अपराध

बीपीएससी केर एक्शनमे 155 अभ्यर्थी पर बैन, 113 पर आजीवन रोक

पटना। समदिया

परीक्षा कदाचार आ धोखाधड़ीक खिलाफ निर्णायक कार्यवाही करैत बीपीएससी 155 अभ्यर्थी पर रोक लगा देलक अछि। एहिमे सँ 113 गोटेकेँ आजीवन परीक्षा देबासँ रोकल गेल अछि। आयोग कतेको परीक्षामे गड़बड़ीक संबंधमे सख्त रुख अपना लेलक अछि।

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) प्रतियोगी परीक्षामे बेर-बेर सामने आबि रहल धोखाधड़ीक खिलाफ एखन धरि केर सबसँ महत्वपूर्ण कार्यवाही कयलक अछि। आयोग कुल 155 अभ्यर्थी पर विभिन्न परीक्षामे रोक लगा देलक अछि, जनतब अछि जे एहिमे सँ 113 गोटेकेँ बीपीएससीक कोनो परीक्षामे शामिल हेबा सँ आजीवन अयोग्य ठहराओल गेल अछि। एही कदमकेँ परीक्षा प्रणालीमे पारदर्शिता सुनिश्चित करय केर दिशामे एगो पैघ कदम केर रूपमे देखल जा रहल अछि।

आयोग द्वारा जारी जानकारीक अनुसार ई कार्यवाही परीक्षा प्रक्रियाक दौरान धांधली, नकल वा धोखाधड़ीक तरीकाक इस्तेमाल करैत पकड़ल गेल उम्मीदवारकेँ निशाना बनाओल गेल अछि। बीपीएससी साफ कय देलक अछि जे एहन मामिलामे कोनो नरमी नहि बरतल जायत।

शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई)मे सबसँ बेसी गड़बड़ीक पता चलल। टीआरई-3 परीक्षामे 66 अभ्यर्थी पर कार्यवाही भेल, 65 पर आजीवन प्रतिबंध लगा देल गेल, जखन कि दोसरकेँ अलग जुर्मानाक सामना करय पड़ल।

तहिना टीआरई-2 परीक्षाक दौरान कुल 49 अभ्यर्थी कदाचारमे शामिल पाओल गेल। एहिमे सँ 47 केँ स्थायी रूपसँ ब्लैकलिस्ट कयल गेल, जखन कि दूटा पर पांच साल धरि रोक लगाओल गेल। ई आंकड़ा संकेत करैत अछि जे एहि परीक्षामे पैघ पैमाना पर गड़बड़ी भेल।

कक्षा 1 सँ 12 धरि आयोजित स्कूल शिक्षक परीक्षामे सेहो नकल आ गड़बड़ीक मामिला सामने आयल। एहि परीक्षामे बीसटा परीक्षार्थीकेँ दोषी पाओल गेल आ पांच साल लेल रोक लगा देल गेल अछि।

आयोगक कहब अछि कि परीक्षा प्रक्रियाके निष्पक्षता कायम राखब ओकर सर्वोच्च प्राथमिकता अछि आ एही कारणसँ सभ स्तर पर सख्त कार्यवाही कयल जा रहल अछि। बीपीएससी द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षामे सेहो कदाचारक मामिला सामने आयल अछि। एहि परीक्षामे तेरहटा अभ्यर्थी कदाचारमे पकड़ल गेल।

एहिमेसँ एकटा अभ्यर्थी पर आजीवन रोक लगा देल गेल अछि, जखन कि बाकी 12 गोटेकेँ तीन साल धरि परीक्षासँ रोकल गेल अछि। एहिसँ पहिने 68वीं आओर 69वीं केर परीक्षाक सिलसिलामे कतेको अभ्यर्थी पर तीनसँ पांच साल धरि केर अवधि लेल सेहो रोक लगा देल गेल छल।

Spread the love