वित्त-अर्थ

लोकसभामे पास भेल फाइनेंस बिल 2026

नई दिल्ली। समदिया

काल्हि बुधदिन लोकसभामे फाइनेंस बिल 2026 पेश करैत वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण देशकेँ आर्थिक शासन (इकनोमिक गवर्नेंस) मे एक पैघ बदलावक ऐलान कयलनि। ओ स्पष्ट कयलनि कि सरकार आब ‘रिएक्टिव’ उपाय केर बजाय सिस्टममे स्पष्टता लाबय पर ध्यान द रहल अछि। एही नव बिलक मुख्य स्तंभ ‘भरोसा पर आधारित टैक्स प्रशासन’ अछि, जकर उद्देश्य ईमानदार करदाताक मुश्किलकेँ कम करबाक अछि। वित्तमंत्री सदनकेँ संबोधित करैत कहलनि कि भारत आब कोनो मजबूरीमे सुधार नहि कय सकैत अछि, बल्कि ई बदलाव पूरा आत्मविश्वास आ प्रतिबद्धताक संग कयल जा रहल अछि। ओ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीक नेतृत्वक जिक्र करैत एकरा ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ का नाम देल। ई पूरा बिल पांच बुनियादी सिद्धांत पर टिकल अछि, जे देशक अर्थव्यवस्थाकेँ नव दिशा देताह। एही बिलक एक बड़का हिस्सा आम नागरिक जीवनकेँ आसान बनाबय आ व्यापार करय केर सुगमता पर केंद्रित अछि। सरकारक लक्ष्य अछि कि वैध काज करय वला लोककेँ अनावश्यक अनुपालन, परमिट, कोटा आ लाइसेंसक बोझ तले नहि  दबय पड़य। एहीसँ कागजी कार्यवाही कम होयत आ लोग अपन काज पर ज्यादा ध्यान द पाओत। वित्तमंत्री विस्तारसँ बतालनि कि फाइनेंस बिल 2026मे एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु आ मध्यम उद्यम), किसान आ सहकारी समितिकेँ सशक्त बनाबय पर विशेष जोर देल गेल अछि। ई क्षेत्र रोजगार सृजन आ उत्पादनक धुरी अछि। नव प्रावधानक जरिए हुनक लिक्विडिटी (नकदीक उपलब्धता) मे सुधार कयल जायत आ उन पर नियमक बोझ कम कयल जायत, जाहि ग्रामीण आ औद्योगिक विकासकेँ रफ्तार भेटत। घरेलू मदति केर अलावा, सरकार भारतकेँ दुनियाक बिजनेस हबक रूपमे स्थापित करय चाहैत अछि। एही लेल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग आ परमाणु ऊर्जा जँका महत्वपूर्ण क्षेत्रमे टैक्ससँ जुड़ल स्पष्टता आनल जा रहल अछि। संगही, विदेशी व्यापारकेँ आसान बनाबय लेल सीमा शुल्क (कस्टम्स) सुधारक जरिए क्रॉस-बॉर्डर प्रक्रियाकेँ सरल बनाओल जायत।

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