धरना-प्रदर्शन

पटनामे पीएचडी शोधार्थीक आंदोलन तेज, कुमुद पटेल 18 दिनसँ आमरण अनशन पर

पटना समदिया

बिहारमे असिस्टेंट प्रोफेसर आ अन्य महाविद्यालय शिक्षक पद पर नियुक्ति प्रक्रियाक बीच पीएचडी शोधार्थी सभक आंदोलन आब आरो तेज होइत जा रहल अछि। अपन मांग लऽ कऽ पटना स्थित गर्दनीबाग धरना स्थल पर आमरण अनशन कऽ रहल शोधार्थी सभमे कुमुद पटेल लगातार 18 दिनसँ अनशन पर छथि। आंदोलनकारीक दावा अछि जे अनशनक दौरान हुनकर 11 किलोसँ बेसी वजन घटि गेल अछि।

पीएचडी शोधार्थी सभ आइ 22 अगस्त शनिदिन लोकभवन मार्च निकालबाक घोषणा कएने छथि। ऑल पीएचडी होल्डर्स एंड रिसर्च स्कॉलर्स एसोसिएशन ऑफ बिहारक बैनर तर होबएवाला एहि मार्चमे बिहारक विभिन्न क्षेत्रसँ सैकड़ो पीएचडी शोधार्थी आ समर्थकक भाग लेबाक संभावना अछि।

लोकभवन मार्चक जोरदार तैयारी

आंदोलनकारी सभक कहब अछि जे बहुत दिनसँ नियुक्तिक प्रतीक्षामे बैसल पीएचडी धारक सभक मांग सरकार धरि मजबूतीसँ पहुँचाबऽ लेल लोकभवन मार्चक निर्णय लेल गेल अछि। प्रशासनक दिसिसँ समय-समय पर अनशनकारीक मेडिकल जांच कराओल जा रहल अछि, मुदा सरकारक दिसिसँ मांग सभ पर ठोस बातचीतक पहल एखनि धरि नहि भेल अछि।

 

आंदोलनकारीक अनुसार, जाबति धरि सरकार सकारात्मक आ ठोस पहल नहि करत, ताबत धरि आंदोलन जारी रहत।

तीन शोधार्थीसँ शुरू भेल छल अनशन

पीएचडी शोधार्थी सभक आंदोलन 4 अगस्तसँ शुरू भेल छल। शुरूआती दिनमे कुमुद पटेलक संग अभिषेक मेहता आ बीक्कू सिंह प्रधान सेहो आमरण अनशन पर बैसल छलाह। लगभग सात दिनक बाद अभिषेक मेहता आ बीक्कू सिंह प्रधान अनशन समाप्त कऽ देलनि, मुदा कुमुद पटेल लगातार आमरण अनशन पर छथि।

पीएचडी शोधार्थी इंजीनियर राजकुमार पासवान कहलनि जे बिहारमे कुमुद पटेल “दोसर सोनम वांगचुक” बनि गेल छथि। हुनकर कहब छल जे कुमुद पटेलक स्वास्थ्यकेँ किछु होइत अछि तँ एकर जिम्मेदारी सरकार पर रहत।

वीर कुंवर सिंह पार्कसँ शुरू होएत मार्च

आंदोलनकारी सभक कहब अछि जे आमरण अनशनक 19म दिन 22 अगस्त शनिदिन वीर कुंवर सिंह पार्कक समीपसँ लोकभवन मार्च शुरू कएल जाएत आ राजभवन दिसि बढ़त। आंदोलनकारी सभ सरकार पर युवा सभकेँ गुमराह करबाक आरोप लगेलनि।

कुमुद पटेलक प्रमुख मांग अछि जे असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति प्रक्रियामे पीएचडीकेँ अनिवार्य कऽ कऽ नेट, जेआरएफ, पीएचडी आ एमफिल लेल अलग-अलग वेटेज निर्धारित कएल जाए।

पुरान यूजीसी नियमावली लागू करबाक मांग

शोधार्थी सभक मांग अछि जे पुरान यूजीसी नियमावलीक प्रावधानक अनुसार नियुक्ति प्रक्रिया लागू कएल जाए। हुनकर मांग अनुसार—

– नेट लेल 5 अंक

– जेआरएफ लेल 7 अंक

– पीएचडी लेल 30 अंक

– एमफिल लेल 5 अंक

कुमुद पटेलक कहब अछि जे नेट, जेआरएफ आ पीएचडी अलग-अलग स्तरक शैक्षणिक उपलब्धि अछि आ सभकेँ एक समान नहि मानल जा सकैत अछि। पीएचडी पूरा करबाक क्रममे शोधार्थीकेँ शोध, थीसिस निर्माण, मूल्यांकन आ स्वीकृतिक अनेक चरणसँ गुजरऽ पड़ैत अछि।

अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष करबाक मांग

शोधार्थी सभक दोसर प्रमुख मांग असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्तिमे अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष करबाक अछि। कुमुद पटेलक अनुसार पहिने अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष छल, मुदा नव नियमावलीमे एकरा घटा कऽ 40 वर्ष कऽ देल गेल। विरोधक बाद एकरा बढ़ा कऽ 43 वर्ष कएल गेल।

हुनकर तर्क अछि जे बिहारमे समय पर वैकेंसी नहि निकलबाक कारण बहुतो योग्य अभ्यर्थी आयु सीमा पार कऽ जाइत छथि। ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, नेट-जेआरएफ आ फेर पीएचडी पूरा करबामे बहुत वर्ष लागि जाइत अछि। एहि कारण शोधार्थी सभकेँ केवल आयुक आधार पर नियुक्ति प्रक्रियासँ बाहर नहि कएल जाए।

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