राजनीति

बिहारमे शराबबंदी पर राजनीतिक बहस भेल तेज, माझीक बाद माधव आनंदक हटाबय केर मांग

पटना । समदिया

बिहारमे शराबबंदी कानून पर राजनीतिक बहस तेज भऽ गेल अछि आ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर एकरा खत्म करबाक दबाव बढ़ैत देखा रहल अछि। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझीक बाद आब उपेंद्र कुशवाहाक पार्टीक विधायक माधव आनंद सेहो शराबबंदी हटेबाक मांग उठेलाह अछि।

माधव आनंद कहला जे बिहारमे आब शराबबंदी खत्म हेबाक चाही। हुनकर तर्क छल जे एहि कानूनक कारण राज्यक राजस्वक भारी नोकसान भऽ रहल अछि। ओ कहलनि, “आब एहि नुकसानकेँ रोकबाक आवश्यकता अछि। निषेधक आवश्यकता पूरा भेल अछि, मुदा आब एकरा समाप्त करबाक चाही।” जनतब जे, माधव आनंद पहिनेहों विधानसभामे शराबबंदी कानून पर समीक्षा करबाक बात कयने छलथि।

माधव आनंद ईहो कहलनि जे वर्तमान हालतमे शराबबंदीसँ अपेक्षित लाभ नहि भेटि रहल अछि आ एहिसँ अवैध कारोबार बढ़ि रहल अछि। एहेनमे सरकारकेँ एहि नीति पर पुनर्विचार करबाक चाही। एहिसँ पहिने जीतन राम मांझी सेहो शराबबंदी केँ ल’ क’ सवाल उठौने छलाह, आब उपेंद्र कुशवाहा केर पार्टीसँ सेहो एहेन माँग अयलाक बाद ई मुद्दा आर गरम भ’ गेल अछि।

हालाँकि, एहि पूरा मामिलापर एखनि तक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी वा सरकार केर तरफसँ कोनो आधिकारिक प्रतिक्रिया नहि आयल अछि,  मुदा, लगातार उठल माँग सभक बीच ई साफ अछि जे नव सरकारक समक्ष शराबबंदीक मुद्दा पैघ चुनौती बनि रहल अछि। आब एहेनमे सवाल ई अछि जे की सहयोगीक बढ़ैत दबावक बीच सम्राट चौधरी शराबबंदी कानून पर समीक्षा करताह ?

बताबी जे, जीतनराम मांझी आ माधव आनंद नीतीश कुमारसँ सेहो कतेको बेर शराबबंदी कानून खत्म करबाक मांग कएने छलाह। पिछला विधानसभा सत्रमे अपन सम्बोधनक दौरान उपेंद्र कुशवाहाक पार्टीक विधायक माधव आनंद कहलनि जे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहारक विकासक लेल कतेको महत्वपूर्ण आ साहसिक निर्णय लेने छथि, जाहिसँ राज्यकें काफी लाभ भेल अछि। ओ कहलनि जे सरकारक सभसँ पैघ विशेषता ई रहल जे ओ समय-समय पर अपन योजना आ नीतिक समीक्षा करैत रहल अछि। विधायक शिक्षकक बहालीक उदाहरण दैत कहलनि जे पहिले सेहो सरकार मांगक बाद भर्ती प्रक्रियाक समीक्षा कएने छल आ फेर बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC)क माध्यमसँ नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कएलक। ओ कहलनि जे एही तरहें आब शराबबंदी कानून लेल सेहो समीक्षा केर समय आबि गेल अछि। तथापि, तखनि मंत्री विजय चौधरी साफ-साफ कहने छलाह जे बिहारमे शराबबंदी कानून लागू छल आ रहत।

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