जीएसटी धोखाधड़ी जांचमे ईडीक पैघ कार्यवाही, पंजाब सरकारक मंत्री संजीव अरोड़ासँ जुड़ल ठिकाना पर छापा
चंडीगढ़। समदिया

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मंगलदिन मनी लॉन्ड्रिंग जांचक सिलसिलेमे एक आओर राउंडक तलाशी अभियान चलौलक। ई मामिला पंजाबक कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा आ किछु अन्य लोकसँ जुड़ल अछि, जाहि पर मोबाइल फोनक बिक्रीसँ संबंधित कथित 100 करोड़ रुपयाक जीएसटी धोखाधड़ीक आरोप अछि। अधिकारीक अनुसार, अरोड़ाक कंपनी ‘हैम्पटन स्काई रियल्टी’ सँ जुड़ल मामिलामे दिल्ली-नोएडा (एनसीआर) आ पंजाबक लुधियाना आ जालंधरमे छापेमारी कयल जा रहल अछि। ईडी जालंधरमे नगर निगमक ठेकेदार अमित बजाजक ठिकाना पर सेहो छापेमारी कयलक। अमित आ हुनक पैघ भाई इंदरजीत बजाज पंजाब, गुजरात समेत कतेको राज्यमे नगर निगम आ अन्य सरकारी विभागक पैघ ठेकेदार रहल अछि।
पिछला महीना ईडी उद्योग मंत्री अरोड़ाकेँ गिरफ्तार कयने छल आ फिलहाल ओ न्यायिक हिरासतमे अछि। एकर बाद ओ पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्टमे याचिका दायर कय कहलनि कि हुनक गिरफ्तारी “मनमानी, बिना पर्याप्त आधारक, अधिकार क्षेत्रसँ बाहर आ संविधानक अनुच्छेद 14, 21 आ 22 केर तहत प्रदत्त सुरक्षा उपाय केर उल्लंघन” अछि।
ईडी अरोड़ाकेँ 9 मईकेँ हुनक सरकारी आवाससँ ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ (पीएमएलए), 2002 केर प्रावधानक तहत गिरफ्तार कयने छल। ओ अपन याचिकामे ‘ईडी करत गैर-कानूनी आ असंवैधानिक हिरासत’ सँ तत्काल रिहाई केर मांग करैत ‘विवादित गिरफ्तारी’ केँ निरस्त करय आ ओकर बाद देल गेल रिमांडकेँ रद्द करबाक अनुरोध कयलनि।
एहीसँ पहिने, 9 मईकेँ चंडीगढ़ आ दिल्ली-एनसीआरमे अरोड़ा केर ठिकाना पर तलाशी लेल गेल छल। 2024मे, लुधियाना (पश्चिम) केर विधायक अरोड़ाकेँ औद्योगिक जमीनकेँ आवासीय परियोजनामे बदलय केर कथित मामिलामे ईडीक छापेमारीक सामना करय पड़ल छल। ओहि समय ओ राज्यसभा सांसद छलथि।
अरोड़ाक गिरफ्तारीक किछु घंटा बाद, हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड (पहिने रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज) सभ आरोपसँ इनकार कयलक आ कहलक कि मोबाइल फोन एक्सपोर्टक काजमे सभ लागू कानूनक पूरा तरहेँ पालन कयल गेल।
कंपनी एक बयानमे कहलक कि ओ मई 2023मे मोबाइल फोन एक्सपोर्टक कारोबारमे कदम रखने छल। कंपनी एकरा ‘मेक इन इंडिया’ आ ‘प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव’ (पीआईएल) स्कीमक तहत सरकारक प्राथमिकता वला क्षेत्र बतौलक आ कहलक कि हालक वर्षमे भारतक मोबाइल फोन एक्सपोर्टमे जबरदस्त बढ़ोतरी भेल।
कंपनी कहलक, “कंपनी सप्लायर दिससँ कथित धोखाधड़ीक शिकार भेल अछि।”
