संसद : प्रियंका उठौलनि जंतर-मंतर पर लाठीचार्जक मुद्दा, पीएम मोदी कैमराक नहि, ह्रदयक एंगल बदलू
नई दिल्ली। समदिया

लोकसभामे मंगलदिन पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चाक दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका वाड्रा सरकार पर तीखा हमला कयलनि। संसदमे प्रियंका गांधी कहलनि कि बच्चा पर लाठी केकरा आदेश पर चलल गेल, इ सवाल पूरा देश पूछि रहल अछि, अध्यापक, छात्र, माता-पिता पूछि रहल अछि सिर्फ कांग्रेस नहि पूछि रहल अछि। इ सदन सांसदक जागीर नहि अछि।
मंगलदिन संसदमे प्रियंका वाड्रा अपन संबोधनक शुरुआत एक घटनासँ कयलनि। ओ कहलनि, जखनि हम एक घायल छात्रासँ भेंट करय लेल गेलौंह तँ हुनक मां कहली, भोरसँ पैघ-पैघ नेता आयल। ओहो आयल जिनक कारणसँ बेटीक इ हाल भेल। हम सरकारसँ पूछय चाहैत छी, की आवश्यकता छल, बच्ची पर ज्यादती करय केर। देशक युवा पर पैलेट गन चलवाबय केर की जरूरत छल।
प्रियंका वाड्रा छात्र प्रदर्शनकारीक खिलाफ कयल गेल पुलिस कार्यवाही पर सवाल उठौलनि। ओ आरोप लगौलनि कि सरकार छात्र पर जरूरतसँ बेसी बल प्रयोग कयलक। प्रियंका गांधी पूछलनि कि छात्र पर आंसू गैसक गोला किया छोड़ल गेल आ लाठीचार्ज किया कयल गेल। की छात्रक संग आतंकवादी जँका व्यवहार कयल जा रहल अछि? ओ युवा महिला प्रदर्शनकारीक संग कथित दुर्व्यवहारकेँ ल कय सेहो नाराजगी जतौलनि आ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आ गृहमंत्री अमित शाहसँ जवाब मंगलनि।
प्रियंका संसदमे सरकार पर तीखा हमला करैत प्रदर्शनकारी छात्रक खिलाफ कथित तौर पर पैलेट गनक इस्तेमाल पर जवाब मंगलनि। ओ कहलनि कि हम बेर-बेर सवाल कय रहल छी कि एही कार्यवाहीक अनुमति के देलक आ की इ आदेश प्रधानमंत्री वा गृहमंत्रीक दिससँ आयल छल। प्रियंका गांधी कहलनि कि देशक छात्र, हुनक माता-पिता आ शिक्षक एही मामिलामे जवाब चाहैत अछि। संवैधानिक मूल्य आ लोकतांत्रिक जवाबदेहीक जिक्र करैत ओ कहलनि कि चुनल गेल जनप्रतिनिधि जनताक सेवक होयत अछि, शासक नहि। ओ कहलनि कि देशक युवा शांतिपूर्ण तरीकासँ अपन लोकतांत्रिक अधिकारक इस्तेमाल कयलनि। एहनमे ओ न्याय, पारदर्शिता आ सम्मान भेटबाक चाहि।
ओ कहलनि, “एही सरकार रोजगार पैदा करय वला सभ सेक्टरकेँ लगातार कमजोर कयलक अछि। पेपर लीकसँ करोड़ों छात्र प्रभावित हुए, मुदा एक्कौ दोषीकेँ सजा नहि भेटत। शिक्षण संस्थानमे संघक प्रचारककेँ भरि-भरिकय नियुक्त कयल गेल आ संस्थाकेँ खोखला बना देल गेल। एनटीए बनाकर परीक्षा प्रणालीक केंद्रीकरण कय देल गेल। सभ साल शिक्षा बजटक हिस्सेदारी घटैत चलि गेल। शिक्षा बजट ओहिसँ कम अछि, जतेक पूंजीपतिकेँ लोन माफ कयल गेल अछि। सोचु, सरकारक प्राथमिकता की अछि। ओ आगू कहलनि, देशक युवाक भरोसा एही सिस्टमसँ टूटि चुकल अछि। भरोसा दोबारा बनाबय लेल ओहि सिस्टमसँ जवाब नहि ढूंढा जा सकैत अछि। एही लेल सिस्टम केर दायरासँ बाहर निकलकय ठोस प्रयास करय पड़ैत।
