अपराध

एचसी द्वारा मधुबनीक एडीजेकेँ शो-कॉज, फेर प्रशिक्षण पर पठेबाक चेतावनी

पटना । समदिया

सुप्रीम कोर्ट आ पटना हाईकोर्टक स्पष्ट नजीरक अनदेखी कऽ अग्रिम जमानत याचिकापर त्रुटिपूर्ण आदेश देबाक मामिलामे मधुबनीक अपर सत्र न्यायाधीश-V (एडीजे) सँ हाईकोर्ट जवाब मांगने अछि। न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमारक एकलपीठ जिला न्यायाधीशक माध्यमसँ संबंधित न्यायिक अधिकारीकेँ शो-कॉज नोटिस जारी कऽ पुछने अछि जे हुनका फेर प्रशिक्षण लेल बिहार न्यायिक अकादमी किएक नहि पठाओल जाए।

एक सप्ताहमे देबाक अछि जवाब

हाईकोर्ट एक सप्ताहक भीतर जवाब दाखिल करबाक निर्देश देने अछि। मामिलाक अगिला सुनवाई 24 सितंबर 2026 केँ होएत।

अग्रिम जमानत आदेशपर उठल सवाल

मामिला मधुबनी महिला थाना कांड संख्या 44/2025 सँ जुड़ल अछि। आरोपी नीरज कुमार मिश्रा द्वारा दाखिल अग्रिम जमानत याचिकापर एडीजे 16 अप्रैल 2026 केँ निर्णय देबाक बदला हुनका चारि सप्ताहक भीतर निचला अदालतमे आत्मसमर्पण कऽ नियमित जमानत लेबाक निर्देश देने छलाह।

याचिकाकर्ताक अधिवक्ता सरोज कुमार चौधरी हाईकोर्टमे कहलनि जे एडीजे ‘नौशाद अंसारी’ मामिलाक नजीरक आधार लेने छलाह, मुदा हाईकोर्टक खंडपीठ ‘मो. राजा बनाम बिहार राज्य’ मामिलामे एहि नजीरकेँ पहिने निष्प्रभावी घोषित कऽ देने अछि। अधिवक्ताक अनुसार ‘आशिक कुमार शाह (2025)’ मामिलामे सेहो स्पष्ट कएल गेल अछि जे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) कऽ धारा 482 अन्तर्गत सत्र अदालतकेँ अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार अथवा अस्वीकार करबाक निर्णय देब आवश्यक अछि।

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