बिहारक खजाना खाली, वेतन-पेंशन देबाक लेल सेहो नहि अछि पर्याप्त राशि : तेजस्वी यादव
पटना । समदिया

बिहार विधानसभामे विपक्षी दलक नेता तेजस्वी यादव मंगलदिन राज्य सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन आ भ्रष्टाचारक आरोप लगबैत कहलनि जे बिहारक खजाना लगभग खाली भ’ गेल अछि। सरकार लग ठेकेदारक भुगतानक संग-संग कर्मचारीक वेतन आ पेंशन देबाक लेल सेहो पर्याप्त राशि नहि बचल अछि।
मीडियासँ बातचीतक क्रममे तेजस्वी यादव कहलनि जे उर्दू आ फारसी विद्यालयक समस्याकेँ ल’ क’ ओ मुख्यमंत्रीकेँ पत्र लिखने छथि। हुनकर कहब छल जे राज्यमे बहुत रास एहेन कर्मचारी छथि, जिनका एखनि धरि वेतन नहि भेटल अछि। सरकारक वित्तीय स्थिति एतेक खराब भ’ गेल अछि जे आब वेतन आ पेंशन जेहन मूलभूत विषय पर सेहो चर्चा करय पड़ि रहल अछि।
तेजस्वी आरोप लगबैत कहलनि, “ई लोकनि लूट मचा क’ खजाना पूरा तरहेँ खाली क’ देने छथि।” हुनकर अनुसार ओ एहि मुद्दाकेँ एक बेर नहि, बल्कि कतेको बेर उठौने छथि, मुदा सरकार दिसिसँ एखनि धरि कोनो ठोस कार्रवाई नहि भेल अछि।
बिना घूसक छोटसँ छोट काज सेहो नहि होइत अछि : तेजस्वी
राजद नेता बिहारमे भ्रष्टाचारक स्थिति पर सेहो सवाल उठौलनि। ओ आरोप लगौलनि जे राज्यमे बिना घूस देने छोटसँ छोट काज सेहो नहि भ’ पाबैत अछि। हुनकर कहब छल जे निचला स्तरसँ ल’ क’ विभागीय मुख्यालय धरि भ्रष्टाचारक बोलबाला अछि आ प्रभावी कार्रवाई नहि भ’ रहल अछि।
तेजस्वी कहलनि जे एहेन स्थिति देखिक’ बुझाइत अछि जे बिहारमे सरकार नामक कोनो चीज नहि अछि।
हमरो पाँच-छह मास धरि वेतन नहि भेटल
तेजस्वी यादव अपन वेतनक उल्लेख करैत कहलनि जे हुनका सेहो पाँच-छह मास धरि वेतन नहि भेटल छल। ओ कहलनि जे जखनि विधायक आ मंत्री सभकेँ सेहो वेतन नहि भेटबाक स्थिति सामने आयल, तखनि ओ एहि मुद्दाकेँ सार्वजनिक रूपसँ उठौलनि।
‘एक-दू मासमे स्थिति ठीक होयत’ बयान पर सेहो साधल निशाना
मंत्री अशोक चौधरीक एहि बयान पर प्रतिक्रिया दैत जे एक-दू मासमे वित्तीय स्थिति ठीक भ’ जायत, तेजस्वी कहलनि जे जँ मंत्री स्वयं एहेन बात कहि रहल छथि तँ एकर अर्थ अछि जे सरकार सेहो वित्तीय संकटक स्थितिकेँ स्वीकार करैत अछि।
हालाँकि, तेजस्वीक दावा छल जे ई समस्या एक-दू मासमे ठीक होबयवला नहि अछि। हुनकर अनुसार राज्यक वित्तीय स्थितिकेँ सामान्य करयमे चारि वर्ष धरि लागि सकैत अछि।
तेजस्वी यादव सरकारसँ मांग कयलनि जे राज्यक वास्तविक वित्तीय स्थिति जनताक समक्ष स्पष्ट कएल जाए आ कर्मचारी, पेंशनभोगी तथा अन्य बकायेदारक भुगतानक समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कएल जाए।
