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मिथिलाक्षरकेँ लऽ कऽ आम मिथिलावासीमे चेतना जागृत होएब मिथिलाक सुखद भविष्यक शुभ संकेत : शिक्षाविद् राम शृंगार पाण्डेय

रविदिन मधुबनीक प्राथमिक शिक्षक संघ भवनमे अभियानक 13म सम्मान समारोहक भेल आयोजन
मधुबनी समदिया!!
मिथिला, मैथिली आ मिथिलाक्षरक अस्तित्व सदियोसँ रहैत आयल अछि। बीचक एकटा संक्षिप्त कालखंडमे भने एकर स्थिति थोड़े निराशाजनक रहल हो, मुदि एकबेर फेरसँ मिथिलाक सर्वांगीण विकास लेल मैथिली भाषा आ धरोहर लिपि मिथिलाक्षरकें ल’ आम मैथिलमे चेतना जागृत भ’ गेल अछि। ई निश्चित रूपसँ एकर सुखद भविष्य लेल शुभ संकेत अछि। ई गप रविदिन अपराह्न मधुबनी स्थित प्राथमिक शिक्षक संघ भवनमे आयोजित मिथिलाक्षर साक्षरता अभियानक 13म सम्मान समारोहक शुभारंभ करैत सीनियर सेकेंडरी स्कूलक निदेशक डॉ राम शृंगार पांडेय कहलनि।
ओ कहलनि जे आजुक तारीखमे सेहो संविधानक आठम अनुसूचीमे शामिल मैथिलीक पढौनी प्रथमिक शिक्षामे नहि होयब निंदनीय अछि।

प्रखर समाजसेवी ज्योति रमण बाबा अपन संबोधनमे मिथिलाक्षर लिपिकें दैनिक उपयोगमे अनबाक सभसँ अनुरोध करैत कहलनि जे जँ मिथिलाक्षर लिपिक प्रयोग दैनिक कार्यमे नहि कयल गेल त’ ई पुन: मृतप्राय भ’ जायत। ओ कहलनि जे हालांकि मिथिलाक्षरक शत-प्रतिशत साक्षरताक प्रति एहि अभियानसँ जुड़ल अभियानी कृत संकल्प छथि मुदा, मिथिलाक्षरकें चलनमे आनब सभ मैथिली भाषीक जिम्मेवारी छनि।

वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. योगानन्द झाक अध्यक्षतामे आयोजित समारोहमे पाहुन लोकनिक स्वागत मिथिलाक्षर साक्षरता अभियानक संस्थापक पं. अजयनाथ झा शास्त्री कयलनि। स्वागत भाषण केर क्रममे ओ अभियानक उद्देश्य आ उपलब्धि पर विस्तारसँ प्रकाश डालैत अभियानक भावी गतिविधिसँ संबंधित अनेक प्रस्ताव प्रस्तुत कयलनि।

वरिष्ठ समाजसेवी प्रफुल्ल चन्द्र झा अपन संबोधनमे कहलनि जे मिथिलाक धरोहर मातृलिपि मिथिलाक्षरक साक्षरताकें बढेबामे युवा लोकनिक संग पैघ संख्यामे महिलाक जुड़ब एकर खासियत रहल अछि। निश्चित रूपसँ ई एहि बातक संकेत अछि जे जानकी, भारती आ गार्गी सन विदुषीक जन्मस्थली रहल मिथिलाक नारी शक्ति अपन नौनिहालकें अपन मातृलिपिकें सशक्त बनेबाक दिशामे पूर्ण मनोयोगसँ प्रेरित क’ रहलीह अछि।

कार्यक्रमक संचालन करैत अभियानक वरिष्ठ संरक्षक डॉ. प्रवीण कुमार झा कहलनि जे सोशल मीडियाक विभिन्न प्लेटफार्म पर मिथिलाक्षरक पाठशाला सजा देश-विदेशक एखन धरि करीब दस लाखसँ बेसी लोककें मिथिलाक्षर साक्षरता अभियानक माध्यमसँ मिथिलाक्षरमे साक्षर बनेबाक पं शास्त्रीक काज मैथिली भाषा आ लिपि लेल ढोल पीटनिहार लोक लेल एकटा संजीवनी उदाहरण प्रस्तुत क’ रहल अछि।

प्रसिद्ध समाजसेवी आ मधुबनी जिला कांग्रेसक पूर्व अध्यक्ष प्रो. शीतलाम्बर झा कहलनि जे अभियानमे प्रशिक्षित होमय वाला प्रतिभागीमे अधिकांश युवा छथि आ ई अभियान सबसँ बेसी युवाक जनसंख्या वाला भारत देशमे एकटा युवा सोचक उपज अछि। ओ अपन संबोधनमे मिथिला, मैथिली आ मैथिलक यथास्थितिक विस्तारसँ चर्चा करैत जनगणनामे शत प्रतिशत मैथिल जन द्वारा मातृभाषाक कालममे अनिवार्य रूपसँ अपन मातृभाषा मैथिली दर्ज करेबाक आह्वान कयलनि।

अध्यक्षीय संबोधनमे डॉ. योगानन्द झा कहलनि जे धरोहर लिपि मिथिलाक्षरक पुनर्जागरण आह्लादित करय वाला अछि। ओ कहलनि जे संविधानमे शामिल अधिकतर भाषाकें जतय अपन स्वतंत्र लिपि नहि अछि। एहन स्थितिमे हमर धरोहर लिपि मिथिलाक्षर मैथिलीकें विशिष्टता प्रदान करैत अछि। ओ मिथिलाक्षर लिपिक नियमित प्रशिक्षणक व्यवस्था केर संग संग एकर व्यावहारिकता बढेबक जरूरति पर बल देलनि।

वरिष्ठ साहित्यकार दिलीप कुमार झा प्राथमिक शिक्षामे अद्यतन मैथिली भाषामे पढौनी प्रारंभ नहि भेला पर चिंता जाहिर करैत कहलनि जे मातृलिपिक ज्ञान भेलासँ व्यक्ति केर आत्मविश्वासमे पूर्णता जागृत होइत अछि, जे हुनक व्यक्तित्व केर समुन्नत विकासक संगहि सुंदर भविष्यक निर्माणमे सहायक होइत अछि।

एहि अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार प्रीतम कुमार निषाद, कुमार प्रमोद चंद्र, कृष्णकांत झा, आशीष कुमार मिश्र, परमानंद झा आदि सेहो अपन मूल्यवान विचार रखैत अभियान द्वारा मातृलिपि संग कम्प्यूटर प्रशिक्षणक उपक्रम सेहो आरंभ कयल जयबाक भूरि-भूरि प्रशंसा कयलनि।

धन्यवाद ज्ञापन करैत अभियानक वरिष्ठ संरक्षक उग्रनाथ झा कहलनि जे नव शिक्षा नीतिमे मातृभाषा आ मातृलिपि केर अहमियत बहुत बसी बढि गेल अछि। एहनामे एहि तरहक आयोजन जागरूकताक संग संग धरोहर लिपिकें संरक्षित आ संवर्धित करबामे सहायक साबित होयत।

अभियानक वरिष्ठ संरक्षक डॉ. प्रवीण कुमार झाक संचालनमे आयोजित कार्यक्रममे मिथिलाक्षर आ कम्प्यूटर प्रशिक्षित करीब पाँच दर्जनसँ बेसी प्रतिभागीकें क्रमशः मिथिलाक्षर प्रवीण सम्मान, कम्प्यूटर दक्षता सम्मान, शिक्षक आ निर्देशक सम्मान ओ मार्गदर्शक सम्मानोपाधि प्रदान कयल गेल।

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