देश-दुनिया

टाटा ट्रस्टक पैघ निर्णय : गैर-पारसी केर ट्रस्टी बनय पर रोक हटाओल जायत, कानूनी बदलावक तैयारी चलि रहल 

मुंबई। समदिया

टाटा साम्राज्य केर परोपकारी शाखा टाटा ट्रस्ट रविकेँ एगो दूरगामी फैसला कयलक। ट्रस्ट बाई हीराबाई जमशेदजी टाटा नवसारी चैरिटेबल इंस्टीट्यूशन (बाई हीराबाई ट्रस्ट) केर ट्रस्टी बनबाक पात्रता शर्तोमे मौजूद भेदभावपूर्ण नियमकेँ बदलय केर लेल कानूनी प्रक्रिया शुरू करबाक एलान कयलक। एहीमे सबसँ प्रमुख मुद्दा गैर-पारसी व्यक्तिकेँ ट्रस्टी बनबाय पर लगेबाक पाबंदीकेँ हटने अछि।

किछु दिन पहिने टाटा ट्रस्टक पूर्व ट्रस्टी मेहली मिस्त्री महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नरमे शिकायत दर्ज करौलनि। मिस्त्री अनुभवी उद्योगपति वेणु श्रीनिवासन आ पूर्व रक्षा सचिव विजय सिंह केर नियुक्तिकेँ बाई हिराबाई ट्रस्ट केर बोर्डमे चुनौती दैत हुनक नियुक्तिकेँ गैरकानूनी बतैलनि। हुनक तर्क छल कि, ट्रस्ट केर मूल डीडक अनुसार, ट्रस्टी केर पारसी जरोस्थियन आ मुंबई केर निवासी भेनाइ अनिवार्य अछि, जे शर्तकेँ दूनू नियुक्तिमे सँ किए भी पूरा नहि करैत अछि।

बढ़ैत विवादक आलोकमे 17 अप्रैल 2026 केँ बोर्ड केर बैसार बजाओल गेल, जकर अध्यक्षता टाटा ट्रस्ट केर अध्यक्ष नोएल टाटा कयलनि। बैसारक दौरान ट्रस्टी एही बात पर जोर देलनि कि टाटा ग्रुप केर नींव समावेशी आ धर्मनिरपेक्ष मूल्य पर टिकल अछि। एक बयान जारी कय ट्रस्ट घोषणा कयलक कि “ट्रस्ट डीडक भीतरक विसंगतिकेँ सुधारय लेल आ एकरा टाटा ट्रस्टक आदर्शकेँ संग संरेखित करय लेल ट्रस्टी प्रतिबंधात्मक खंडमे संशोधन करय लेल उचित प्राधिकारीक सामने कार्यवाही शुरू करय केर संकल्प लेलक अछि।”

Spread the love