मैपुप्र फोरम

आठम ऑनलाइन चर्चा-परिचर्चामे ‘जनगणनामे मैथिली हेतु मिथिलावासीक समवेत प्रयास’ लेल दिशानिर्देश

संयोजक एवं प्रस्तोता धर्मेन्द्र कुमार झा’क संग प्रसिद्ध अभिनेता, निर्माता निर्देशक  विकास झा (मधुर मैथिली), अभिनेता राजीव सिंह (गजराज – सस्ता जिनगी महग सिन्नुर), मैथिली आ हिंदी सिनेमाक जानल – मानल अभिनेता राहुल सिन्हा आ मैथिली अभियानी, फिल्म निर्माता – निर्देशक संतोष कुमार झा (मैथिली फिल्म) केर उपयोगी विमर्श

निज समदिया

मैथिल पुनर्जागरण प्रकाशक ऑनलाइन चर्चा-परिचर्चा’क आठम एपिसोडमे, जनगणनामे मैथिली हेतु समस्त मिथिलावासीक समवेत प्रयास, पर विस्तृत चर्चा-परिचर्चा भेल आ अनेक दिशानिर्देश निकलल। प्राथमिक वर्गमे मैथिली माध्यमसँ पढ़ौनी, मैथिली भाषाकेँ शास्त्रीय भाषाक दर्जा भेटए, जनगणनामे आम जनमानस मैथिलीकेँ अप्पन मातृभाषाक रूपमें लिखाबय, एहि लेल मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश फोरम एकटा मुहीम चला रहल अछि। ऑनलाइन चर्चा – परिचर्चाके माध्यमे अनेको विद्वान आ बुद्धिजीवी लोकक मत लेल जा रहल अछि।

सहभागीगणकेँ स्वागत करैत ‘मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश’क प्रबंध संपादक प्रस्तोता धर्मेन्द्र कुमार झा विषय प्रवेश करौलनि आ सहभागीगणसँ प्रकाश एवं मार्गदर्शन लेल कहलनि।

कार्यक्रममे अपन विचार राखैत विकास झा कहलनि कि, भाषाक शैलीमे स्थानक दुरीक किछु अंतराल पर किछु अंतर संभव अछि, मुदा मूल भाषा सभ मैथिलीए कहेतै। ओ अप्पन अनुभवक आधार पर बहुत रास नीक – नीक सुझाव रखलनि जे मैथिली भाषाक प्रति लोककेँ जागरूक करबामे निश्चित रूपसँ सहायक सिद्ध भ’ सकैत अछि। प्रसिद्ध मैथिली वेब सीरीज “नुनरोटी” केर निर्माणक क्रममे विकास झा अप्पन टीमक संग मिथिलाक प्रायः हर क्षेत्रक भ्रमण कएलनि। आ ओहि अनुभवक आधार पर विकास बहुत रास धरातलीय चिंता पर प्रकाश देलनि। ओ धरातलक बहुत रास भागमे मैथिली भाषाक प्रति लोकक अरुचि बताबैत कहलनि, स्थिति विकट अछि, आ एहि लेल नियमित रूपसँ जनजागरण अभियानक दरकार अछि। आ एहि तरहक कार्यक्रम लेल मैथिली उद्यमी लोकनि आगू आबि अप्पन सहभागिता प्रदान करथि त’ मिथिलाक हर क्षेत्र धरि पहुँचि क’ लोककेँ जागरूक कएल जा सकैत अछि। मुदा मैथिली भाषाके प्रति मैथिलक उदासीनता चिंताजनक अछि। तथापि ऑनलाइन आ भाषायी विषय वस्तुक संग ओ अप्पन भूमिकाक निर्वाह करताह, एहि तरहक उत्साहवर्धक वक्तव्यक संग विकास अप्पन विचार व्यक्त कएलनि।

प्रस्तोता धर्मेंद्र झा केर प्रश्न, जे मैथिली आ मिथिला लेल कार्य करब प्रत्येक मैथिलक कर्तव्य अछि, आ एहि बेरक जनगणनामे हर मैथिल अप्पन मातृभाषाक कॉलम में मैथिली लिखाबथि, ताहि लेल मैथिली सिनेमासँ संबंधित लोक कतेक कारगर भ’ सकैत छथि ? एहि प्रश्न पर मैथिली सिनेमाक प्रसिद्ध अभिनेता  राजीव सिंह कहलनि कि, मिथिला क्षेत्रमे मैथिली भाषाक प्रति लोकक उदासीनता मैथिली भाषाक लेल घातक सिद्ध भेल अछि। अप्पन वक्तव्यमे ओ आगू कहलनि कि, “हमर मिथिला महान अछि, हमर सभ्यता आ संस्कृति समृद्ध अछि आ इएह गप्प हमरा सभकेँ नेनपनेसँ सिखाओल जाइत अछि, जहन कि, एखनहुँ मिथिला क्षेत्र कटल, छंटल आ बँटल अछि, अनेको क्षेत्रमे बहुत रास कार्य होयब बांकी अछि। त’ आपसमे वैमनस्व त्यागि जौं हम सभ एकजुट रही त’ हर कार्य संभव अछि। साहित्य, कलासँ सिनेमा धरि भेदभावपूर्ण व्यवहार होइत अछि जे घातक अछि। मैथिली सिनेमाक पैघ इतिहास रहल अछि, मुदा एखनहुँ सिने उद्योग स्थापित नहि भ’ सकल अछि, त’ जौं हमरा सभ एकजुटताक परिचय दैत अप्पन मातृभाषाक प्रति स्नेह उजागर करी त’ हमर सभक संख्या मजगूत स्थितिमे भ’ सकैत अछि। भाषा जखनहि सशक्त होयत त’ हर चीज स्वतः सुलभ भ’ जायत।

