राजनीति

बिहारक महाधिवक्ता देलनि पदसँ इस्तीफा

पटना। समदिया

बिहार सरकारक लंबा समयसँ महाधिवक्ता आ पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमारक करीबी सहयोगी प्रशांत कुमार शाही इस्तीफा द देलनि अछि। ओ महाधिवक्ता पदसँ इस्तीफा द देलथि। पिछला तीन सालसँ ओ कोर्टमे बिहार सरकारक प्रतिनिधित्व कय रहल छलाह। एहिसँ पूर्व ओ 2005 सँ ​​2010 धरि बिहार सरकारक महाधिवक्ताक रूपमे काज कयलनि। बादमे तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमारक सरकारमे शिक्षा मंत्री नियुक्त भेलाह। पर्यावरण, वन आ योजना विभागक जिम्मेदारी सेहो हुनका पर छलनि। संगहि नीतीश कुमार हुनका 2013 केर उपचुनावमे महाराजगंज लोकसभा सीटसँ उतारलथि, हालांकि ओ राजद उम्मीदवारसँ हारल छलाह।

कहल जा रहल अछि जे पीके शाही कतेको पैघ मामिलामे सरकार लेल जीत हासिल कयलथि। संगहि, ओ अनेक संवैधानिक, प्रशासनिक आ नीतिगत मामिलामे सरकारक नेतृत्व कयलनि। नीतीश कुमारक इस्तीफा आओर सम्राट चौधरीकेँ मुख्यमंत्री पद पर नियुक्तिक बाद अटकलबाजी चलि रहल छल जे पीके शाहीकेँ जगह सरकार ककरो आओरकेँ महाधिवक्ताक रूपमे नियुक्त करय चाहैत अछि। जनसुराज छोड़निहार वाई.वी.गिरीक नाम सबसँ बेसी चर्चामे अछि। बिहारमे ओ सेहो जानल-मानल वकील छथि। ओना दिल्लीमे रहय वला आओर एखन विदेश यात्रा करय वला एकटा वरिष्ठ अधिवक्ताकेँ बिहारक महाधिवक्ताक रूपमे नियुक्त करय केर सेहो चर्चा भ रहल अछि। किछु लोक इहो कहि रहल छथि जे भाजपा ओबीसी कोटासँ वरिष्ठ वकीलक नियुक्तिक तैयारीमे अछि।

जनतब दी जे 3 जुलाई 1955 केँ जन्म भेल प्रशांत कुमार शाही 1979मे बनारस हिन्दू विश्वविद्यालयसँ कानूनक डिग्री प्राप्त कयलनि। तकर बाद ओ पटना हाईकोर्टमे प्रैक्टिस करय लगलाह। 1990मे 35 सालक उम्रमे हाईकोर्टक लोक अभियोजक नियुक्त भेलाह। 2005मे नीतीश कुमार एनडीएक नेतृत्वमे मुख्यमंत्रीक पद ग्रहण कयलनि। एकर बाद पीके शाहीकेँ बिहारक महाधिवक्ता नियुक्त कयल गेल।

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