‘सांस्कृतिक संरक्षण पुनर्जागरण अभियान’मे देल जाएत गति, जिला, प्रखंड आ पंचायत स्तर पर शाखा : शास्त्री

निज समदिया!! ‘मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश फोरम’ अपन पुनर्जागरण अभियानक अंतर्गत आब ‘सांस्कृतिक संरक्षण पुनर्जागरण अभियान’मे गति देबाक नियार कयलक अछि। ई जनतब दैत अजय नाथ झा शास्त्री एकर भूमिका दैत प्रारंभिक किछु सुधारात्मक विन्दु पर काज करय केर बात कहलनि अछि आ समस्त मिथिलावासीकेँ एहिसँ जुड़य हेतु आ अपन सुझाव एवं मार्गदर्शन लेल आह्वान कयलनि अछि।
जनतबक अनुसार फोरमक संरक्षक सदस्यगण एहि अभियानक आवश्यकता पर विशेष बल देलनि अछि। फोरम संरक्षक सदस्य गणमे सुधीर ठाकुर, दिलीप कुमार झा, कुमार प्रमोद चन्द्र, डाॅ मीना झा, विष्णु मोहन कंठ, डाॅ विनय कर्ण, अमलेश मिश्र, अशोक लाल, धर्मेन्द्र कुमार झा, डाॅ गोपाल कुमार झा एवं रुपा कुमारी मिथिलाक अस्तित्वक संरक्षणक लेल समवेत् स्वरमे एहि अभियानक विस्तारक लेल अपन सहमति प्रदान कयलनि अछि।
प्रारंभमे ‘सांसकृतिक संरक्षण पुनर्जागरण अभियान’मे १५ टा विन्दु काज करय हेतु ठेकनायल गेल अछि आ भारतक मिथिला क्षेत्रीय तीसो जिलामे जिला, प्रखंड एवं पंचायत स्तरीय शाखाक निर्माण कयल जयबाक जानकारी भेटल अछि।
पन्द्रहटा विंदुमे क्रमशः ०१) मिथिलाक पारंपरिक मूल्यक संरक्षण : रहन-सहन, पहिरन-ओढ़न, खान-पान, रिति-रिवाज, पावनि-तिहार, आदि, ०२) धरोहरक संरक्षण, ०३) आयातित अपसंस्कृतिसँ बचाव, ०४) सामाजिक सद्भाव एवं समरसता, ०५) धार्मिक सद्भाव, ०६) गौपालन एवं गौरक्षा, ०७) क्षेत्रीय स्वाभिमान, ०८) क्षेत्रीय पहिचान एवं अस्तित्व संरक्षण, ०९) स्थान-मान-सम्मान, १०) सुशिक्षा, नैतिक शिक्षा एवं नैतिक मूल्य, ११) आयुर्वेद एवं योग, १२) मातृभाषा, मातृलिपि एवं मातृ संस्कृतिक व्यवहार एवं प्रसार, १३) आत्मनिर्भरता, १४) सुरक्षा एवं १५) प्रकृति संरक्षण राखल गेल अछि।