कार्यक्रममे अप्पन विचार आ सुझाव रखैत अभिनेता राहुल सिन्हा कहलनि कि, “ई जागरणक प्रश्ने बेमानी अछि। जहन मिथिला क्षेत्रक गप्प करैत छी त’ सभक मातृभाषा स्वतः मैथिली होयत, एहि तरहक कोनो जागरण करबाक कोनो बेगरता नहि होयबाक चाही। आगू ओ, महत्वपूर्ण सुझाव दैत कहलनि कि, जनगणना मिथिला क्षेत्रमे होयत त’ सामाजिक संघटन आ मैथिली युवा क्रिएटर सभ अत्यधिक सहयोगी सिद्ध भ’ सकैत छथि। राहुल, आगू कहलनि कि, मैथिल शिष्टमंडल सेहो राजनेता आ प्रशासनिक अधिकारीसँ संपर्क क’ भाषाक कॉलममे मैथिली अनिवार्य क’ सकैत छथि, मुदा तकर प्रतिउत्तर दैत अजय नाथ झा शास्त्री कहलनि जे ई संभव नहिं अछि, हँ व्यक्तिगत स्तर पर मिथिला क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि जँ चाहथि तऽ एक सीमा धरि ओ आवाज उठा सकैत छथि, मुदा पार्टी लाइनक विरुद्ध ओहो सभ नहिं जयथिन।

तहिना फिल्म निर्माता संतोष झा सेहो राहुल सिन्हाक गप्प केर आगू बढ़बैत कहलनि कि, “ई अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण अछि जे मैथिल लोककेँ मैथिली भाषाक प्रति जागरूक करबाक प्रयास भ’ रहल अछि”। संतोष आगू सशक्त बात कहलनि कि, ई त’ एहिना भेल जे, लोककेँ अप्पन मायकेँ माय कहबाक लेल प्रेरित कएल जाए”। हर मैथिलकेँ अप्पन भाषाक प्रति अस्मिताक बोध होय, हर मैथिल अप्पन भाषासँ प्रेम करथि आ ओकर संरक्षण संवर्धन लेल प्रयास करथि, एहि तरहक व्यवस्था होय त’ मिथिला आ मैथिलीकेँ आगू बढ़यसँ कोनो शक्ति रोकि नहि सकैत अछि। मिथिला क्षेत्रक नेता आ जनप्रतिनिधिक व्यवहार आ कार्यक प्रति रोष व्यक्त करैत संतोष कहलनि कि, वार्ड सदस्यसँ सांसद धरि, ई सभक कर्तव्य छैन्ह जे मिथिलावासीकेँ अप्पन भाषाक प्रति जागरूक करथि आ प्रेरित करथि जे एहि बेरक जनगणनामे लोक अप्पन मातृभाषाक कॉलममे मैथिली लिखबथि।

कार्यक्रममे उपस्थित हर वक्ताक सुझाव पर अप्पन विचार रखैत पंडित अजयनाथ झा शास्त्री, शिष्टमंडलक विषय पर तमाम सामाजिक संस्थासँ आवाहन कएलनि जे आगू आबि, एहि अभियानमे अप्पन सहभागिता सुनिश्चित करथि। मात्र तखनहि एहि बेर जनगणनामे मैथिली भाषीक उचित आंकड़ा सोझा आओत, आ आधिकारिक रुपे हम सभ मजगूत होयब।

चर्चा – परिचर्चाक अंतमे इहो विचार भेलै जे एकटा एहेन मैथिली गीत बनय जे समग्र मिथिलाक परिचायक होए। एहि विषय पर विकास झा कहलनि जे हम एहि दिशामे प्रयास अवश्य करब। मैथिली भाषाकेँ उचित सम्मान भेटए एहि लेल अनेको महत्वपूर्ण विचार आ सुझाव सोझा आयल। आ एहि कार्यक्रमकेँ दर्शकक नीक प्रतिसाद सेहो भेटि रहल अछि।

मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश एहि कार्यक्रमक माध्यमे मिथिलावासीकेँ मैथिली भाषाक प्रति जागरूक करबाक प्रयास क’ रहल अछि। आ अगिला कड़ीमे एहिना अप्पन क्षेत्रक प्रसिद्ध आ चर्चित व्यक्तित्वक संग उपस्थित रहब। एहि तरहक वक्तव्यक संग कार्यक्रमक प्रस्तोता धर्मेंद्र कुमार झा सभकेँ धन्यवाद कएलनि। रविदिन १२/०७/२०२६ केँ मैथिल पुनर्जागरण प्रकाशक ऑनलाइन चर्चा-परिचर्चा’क आठम एपिसोडक विराम देल गेल।

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