उपलब्धि

रडार आ इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर लेल DRDO विकसित कयलक स्वदेशी GaN तकनीक

नई दिल्ली । समदिया

रक्षा क्षेत्रमे सेमीकंडक्टर तकनीकक दिशामे भारत पैघ उपलब्धि हासिल कयलक अछि। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) X-बैंडमे काज करयवला GaN (गैलियम नाइट्राइड) आधारित MMIC तकनीक सफलतापूर्वक विकसित आ परीक्षण कयलक अछि।

DRDO केर स्वदेशी GaN चिप मात्र 3.5×3 मिलीमीटर आकारक अछि आ 30 वाट धरि पावर देबाक क्षमता रखैत अछि। एकर उपयोग अगिला पीढ़ीक रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, कम्युनिकेशन, निगरानी उपकरण आ ड्रोन प्रणालीमे कयल जा सकैत अछि।

DRDO केर सॉलिड स्टेट फिजिक्स लेबोरेटरी (SSPL) एहि तकनीकक विकासमे महत्वपूर्ण भूमिका निभौने अछि। प्रयोगशाला सिलिकॉन कार्बाइड (SiC) वेफर तैयार करबाक स्वदेशी प्रक्रिया सेहो विकसित कयने अछि। GaN आ SiC तकनीकसँ रक्षा उपकरणक आकार आ वजन घटेबाक संगहि पावर आ प्रदर्शनमे सुधार होयत।

विदेशी निर्भरता घटत

GaN सन उन्नत कंपोनेंट लेल भारत एखन धरि विदेशी स्रोत पर निर्भर रहल अछि। निर्यात प्रतिबंधक कारण सेहो एहि तकनीकक उपलब्धता सीमित रहल अछि। स्वदेशी विकाससँ रक्षा उपकरण निर्माणमे आत्मनिर्भरता बढ़त आ विदेशी निर्भरता घटत।

एहि क्रममे iDEX पहल अन्तर्गत Agnit Semiconductors संग उन्नत GaN सेमीकंडक्टर विकसित करबाक लेल समझौता सेहो भेल अछि। विशेषज्ञक अनुसार, ई उपलब्धि ‘आत्मनिर्भर भारत’ आ स्वदेशी रक्षा सेमीकंडक्टर क्षमता मजबूत करबाक दिशामे महत्वपूर्ण डेग अछि।

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