राजनीति

रक्षामंत्रीक स्पष्ट संदेश, शांतिक अभिलाषी, मुदा सुरक्षासँ समझौता नहि

नई दिल्ली । समदिया

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह कहलनि जे भारत शांति आ संवादक पक्षधर अछि, मुदा राष्ट्रीय सुरक्षाक कीमत पर कोनो समझौता नहि कएल जा सकैत अछि। ओ कहलनि जे जँ कोनो देश भारतक विरुद्ध आतंकवादकेँ अपन सरकारी नीतिक साधन बनबैत अछि, तँ ओहि देशक संग बातचीतक संभावना समाप्त भऽ जाइत अछि।

राजनाथ सिंह कहलनि जे भारत सम्मानजनक संबंध, वैश्विक स्थिरता आ साझा समृद्धिमे विश्वास करैत अछि। भारत युद्ध नहि चाहैत अछि आ कोनो देशक भूमि पर कब्जा करबाक इच्छा नहि राखैत अछि, मुदा शांति आ कमजोरीमे अंतर अछि। राष्ट्रीय सुरक्षाक रक्षा लेल भारत स्वतंत्र रूपसँ आवश्यक कार्रवाई कऽ सकैत अछि।

रक्षामंत्री कहलनि जे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतकेँ आत्मनिर्भर बनेबाक संग अपन सामर्थ्य पर विश्वास करबाक दिशा देने छथि। रक्षा क्षेत्रमे नव उद्यम, एमएसएमई, विश्वविद्यालय आ वैज्ञानिकसभकेँ जोड़ि नवाचारकेँ बढ़ावा देल जा रहल अछि। रक्षा मंत्रालय 2400 करोड़ टकासँ बेसीक खरीद नव उद्यम आ एमएसएमईसँ करबाक मंजूरी देने अछि, जखनिकि 1500 करोड़ टकासँ बेसीक परियोजना नव तकनीक विकास लेल स्वीकृत भेल अछि।

ओ कहलनि जे भारतीय युवा एआइ, मानव रहित विमान, रोबोटिक्स, क्वांटम तकनीक, साइबर सुरक्षा आ स्वायत्त प्रणालीक क्षेत्रमे काज कऽ रहल छथि। उत्तर प्रदेश आ तमिलनाडुक रक्षा औद्योगिक गलियारामे करीब 70 हजार करोड़ टकाक निवेश प्रस्ताव आएल अछि। भारतीय रक्षा उत्पाद आब 100 सँ बेसी देशमे पहुँचि रहल अछि।

राजनाथ सिंह कहलनि जे भारतक विकासक उद्देश्य दोसर देशकेँ पछाड़ब नहि, बल्कि समावेशी विकास आ सकारात्मक परिवर्तन सुनिश्चित करब अछि। राष्ट्रीय सुरक्षाकेँ सामूहिक दायित्व बतबैत ओ समाजमे धर्म, जाति, भाषा आ क्षेत्रक आधार पर वैमनस्यसँ बचबाक आ नागरिकसभमे आपसी विश्वास मजबूत करबाक आह्वान केलनि। साथे ग्लोबल साउथ केर देशसभक हितमे भारतक सहयोग जारी रखबाक बात कहलनि।

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