राजनीति

इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल लेल देशकेँ प्रयोगशालामे बदलबाक पाछु सरकारक की मंशा अछि? – रोहिणी आचार्य

पटना। समदिया

राष्ट्रीय जनता दलक नेता रोहिणी आचार्य इथेनॉल मिश्रित पेट्रोलक मुद्दा पर केंद्रक नरेंद्र मोदी सरकारकेँ निशाना बनौलनि। रोहिणी आचार्य सोशल मीडिया पर लिखलनि जे पेट्रोलमे इथेनॉल ब्लेंडिंग केर कारण देशभरिसँ गाड़ीमे यांत्रिक खराबीक शिकायत आबि रहल अछि। एहि मुद्दा पर जन आक्रोश बढ़ि रहल अछि। एकर बावजूद मोदी सरकार जवाबदेहीसँ बचैत देखा रहल अछि आ एहि गंभीर मुद्दा पर सवालसँ बचैत देखा रहल अछि।

जनताक बहुत रास सवाल अछि आ देशक नागरिककेँ ओकर जवाब भेटबाक अधिकार अछि। मोदी सरकार केर ई बताबय पड़त जे आम लोकक गाड़ीकेँ सुरक्षासँ समझौता करय लेल कोन नीतिक इस्तेमाल कएल जा रहल अछि? जखन ऑटो निर्माता स्वयं इथेनॉल मिश्रित पेट्रोलक उपयोग करबामे सावधानी बरतबाक सलाह दैत छथि तँ बिना पर्याप्त परीक्षण आ तैयारीकेँ इ नीति किया लागू कयल गेल।

रोहिणी आचार्य सरकारसँ पूछलनि जे जनहितक नाम पर एहन नीतिसँ होए वला नुकसानक बोझ जनता द्वारा किएक उठाउल जाए? की मोदी सरकार इ बता सकैत अछि जे इथेनॉल ब्लेंडिंग लागू करबासँ पहिने सभ प्रकारक वाहनक संगतता सुनिश्चित कयल गेल छल वा नहि? की एहि संबंधमे आम जनताकेँ विश्वासमे लेल गेल? नीतिक नाम पर जनता केर प्रयोगशालामे बदलबाक पाछु सरकारक की मंशा अछि?

मोदी सरकारकेँ इ बुझबाक चाही जे जनविश्वास जीतय वला नीति मात्र सफल होइत अछि। कोनों नीतिकें मूल्यांकन आ निर्धारण संवाद, चर्चा आ तथ्यकें आधार पर कयल जयबाक चाहि, नहि कि जल्दबाजीमे, एकतरफा निर्णयकें आधार पर जे कोनों विशेष व्यक्तिकें लाभ पहुंचाबयकें शंका पैदा करैत अछि। अतः ईंधन नीतिमे पारदर्शिता किएक नहि कायम राखल गेल ताहि पर सवाल उठब स्वाभाविक अछि। सरकारकेँ इथेनॉल नीति पर सभटा तथ्य सार्वजनिक करबाक चाही आ जनताक सवालक तार्किक आ तथ्यात्मक जवाब देबाक चाही। सरकार जनताक सामने तथ्य पेश करय आओर एहि मुद्दा पर उठल सवालक जवाब देबयसँ किएक परहेज कय रहल अछि।

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