तीर्थ-पर्यटनविकास

ग्रामीण अर्थव्यवस्था आ रोजगार लेल इको टूरिज्मकेँ भेटत बढ़ावा, 29टा बांध आ 247टा पोखरि पर्यटन केंद्र बनत

पटना। समदिया

बिहार सरकार इको टूरिज्मकेँ बढ़ावा देबा लेल 29टा पैघ बांध आ 247टा पोखरि कय पर्यटन केंद्र बनेबाक योजना बनेलक अछि। निवेशककेँ आमंत्रित कय सरकार केर लक्ष्य अछि कि रोजगार, ग्रामीण विकास आ पर्यटनकेँ ताजा गति प्रदान कयल जाय।

बिहार सरकार पर्यटन क्षेत्रमे राज्यक प्राकृतिक संसाधनक ​​लेल एकटा नव पहिचान स्थापित करबाक दिशामे एकटा महत्वपूर्ण कदम उठेलक अछि। सोमदिन पर्यावरण, वन आ जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा आयोजित ‘इको-टूरिज्म इन्वेस्टर्स मीट’ केर दौरान निवेशककेँ राज्यक बांध, पोखरी आ अन्य प्राकृतिक स्थलक विकासमे निवेश करय लेल आमंत्रित कयल गेल। सरकारक दावा अछि कि एही पहलसँ पर्यटनकेँ बढ़ावा भेटत, स्थानीय रोजगार केर नव अवसर पैदा होयत आ ग्रामीण अर्थव्यवस्थाकेँ मजबूत कयल जायत।

कार्यक्रमक उद्घाटन विभागक मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद आ अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर कयलनि। सभाकेँ संबोधित करैत मंत्री निवेशककेँ आश्वासन देलथि जे बिहार विकासक बाट पर तेजीसँ आगू बढ़ि रहल अछि आ एहि यात्रामे निजी निवेशकक अहम भूमिका होयत। ओ कहला जे निवेशककेँ कोनो चरणमे कोनो दिक्कत नहि होएत आ सरकार हर संभव सहयोग देत।

अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर बतौलनि जे राज्यमे इको टूरिज्म परियोजनाकेँ दू चरणमे विकसित कयल जाएत। पहिल चरणमे बिहारमे 29टा पैघ बांध केँ विश्वस्तरीय इको-टूरिज्म सेंटरमे विकसित कयल जाएत। दोसर चरणमे ब्लॉक स्तर पर पैघ पोखरि आ जल निकाय केर आधुनिक सुविधासँ लैस पर्यटन स्थल विकसित कयल जाएत, जाहिसँ ग्रामीण क्षेत्रमे सेहो पर्यटन गतिविधिकेँ बढ़ावा भेटत।

ओ उल्लेख कयलनि जे विभिन्न परियोजना लेल निवेशकसँ ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ (ईओआई) आमंत्रित कयल गेल अछि। प्रत्येक परियोजनाक लेल एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट आमंत्रित कयल गेल अछि। प्रत्येक परियोजनाक अलग डिजाइन तैयार कयल जायत आ वायबिलिटी गैप फंडिंग मॉडल केर तहत विकास होयत। जेना कि जँग कोनो परियोजना पर ₹20 करोड़ लागत अछि तँ ओहि निवेशककेँ प्राथमिकता देल जाएत जाहिमे सरकारसँ कमसँ कम आर्थिक मदति केर जरूरत होएत। एकर अलावा निवेश प्रक्रियाकेँ सुव्यवस्थित करय लेल नियमकेँ सरल बनाओल जायत। प्रधान मुख्य वन-संरक्षक (पीसीसीएफ) अरविंदर सिंह कहलनि कि नालंदा, नवादा, मुंगेर आ कुशेश्वरस्थान सहित कतेको क्षेत्र लेल प्रमुख इको-टूरिज्म परियोजना प्रस्तावित कयल गेल अछि। एहि परियोजनाकेँ 30 सालक पट्टाक तहत विकसित कयल जाएत। ओ उल्लेख कयलनि जे, राज्यमे 29टा पैघ बांधक अलावा 247टा पोखरि आ जल निकायकेँ सेहो आधुनिक पर्यटन सुविधासँ लैस कयल जाएत ताकि ओकरा आकर्षक पर्यटन स्थलमे बदलल जा सकए।

सरकार क मानब अछि जे एहि परियोजना कए लागू करबा स बिहार क पर्यटन क्षेत्र कए एकटा नव पहचान भेटत आ स्थानीय युवा कए रोजगार क ताजा अवसर पैदा होएत। होटल, होम-स्टे, नौकायन, एडवेंचर स्पोर्ट्स, स्थानीय हस्तशिल्प, आ पारंपरिक व्यंजन जैना क्षेत्रक कें नव बाजारक कें पहुंच भेटतय, जेकरा सं ग्रामीण क्षेत्रक मे विकास कें एकटा नव लहर आबि जेतय.

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