॉ. मिश्रक अनुसार उत्खननमे एतयसँ दोसर शताब्दीक पुरावशेष एवं नगरीय सभ्यताक साक्ष्य भेटैत रहल छै। दरभंगा जिलाक कोठराडीह एवं बलिराजगढ़सँ शुंग कालीन रिंग वेल सेहो भेटल अछि।
डॉ. मिश्र बतौलन्हि कि बलिराजगढ़ केर चारू प्रवेश द्वार एवं संपूर्ण पुरास्थलक उत्खनन करेबाक जरूरत छै। तेकर बादहि कोनो निष्कर्ष निकालल जा सकैत अछि। बापू टावर पटना केर उप निदेशक ललित कुमार सिंह द्वारा पुरातात्विक उत्खनन केर दौरान अपनाओल जाए वला तकनीकक विषयमे जानकारी देल गेल। लखनदेई बचाओ अभियान समिति, सीतामढ़ीक अध्यक्ष राम शरण अग्रवाल बौद्ध साहित्यक अध्ययन करय आओर वैशाली केर पुरातात्विक स्थल सँ प्राप्त पुरावशेष सभक अवलोकन करबाक सुझाव देलन्हि। बौद्ध साहित्यक विशेषज्ञ अग्रवाल द्वारा बलिराजगढ़ केर पुरातात्विक उत्खनन करेबाक निमित्त कतोक बेर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षणक उच्चाधिकारी सभकें चिट्ठी लिखकs निवेदन कएल गेल छै। एहि लेल डॉ. मिश्र द्वारा अग्रवालकें आभार व्यक्त कएल गेलन्हि।
