किरेन रिजिजू चीनक अरुणाचलक 60 किलोमीटर क्षेत्र पर कब्जावाला बयानकेँ कयलनि खारिज, कहलनि – झूठ तस्वीरसँ सेनाक मनोबल नहि गिराउ
नई दिल्ली । समदिया

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू अरुणाचल प्रदेशमे चीनक कथित घुसपैठ आ 60 किलोमीटर धरि क्षेत्र पर कब्जाक आरोपकेँ खारिज केलनि अछि। लोकसभामे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा उठाओल गेल एहि मुद्दा पर समाचार एजेंसीसँ गप करैत रिजिजू कहलनि जे भारत-चीन सीमाक कतेको भागक एखनि धरि औपचारिक सीमांकन नहि भेल अछि। एहेन स्थितिमे अपुष्ट वीडियो, झूठ तस्वीर आ बिना जमीनी सच्चाई बुझने दावा करब उचित नहि अछि।
सीमांकन नहि भेलाक कारण जटिल अछि स्थिति
रिजिजू कहलनि जे अरुणाचल प्रदेशमे भारत आ चीनक बीच सीमा बहुत नमहर अछि, मुदा कतेको स्थान पर ने सीमा स्तंभ अछि आ ने जमीन पर स्पष्ट सीमा रेखा निर्धारित अछि। हुनका अनुसार ई समस्या नव नहि, बल्कि बहुत पुरान अछि। सीमांकन नहि भेलाक कारण कतेको इलाकाक संबंधमे दुनू देशक दावामे अंतर अछि, जाहिसँ सीमावर्ती गामक लोकक बीच सेहो चिंता बनल रहैत अछि।
सीमा पर आधारभूत संरचनाक कमी पर कांग्रेसकेँ घेरलनि
केंद्रीय मंत्री आरोप लगौलनि जे पिछला कांग्रेस नेतृत्ववाली सरकारक समय सीमावर्ती क्षेत्रमे आधारभूत संरचनाक विकास पर पर्याप्त ध्यान नहि देल गेल। ओ तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटनीक संसदमे देल गेल कथित बयानक उल्लेख करैत कहलनि जे एक समय भारतक सीमाक दिशामे सड़क आ अन्य संरचना नहि बनेबाक नीति रहल। ओतहि चीन लगातार अपन सीमा क्षेत्रमे सड़क आ अन्य सुविधाक विस्तार करैत रहल।
2014 केर बाद सीमावर्ती संपर्क व्यवस्थामे बदलाव
रिजिजूक दावा अछि जे 2014 केर बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीक नेतृत्वमे सीमावर्ती क्षेत्रमे सड़क आ कनेक्टिविटीकेँ प्राथमिकता देल गेल। आब भारतीय सीमाक रणनीतिक रूपसँ महत्वपूर्ण स्थान धरि सड़क पहुँचाओल जा रहल अछि।
ओ अपन माजा गामक दौड़ाक जिक्र करैत कहलनि जे ई अंतिम सीमावर्ती बिंदुसभमे सँ एक अछि आ ओतय सड़क निर्माणक काज पूरा भऽ गेल अछि। हुनका अनुसार, आजादीक बाद बहुत नमहर समय तक एहि स्थान धरि सड़क नहि छल।
ताकसिंग धरि 2019 मे पहुँचलक सड़क
रिजिजू ताकसिंग क्षेत्रक सड़क संपर्कक सेहो उल्लेख केलनि। हुनका अनुसार, 2019 मे ओतय सड़क पहुँचाओल गेल। एहिसँ पहिने भारतक दिशामे सड़क नहि छल, जखनिकि चीन अपन क्षेत्रमे पर्याप्त आधारभूत संरचना विकसित कऽ लेने छल। ओ कहलनि जे ऊँच पहाड़ी क्षेत्रसभमे चीन अपन सैन्य उपस्थिति आ संरचनामे वृद्धि केलक, जकर जवाबमे भारत सेहो सीमावर्ती संपर्क व्यवस्थाकेँ मजबूत कऽ रहल अछि।
भारतीय गाम पर चीनक कब्जाक दावा सही नहि : रिजिजू
केंद्रीय मंत्री स्पष्ट रूपसँ कहलनि जे चीन भारतीय गामसभ पर कब्जा कऽ लेने अछि, ई कहब सही नहि अछि। हुनका अनुसार, किछु विवादित क्षेत्रमे स्पष्ट सीमांकन नहि भेलाक कारण दुनू पक्ष अपन-अपन दावाक क्षेत्र मानैत अछि। भारतक स्थानीय लोक मानैत छथि जे भारतीय क्षेत्र आगाँ धरि पसरल अछि, जखनिकि दोसर दिसिक लोक सेहो ओहि जमीन पर अपन दावा करैत छथि।
लोंगजू क्षेत्रक उल्लेख
रिजिजू लोंगजूसँ आगाँ घाटीमे स्थित एकटा इलाकाक उल्लेख करैत कहलनि जे ओतय चीनी पीएलए गाम जेकाँ देखाइ देबऽवला किछु संरचना आ भवन बना लेने अछि। हुनका अनुसार, एहि क्षेत्र पर चीन 1959 मे कब्जा केने छल आ 1962 मे अपन स्थिति आरो मजबूत केने छल। तथापि, मौजूदा सीमावर्ती बिंदु पर भारतक पोस्ट मौजूद अछि।
चीनी सैन्य गतिविधि बढ़ल, भारतीय गश्त सेहो मजबूत
रिजिजू मानलनि जे ऊँच पहाड़ी चोटीसँ जुड़ल क्षेत्रसभमे चीनी सैन्य गतिविधि बढ़ल अछि। मुदा हुनका अनुसार, भारतीय सेना आ आईटीबीपीक गश्त आ तैनाती सेहो पहिनेसँ बहुत मजबूत कएल गेल अछि। ओ सीमावर्ती गामक लोकक चिंताकेँ वास्तविक आ गंभीर बतौलनि, मुदा गलत जानकारी आ फर्जी सामग्रीक माध्यमसँ देशमे भ्रम पसारबासँ बचबाक अपील केलनि।
बांग्लादेशक कथित वीडियोकेँ भारत-चीन सीमासँ जोड़बाक आरोप
केंद्रीय मंत्री कांग्रेस पर भ्रामक सामग्रीक माध्यमसँ सीमा विवाद पर राजनीतिक नैरेटिव बनेबाक आरोप लगौलनि। हुनका अनुसार, बांग्लादेशक कथित फर्जी वीडियोकेँ भारत-चीन सीमासँ जोड़िकऽ प्रसारित करब गलत अछि। एहि प्रकारक गलत जानकारीसँ आम लोकमे भ्रम पैदा होइत अछि आ सीमा पर तैनात सशस्त्र बलक मनोबल पर सेहो असर पड़ि सकैत अछि।
रिजिजू कहलनि जे भारत सीमा सुरक्षाक मामिलामे पूर्ण रूपसँ सतर्क अछि आ सेना तथा आईटीबीपीक गश्त आ निगरानी लगातार मजबूत कएल जा रहल अछि। संगहि, ओ अपील केलनि जे संवेदनशील सीमा मुद्दा पर राजनीति करबाक क्रममे अपुष्ट आ झूठ सामग्री प्रसारित नहि कएल जाए, किएक तँ एकर असरि देशक सुरक्षा बलक मनोबल पर पड़ि सकैत अछि।
