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म्यांमारक राष्ट्रपति आइ भारत पहुंचताह, व्यापार आ सीमा सुरक्षा पर होयत महत्वपूर्ण चर्चा

नई दिल्ली। समदिया

म्यांमारक राष्ट्रपति आइ 30 मईकेँ चारि दिनक आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंच रहल छथि। विदेश मंत्रालय एही यात्राकेँ भारत-म्यांमार संबंध लेल अत्यंत महत्वपूर्ण बतैलक। विदेश मंत्रालयक प्रवक्ता रणधीर जायसवालक कहनाय छलनि जे राष्ट्रपति 2 जून धरि भारतमे रहताह आओर दिल्ली, बोधगया आ मुंबई केर दौरा करताह। एही दौरान हुनक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीक संग एगो प्रमुख बैसार होयत, जाहिमे दूनू देशक बीच सामरिक, आर्थिक आ सांस्कृतिक संबंधकेँ आओर मजबूत करय पर चर्चा कयल जायत। ई यात्रा एहन समयमे भ रहल अछि जखनि भारत अपन पूर्वोत्तर क्षेत्रक सुरक्षा, सीमा संपर्क आ एक्ट ईस्ट नीतिकेँ मजबूत करय केर कोशिश कय रहल अछि। म्यांमारकेँ भारत लेल पड़ोसी देश नहि बल्कि दक्षिण पूर्व एशिया केर एगो महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार सेहो मानल जायत अछि।

विदेश मंत्रालय साफ तौर पर कहलक कि सीमा सुरक्षा, कनेक्टिविटी, व्यापार आ दुनू देशक बीच सभ्यता संबंधसँ जुड़ल सब मुद्दा पर चर्चा कयल जायत। भारत आ म्यांमारक सीमा लगभग 1600 किलोमीटर अछि। पूर्वोत्तर भारतक सुरक्षा आ विद्रोह विरोधी अभियानमे म्यांमारक भूमिका बहुत महत्वपूर्ण मानल जाय त अछि। एकर अलावा दूनू देशक बीच सड़क, बंदरगाह आ व्यापारिक संपर्क बढ़ाबय लेल कतेको परियोजना चलाओल जा रहल अछि। भारत म्यांमारकेँ माध्यमसँ दक्षिण पूर्व एशियाई देश धरि आर्थिक पहुँचकेँ मजबूत करय केर प्रयास कय रहल अछि। विदेश मंत्रालय कहलक कि दुनू देश अपन लंबा समयसँ चलय वला, ऐतिहासिक आ मैत्रीपूर्ण संबंधकेँ आगू बढ़ाबै लेल प्रतिबद्ध अछि। एहि यात्रामे व्यापार आ निवेश बढ़ेबा पर सेहो विशेष जोर देल जाएत।

म्यांमारक राष्ट्रपतिक यात्राक दौरान व्यापारिक बैसारकेँ सेहो विशेष महत्व देल गेल अछि। राष्ट्रपति मुंबईमे उद्योग प्रतिनिधिसँ भेंट करताह। मानल जा रहल अछि जे भारत म्यांमारमे बुनियादी ढाँचा, ऊर्जा आ कनेक्टिविटी परियोजनामे निवेश बढ़ाबय केर रणनीति अपना सकैत अछि। विदेश मंत्रालयक अनुसार दुनु देश आर्थिक संबंधकेँ ऊंचाई देबाक कोशिश कय रहल अछि। भारत म्यांमारमे पहिनेसँ कतेको विकास परियोजना पर सहयोग कय रहल अछि। मानल जा रहल अछि कि चीन केर बढ़ैत प्रभावक बीच भारत क्षेत्रीय संतुलन बनाबय लेल म्यांमारक संग अपन संबंधकेँ आओर मजबूत करय चाहैत अछि।

विदेश मंत्रालयक प्रवक्तासँ म्यांमार केर शरणार्थीक प्रस्तावित विरोध प्रदर्शनक बारेमे सेहो पूछल गेल। विदेश मंत्रालय एही मुद्दा पर सीधा-सीधा टिप्पणी नहि कयलक, मुदा एही बातकेँ स्पष्ट कयलक कि ई एगो आधिकारिक यात्रा अछि आ भारत म्यांमारक राष्ट्रपतिक स्वागत करय लेल तैयार अछि। भारत ई संदेश दै केर कोशिश कय रहल अछि कि दुनू देशक बीच संबंध कोनो भी एक मुद्दा धरि सीमित नहि अछि, बल्कि सामरिक, सांस्कृतिक आ आर्थिक साझेदारी पर आधारित अछि। बोध गया यात्राकेँ सेहो एही सांस्कृतिक संबंधक हिस्सा मानल जायत अछि, कारण बौद्ध धर्म दूनू देशक बीच एगो मजबूत कड़ी अछि।

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