अग्निकांडमे 5 मरीज जिंदा जरल, 20सँ बेसी रेस्क्यू, 4 लाख मुआवजाक घोषणा
मुजफ्फरपुर। समदिया

मुजफ्फरपुरक ब्रह्मपुरा इलाकामे काल्हि बृहस्पतिक भोरमे एकटा निजी अस्पतालमे आगि लगलाक बाद हड़कंप मचि गेल। ब्रह्मपुरा थाना लग समीप स्थित एकटा निजी अस्पताल केर आईसीयू वार्डमे लागल आगि केर कारण मरीज, हुनक परिजन आ अस्पतालक कर्मचारीक बीच अफरा-तफरीक स्थिति पैदा भ गेल। राहत आ बचाव कार्यक दौरान 20 सँ बेसी मरीज केर सुरक्षित रूपसँ बाहर निकालल गेल, जखन कि 5 मरीजक दम घुटलासँ मृत्यु भ गेल। जिला दंडाधिकारी (डीएम) सुब्रत कुमार सेन एहि घटनामे चारि गोटेक मृत्युक पुष्टि कयलनि अछि। एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी) केर टीम मौका पर पहुंचल छल आओर जांच शुरू कय देने छल। ओना तँ भोरसँ पहिने 10 गोटे केर मृत्युक आशंका व्यक्त भ रहल छल, मुदा जिला प्रशासन फिलहाल पांच गोटे केर मृत्युक पुष्टि कयलक अछि।
खबरि केर अनुसार अस्पतालक आईसीयू वार्डमे एकटा मशीनसँ अचानक भोर करीब 3:40 बजे धुआं निकलय लागल। क्षणभरिमे पूरा वार्ड धुँआसँ भरि गेल। ओहि समय गंभीर रूपसँ बीमार कतेको मरीजकेँ आईसीयूमे भर्ती कराउल गेल छल। जेना-जेना धुँआ पसरैत गेल, अस्पताल परिसरमे परेशानी आ घबराहटक शोर बढ़ैत गेल। अस्पतालक कर्मचारी तुरंत वार्ड केर भीतर फंसल लोककेँ बचाबय लगलाह। एकर संग फायर ब्रिगेडकेँ तुरंत घटनाक बारेमे सचेत कय देल गेल।
मौका पर पहुंचला पर फायर ब्रिगेडक टीम-स्थितिक गंभीरताक आकलन करैत आईसीयू केर खिड़की आ दरवाजा तोड़ि कय भीतर फंसल मरीज धरि पहुंचल। दमकलकर्मी सभ ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहल मरीजकेँ बाहर निकालय लेल कतेको घंटा धरि बचाव अभियान चलौलनि, एहि प्रक्रियामे 25 सँ बेसी मरीजकेँ सुरक्षित रूपसँ बचाउल गेल। बचाव प्रयासक दौरान अस्पतालक कतेको कर्मचारी सेहो गंभीर रूपसँ आगि केर चपेटमे आयल। बचावक बाद मरीजकेँ शहर भरि केर विभिन्न निजी आ सरकारी अस्पतालमे स्थानांतरित कय देल गेल। कतेको मरीजक हालत गंभीर हेबाक खबर अछि। घटनाक बाद अस्पताल परिसरमे रिश्तेदारक भारी भीड़ जमा भ गेल।
खबरि केर अनुसार मृतकमे शशांक कुमार (मुजफ्फरपुर जिलाक औराई प्रखंडक रतनपुर गांव केर निवासी), उदय कुमार (शिवहर जिलाक तरियानी छपरा स्थित विसंभरपुर गांव केर निवासी), गीता देवी (मुजफ्फरपुर जिलाक कथैया थानाक बिसतौलिया गांव केर निवासी) आ कृष्णनंदन सिंह (मुजफ्फरपुर केर मीनापुरक गोरीगामाक निवासी) शामिल छथि। मृतकक पुष्टि जिला प्रशासन दिससँ कयल गेल अछि।
सीएम सम्राट चौधरी एहि त्रासदीक संबंधमे अपन दुख व्यक्त केलथि अछि। सोशल मीडिया पर एकटा पोस्ट शेयर करैत ओ लिखलनि जे, मुजफ्फरपुरक एकटा निजी अस्पतालमे आगि लगलासँ चारि व्यक्ति केर मौत गहींर दुखद अछि, शोक संतप्त परिवारक प्रति हमर गहींर संवेदना अछि, भगवान दिवंगत आत्माकेँ शांति प्रदान करथि आ एहि कठिन समयमे हुनक परिवारकेँ ताकत प्रदान करथि, तत्काल ₹4 लाख केर अनुग्रह अनुदान प्रदान करबाक निर्देश जारी कयल गेल अछि, प्रत्येक मृतकक परिवारक लेल स्थानीय प्रशासन पूर्ण रूपसँ सतर्क अछि आ सदर अस्पतालमे घायलक इलाज लेल पर्याप्त व्यवस्था कयल गेल अछि।
जनतब देब जे प्रारंभिक जांचसँ पता चलैत अछि जे अस्पतालमे आगि लगबाक कारण शॉर्ट सर्किट छल। एकर आलोकमे दमकल विभाग सभ निजी अस्पतालकेँ एक सप्ताहक भीतर ‘इलेक्ट्रिक लोड एनालिसिस सर्टिफिकेट’ जमा करबाक निर्देश देलक अछि।
मीडियासँ गप्प करैत अग्निशमन विभागक डीआईजी मनोज कुमार नट कहलनि, प्रमाण पत्र भेटला पर अस्पतालक निरीक्षण कयल जाएत। जँ कोनो संस्थामे निर्धारित मानकसँ बेसि विद्युत भार पाओल जायत अछि वा अनुचित विद्युत भार भेटत तँ ओकरा खिलाफ बिना कोनो सूचनाकें सीलिंग कार्यवाही शुरू कयल जायत।
अग्निशमन सेवाक महानिदेशक शोभा ओहटकर जनतब देलनि कि एही साल राज्यभरि केर 7500 सँ बेसी अस्पतालमे फायर ऑडिट कयल जा चुकल अछि। एहि लेखा परीक्षाक दौरान चिन्हित कमी कय ठीक करबाक निर्देश संबंधित संस्थानकेँ पहिनेसँ जारी भ गेल अछि। विभाग आब सत्यापन करत जे एहि निर्देशक पालन भेल अछि वा नहि।
एही आगि केर घटनाक आलोकमे स्वास्थ्य विभाग जिला प्रशासनसँ विस्तृत रिपोर्ट मंगलक अछि। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार एहि त्रासदी लेल जे कियो जिम्मेदार पाओल जायत ओकरा पर सख्त कार्यवाही कएल जाएत बतौलनि। ओ एहि बात पर जोर देलनि जे अस्पताल प्रबंधन दिससँ कोनो तरहक लापरवाही बर्दाश्त नहि कएल जाएत। संगहि राज्यभरिक अन्य अस्पतालमे फायर ऑडिट कय सुरक्षा मानकक समीक्षा कयल जाएत।
