चिराग-मांझीक आरक्षण समीक्षा पर भिड़ंतक बीच तेजस्वीक 75% आरक्षणक दांव, कहलनि- सर्वदलीय बैसारि बजाउ, कमिटी बनाउ
पटना । समदिया

बिहारमे आरक्षणक समीक्षाकेँ लऽ कऽ एनडीएक भीतर चलि रहल बयानबाजीक बीच राजनीतिक घमासान तेज भऽ गेल अछि। आरजेडी नेता आ बिहारक नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव चिराग पासवान आ जीतन राम मांझी पर निशाना साधैत कहलनि जे आरक्षणक लाभ लऽ कऽ आब ओही व्यवस्थाक समीक्षा आ बदलावक बात कएल जा रहल अछि।
तेजस्वी यादव कहलनि जे एनडीएक नेता आपसमे लड़ि रहल छथि। जे लोक आरक्षित सीटसँ चुनाव लड़ैत छथि, मंत्री बनैत छथि आ आरक्षण समाप्त करबाक अथवा ओकर समीक्षा करबाक बात करैत छथि, हुनका लोकनिकेँ पहिने अपन पदसँ इस्तीफा दऽ सामान्य सीटसँ चुनाव लड़बाक चाही।
हिम्मत अछि तँ सामान्य सीटसँ चुनाव लड़ू
तेजस्वी यादव कहलनि जे चिराग पासवान आ जीतन राम मांझीकेँ जँ आरक्षणक व्यवस्थासँ आपत्ति अछि तँ दुनू नेता अपन मंत्री पद छोड़ि सामान्य सीटसँ चुनाव लड़ि कऽ देखाउ। हुनकर सवाल छल जे आरक्षणक माध्यमसँ राजनीतिक आ संवैधानिक अवसर प्राप्त कएलाक बाद ओही व्यवस्थापर सवाल उठेनाइ उचित कोना भऽ सकैत अछि।
ई बयान एहेन समयमे आयल अछि, जखन चिराग पासवान आ जीतन राम मांझी आरक्षणमे क्रीमी लेयर आ अनुसूचित जातिक भीतर उप-वर्गीकरण सहित विभिन्न मुद्दापर अलग-अलग रुख रखैत छथि।
75 प्रतिशत आरक्षणक मुद्दा फेर उठेलनि
तेजस्वी यादव बिहारमे 75 प्रतिशत आरक्षणक अपन पुरान मांग सेहो दोहरौलनि। ओ कहलनि जे एनडीएक नेता जँ आरक्षणक पक्षमे छथि तँ बिहारक जातीय गणनाक आधारपर आरक्षणक सीमा 75 प्रतिशत करबाक लेल पहल करथि।
बिहार सरकार 2023 मे एससी, एसटी, ईबीसी आ ओबीसीक लेल आरक्षणक सीमा बढ़ा कऽ 65 प्रतिशत कएने छल। एकरा अतिरिक्त ईडब्ल्यूएसक 10 प्रतिशत आरक्षण जोड़लाक बाद कुल आरक्षण 75 प्रतिशत होइत छल। मुदा जून 2024 मे पटना हाईकोर्ट 65 प्रतिशत आरक्षणक कानूनकेँ असंवैधानिक ठहरबैत रद्द कऽ देने छल।
नौवीं अनुसूचीमे शामिल करबाक चुनौती
तेजस्वी यादव कहलनि जे जँ एनडीएक नेता आरक्षणक पक्षमे छथि तँ बिहारक 65 प्रतिशत आरक्षणक कानूनकेँ संविधानक नौवीं अनुसूचीमे शामिल कराबय लेल केंद्र सरकारपर दबाव बनाउ।
ओ सर्वदलीय बैठक बजा कऽ आरक्षणक मुद्दापर कमिटी गठित करबाक आ आवश्यक कानून बनाबयक मांग केलनि। तेजस्वीक कहब अछि जे बिहारमे एनडीएक सरकार अछि आ केंद्रमे सेहो ओकर सरकार अछि, तेँ केवल बयानबाजी नहि, बल्कि आरक्षणक सवालपर ठोस पहल होयबाक चाही।
चिराग, मांझी, अठावले आ सुदेश महतो पर सेहो निशाना
तेजस्वी यादव केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले आ सुदेश महतोक नाम लैत आरोप लगौलनि जे ई नेता आरक्षणक लाभ तँ लैत छथि, मुदा अपन-अपन समाजसँ जुड़ल आरक्षणक महत्वपूर्ण सवालपर स्पष्ट रुख नहि रखैत छथि।
ओ बिहारक जातीय गणनाक आंकड़ाक आधारपर आरक्षणक सीमा बढ़ेबाक मांगपर एनडीएक नेतासँ जवाब सेहो मांगलनि।
जज, सचिव आ कुलपतिमे प्रतिनिधित्व पर सवाल
तेजस्वी यादव आरक्षणक बहसकेँ सरकारी नौकरी आ उच्च शिक्षण संस्थानमे प्रतिनिधित्वसँ जोड़ैत कहलनि जे देशक हाईकोर्टमे एससी, एसटी आ ओबीसी वर्गसँ आबयवला जजक संख्या बहुत कम अछि।
ओ सचिव स्तरक सरकारी पद आ विश्वविद्यालयक कुलपतिमे सेहो एहि वर्गक प्रतिनिधित्वपर सवाल उठौलनि। तेजस्वी बीजेपीसँ प्रश्न केलनि जे की पार्टीक मानब अछि जे एससी, एसटी आ ओबीसी समाजमे प्रतिभाक कमी अछि ?
परिवारवादक मुद्दापर सेहो हमला
आरक्षणक मुद्दाक संग तेजस्वी यादव एनडीएक सहयोगी दलक परिवारवादपर सेहो हमला केलनि। ओ चिराग पासवानक पार्टीमे परिवारक सदस्यक महत्वपूर्ण भूमिका पर सवाल उठौलनि।
जीतन राम मांझीक पार्टीमे सेहो परिवारक लोककेँ महत्वपूर्ण पद देबाक आरोप लगबैत तेजस्वी उपेंद्र कुशवाहाक नाम सेहो लेलनि। हुनकर आरोप छल जे बिना विधायक बनलाक सेहो हुनकर पुत्रकेँ मंत्री बनाओल गेल।
तेजस्वीक एहि बयानक बाद बिहारमे आरक्षणक मुद्दापर सत्तापक्ष आ विपक्षक बीच राजनीतिक बहस आरो तेज होबाक संभावना अछि।