प्रियंका गांधी कहलनि, प्रधानमंत्री आ हुनक संगी साथी की सोचि रहल अछि। शिक्षा मंत्री शर्मनाक परिस्थितीमे इस्तीफा देलनि आ संसदमे हुनक एहन स्वागत कयल गेल, जेना कोनो सुपरस्टार आयल होय। काल्हि जखनि हुनका मुकुट परिराओल जा रहल छल, ओहि समय महाराष्ट्रक एक परिवार अपन बेटीक आत्महत्याक मातम मना रहल छल। जतय शर्म होयबाक चाहि, ओतय बेशर्मीसँ स्वागत कयल जा रहल अछि। एहनमे कियो आँहाँ पर कोना यकीन करत। ओ आगू आरोप लगौलनि, प्रधानमंत्री नव शिक्षा मंत्रीक रूपमे एहन व्यक्तिकेँ चुनलनि, जे एक गर्भवती दुष्कर्म पीड़िताकेँ दोषीक रिहाई पर सहमति जातौने छल।
एही टिप्पणी पर स्पीकर प्रियंका वाड्राकेँ टोकलनि आ सत्तापक्षक सदस्य जोरदार हंगामा कयलनि। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू आपत्ति जतबैत कहलनि, “प्रियंका गांधी हमर नव शिक्षा मंत्री पर जे टिप्पणी कयलनि अछि, ओ एक तरहेँ चरित्र हनन अछि। हम एहन भाषाक उम्मीद नहि करैत छी। एही टिप्पणीकेँ रिकॉर्डसँ हटाओल जाए। संसदमे बहसक स्तर नहि खसबाक चाहि। जिम्मेदारीक संग बजबाक चाहि। जंग ओ अपन आरोपकेँ प्रमाणित नहि कय सकतीह, तँ हुनका माफी मंगबाक चाहि।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे आ प्रह्लाद जोशी कहलनि, पहले बयानकेँ ऑथेंटिकेट (प्रमाणित) कयल जाए, ओकरा बाद आगू बढ़ल जाए। एही पर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल कहलनि, निशिकांत दुबे एही सदनमे जवाहरलाल नेहरू आ इंदिरा गांधीकेँ ल कय सेहो टिपण्णी कयलनि, मुदा हुनका रिकॉर्डसँ नहि हटाओल गेल।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी कहलनि, हम सदनमे मौजूद छी। हमरा कोनो नोटिस नहि देल गेल। हम एही बयानक खंडन करैत छी। हुनक खिलाफ कार्यवाही होयबाक चाहि। एकर बाद प्रियंका गांधी अखबारक एक कटिंग सदनक पटल पर राखैत कहलनि, की जोशी जी अपन एही बयानक खंडन कय रहल छथि? की आँहाँ एकर खंडन कय रहल छी? एही दौरान स्पीकर हस्तक्षेप करैत कहलनि, सदनमे केवल एही विधेयक (बिल) पर चर्चा होयत।
प्रियंका कहलनि, आइ हम एही सदनमे एहन संशोधन पर चर्चा कय रहल छी, जे 2024मे पारित भ चुकल अछि। जखनिसँ इ कानून लागू भेल अछि, तहनसँ एक्कौ आरोपीकेँ सजा नहि भेटल अछि।
ओ कहलनि पिछला दू दिनसँ छात्रक नाम सार्वजनिक कयल जा रहल अछि, मुदा पेपर लीकक आरोपीक संग एहन नहि कयल जा रहल।
प्रियंका प्रधानमंत्री पर निशाना साधैत कहलनि, प्रधानमंत्रीकेँ अपन सलाहकार बदलबाक चाहि। नव-नव समिति बनाबयसँ काज नहि चलत। पहिने सेहो राधाकृष्णन समिति बनाओल गेल छल। ओहि समितिमे तँ गौमूत्रक विशेषज्ञ सेहो अछि। ओकरा शिक्षाक बारेमे की पता। एही टिप्पणी पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सेहो मुस्करा पड़लाह।
ओ आगू कहलनि, फास्ट ट्रैक कोर्टक रिकॉर्ड सेहो देख लियौ। काल्हि सुनवाईमे सीबआईक वकील नहि पहुँचल। जेनजी केर भरोसा जीतय लेल नव-नव एंगलक वीडियो बनाबयसँ काज नहि चलत। प्रधानमंत्रीकेँ कैमरा केर नहि, ह्रदयक एंगल बदलय पड़त। हुनका अपन जिम्मेदारी लेबय पड़त।
प्रियंका वाड्रा कहलनि, “पुलिसक लाठी बच्चाक पीठ पर नहि, सरकारक साख पर पड़ल अछि। अपन साख बचाउ। आहाँक शासनमे पैघ-पैघ चोरी भेल अछि। चुनावमे वोटक चोरी, राम मंदिरमे चढ़ावाक चोरी, किसानक जमीनक चोरी। मुदा, सबसँ पैघ चोरी तहन भेल, जखनि देशक नौजवाक भविष्य आ हुनक सपना चोरा लेल गेल। ओ कहलनि, “जँग देशक युवा निराश भ गेल आ हुनक उम्मीद टूटि गेल, तँ ओ भारतक हार होयत। भारतक हार होयत तँ हम विपक्षक लोक अपन प्राण द देब।
