राजनीति

महाराष्ट्रमे गैर-मराठी ऑटो चालक सभकेँ मराठी सीखबाक लेल भेटल एक वर्षक अतिरिक्त समय

मुंबई । समदिया

महाराष्ट्र सरकार गैर-मराठी ऑटो आ टैक्सी चालकसभकेँ पैघ राहत देलक अछि। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस स्पष्ट कयलनि अछि जे राज्यमे ऑटो, टैक्सी आ कैब चलाबयवला गैर-मराठी चालकसभकेँ मराठी भाषा सीखबाक लेल आब एक वर्षक अतिरिक्त समय देल जायत। सरकारक एहि निर्णयसँ लाखो प्रवासी मजदूर आ चालकसभक रोजी-रोटी पर मँडरा रहल संकट फिलहाल टलि गेल अछि।

हालहिमे महाराष्ट्र सरकार एकटा अधिसूचना जारी कय ऑटो आ कैब चालकसभक लेल मराठी भाषाक कार्यसाधक ज्ञान अनिवार्य कयने छल। मुदा बहुतो चालक कम पढ़ल-लिखल छथि आ हुनका लेल अचानक नव भाषा सीखब कठिन छल। एहि जमीनी वास्तविकताकेँ ध्यानमे राखि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस चालकसभकेँ सामान्य मराठी सीखबाक लेल पूरा एक वर्षक समय देबाक निर्णय लेलक अछि।

मुख्यमंत्रीक कहब अछि जे चालकसभकेँ बुनियादी संवादक लेल सामान्य मराठीक ज्ञान रहब आवश्यक अछि, मुदा सरकारक उद्देश्य ककरो परेशान करब नहि अछि। सरकार मानैत अछि जे स्थानीय भाषाक सम्मान होयबाक चाही, मुदा भाषा सीखबाक लेल पर्याप्त समय देनाइ सेहो जरूरी अछि।

एहि मुद्दापर कानूनी विवाद सेहो सामने आयल छल। अधिवक्ता विवेक शुक्ला बॉम्बे हाई कोर्टमे एकटा जनहित याचिका दायर कय 12 अगस्त 2026क अधिसूचनाकेँ चुनौती देने छलाह। याचिकाकर्ताक तर्क छल जे मोटर वाहन अधिनियम, 1988मे ड्राइविंग लाइसेंस वा बैजक लेल कोनो विशेष भाषाक ज्ञान अनिवार्य नहि अछि।

याचिकामे कहल गेल छल जे भाषा सम्बन्धी कठोर नियमक कारण लाखो गरीब आ प्रवासी चालकसभक बैज निलंबित भऽ सकैत अछि, जाहिसँ हुनका सभक परिवारक समक्ष आजीविकाक गम्भीर संकट उत्पन्न भऽ सकैत अछि। मामिला न्यायालय पहुँचबाक बाद सरकारक एहि एक वर्षक मोहलतक निर्णयकेँ महत्वपूर्ण मानल जा रहल अछि।

एहि विषयपर महाराष्ट्रक राजनीति सेहो तेज भऽ गेल छल। शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईकसँ भेंट कय एहि विषयपर एकटा ज्ञापन सौंपने छलाह। हुनकर कहब छल जे महाराष्ट्रमे मराठी भाषाक सम्मान अवश्य होयबाक चाही आ प्रत्येक व्यक्तिकेँ कमसँ कम सामान्य मराठीमे बातचीत करब अयबाक चाही, मुदा भाषाक नामपर ककरो पर जबरदस्ती नहि होयबाक चाही।

संजय निरुपमक अनुसार लगभग 85 प्रतिशत चालकसभ मराठी भाषाक बुनियादी ज्ञान प्राप्त कय चुकल छथि। जे चालकसभ एखनि धरि भाषा नहि सीखि सकल छथि, हुनका विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई नहि कयल जाय।

सरकारक नव निर्णयसँ गैर-मराठी ऑटो, टैक्सी आ कैब चालकसभकेँ राहत भेटल अछि। आब हुनका सभकेँ मराठी भाषाक सामान्य ज्ञान हासिल करबाक लेल एक वर्षक समय भेटत आ एहि दौरान हुनका सभक रोजगार सुरक्षित रहबाक संभावना बढ़ि गेल अछि।

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