जगन्नाथ रथ यात्रामे भगदड़ : दू भक्तक मृत्यु, बहुतो केर घायलक आशंका
पुरी। समदिया

जगन्नाथ रथ यात्राक पहिल दिन बृहस्पतिकेँ पुरीक ग्रैंड रोड (बड़ा डंडा) पर भक्तक भारी भीड़क कारण भगदड़ मचि जेल। खबरि केर मुताबिक, भीड़क कारण बेहोश होयसँ दू गोटेक मृत्यु भ गेल।
बेहोश व्यक्तिकेँ इलाजक लेल पुरी जिला अस्पताल ल जायल गेल, जतय डॉक्टर हुनका मृत घोषित कय देलक। मृत्युक सही कारणक बारेमे समाचार सम्प्रेषण धरि पता नहि चलल छल। पुलिसक कहनाय अछि जे मृतकक पहिचान एखन धरि स्थापित नहि भ सकल अछि आओर आगूक जांच चलि रहल अछि।
भगदड़क दौरान एक आओर मृत्युक खबरि अछि, हालांकि अधिकारी समाचार सम्प्रेषण धरि एहि जानलेवा घटनाक पुष्टि नहि कयने छलथि।
बृहस्पतिकेँ साँझ धरि रथ यात्राक दौरान स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न मुद्दाक कारण लगभग 150 लोक पुरी जिला मुख्यालय अस्पतालमे भर्ती कयल गेल छल। सूत्रक कहब अछि जे भगदड़ सन स्थिति 2 बजे केर आसपास विकसित भेल।
ध्यान देबऽ वला बात अछि कि ओडिशा केर पुरी मे नौ दिवसीय वार्षिक रथ यात्रा केर शुरुआत लगातार बारिश आ लाखों भक्तक उपस्थितिक बीच ‘पहंडी’ रस्मक संग कयल गेल। ‘पहंडी’ रस्मकक दौरान भगवान जगन्नाथ, हुनक पैघ भाई भगवान बलभद्र आ हुनक बहिन देवी सुभद्राक मूर्ति जकरा 12वीं सदीक पुरी मंदिरसँ विधिवत रूपसँ अपन-अपन रथमे ल जायत अछि।
घंटी, शंख, झांझक आवाजक बीच चक्र-राज सुदर्शन केर सबसँ पहिने मुख्य मंदिरसँ बाहर निकालि देवी सुभद्राक रथ ‘दर्पदलन’ पर राखल गेल छल। पंडित सूर्यनारायण रथशर्मा बतौलनि जे श्री सुदर्शन भगवान विष्णु केर अस्त्र थिक, जे पुरीमे भगवान जगन्नाथक रूपमे पूजल जाइत छथि।
ओ आगू कहलनि जे कि भगवान जगन्नाथक पैघ भाई भगवान बलभद्रक विग्रहकेँ सेहो ‘तालध्वज’ रथ पर स्थापित कयल गेल। सेवादार द्वारा शून्य पहंडी (रथ धरि ल जायत समय देवी सुभद्राक विग्रहक मुख आकाश दिस होयत अछि) शैलीमे भगवान जगन्नाथ आ भगवान बलभद्रक बहन देवी सुभद्राक विग्रहकेँ हुनका रथ धरि आनल गेल।
अंतमे महाप्रभु भगवान जगन्नाथक विग्रहकेँ मंदिरसँ बाहर आनल गेल, तँ ‘बड़ा डंडा’ (रथमार्ग) पर भक्तक भावना उमड़ल। ओ अपन हाथ उठाकय आ ‘जय जगन्नाथ’ केर जयघोष कय महाप्रभुक रथ पर विराजमान होयबाक जश्न मनौलक। ओडिसी नर्तकी, लोक कलाकार आ सांस्कृतिक दल ‘कालिया ठाकुर’ केर सामने प्रस्तुति देलक।
