नवम ऑनलाइन चर्चा-परिचर्चामे ‘जनगणनामे मैथिली हेतु मिथिलावासीक समवेत प्रयास’ लेल उपयोगी चर्चा

प्रस्तोता धर्मेन्द्र कुमार झा’क संग संयोजक प्रो शीतलांबर झा (महासचिव – मैथिल समाज रहिका, पूर्व जिलाध्यक्ष – जिला कांग्रेस कमिटी मधुबनी) राज कुमार सिंह उर्फ राजू यादव (प्रदेश उपाध्यक्ष : शिक्षक संघ बिहार, जिला अध्यक्ष : जिला इकाई मधुबनी), संजीव कुमार कामत (जिला अध्यक्ष : बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ मधुबनी), एवं नवीन कुमार झा (महासचिव : बिहार पंचायत – नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ जिला इकाई – मधुबनी), केर उपयोगी विमर्श
निज समदिया!! मैथिल पुनर्जागरण प्रकाशक ऑनलाइन चर्चा-परिचर्चा’क नवम एपिसोडमे, जनगणनामे मैथिली हेतु समस्त मिथिलावासीक समवेत प्रयास, पर विस्तृत चर्चा-परिचर्चा भेल आ अनेक योजना प्रकाशित भेल। प्राथमिक वर्गमे मैथिली माध्यमसँ पढ़ौनी, मैथिली भाषाकेँ शास्त्रीय भाषाक दर्जा भेटए, जनगणनामे आम जनमानस मैथिलीकेँ अप्पन मातृभाषाक रूपमें लिखाबय, एहि लेल मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश फोरम एकटा मुहीम चला रहल अछि। ऑनलाइन चर्चा – परिचर्चाके माध्यमे अनेको विद्वान आ बुद्धिजीवी लोकक मत लेल जा रहल अछि। सहभागीगणकेँ स्वागत करैत ‘मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश’क प्रबंध संपादक प्रस्तोता धर्मेन्द्र कुमार झा विषय प्रवेश करौलनि आ सहभागीगणसँ अपन दृष्टिकोण राखय लेल कहलनि।
कार्यक्रममे अपन विचार राखैत नवीन कुमार झा अख़बार आ अखबारक प्रधान सम्पादकक आभार करैत कहलनि कि, अप्पन मैथिली भाषा प्रदेशक एकमात्र संवैधानिक भाषा आ एही भाषाक सम्मान करब हर मैथिलक दायित्व अछि। अप्पन वक्तव्य में ओ आगू कहलनि कि, “जनगणनाक प्रथम चरण गृहगणना संपन्न भेल अछि आ हमर संगठन बहुत निक कार्य क’ रहल अछि, मिथिला क्षेत्रक प्रत्येक जिलामे हमर सभक सहकर्मी कार्यरत छथि त’ हम सभ अपना स्तरसँ प्रयास करैत लोककेँ अप्पन मातृभाषा मैथिली लिखाबय लेल प्रेरित करब”। नविन आगू कहलनि कि, “प्रशिक्षणक क्रममे हम सभ, तमाम अधिकारी आ मंत्रीगण सभसँ मैथिली भाषाक प्रसार लेल विस्तृत चर्चा कएने छी”। नविन झा आश्वासित कएलनि कि, “एहि बेरक जनगणनामे हम सभ, अप्पन आधिकारिक संख्या निश्चित रूपसँ बढएबाक प्रयास करब। किएक त’ पूर्वमे भेल जनगणनामे बहुत रास मैथिल एहि गप्पसँ अनभिज्ञ छलथि, फलतः हमर सभक वास्तविक आंकड़ा सोझा नहि आयल, मुदा एखन मिडिया आ सोशल मिडिया कारगर सिद्ध भ’ रहल अछि त’ आशा नहि पूर्ण विश्वास अछि जे एहि बेर हम सभ अप्पन वास्तविक आंकड़ा अवश्य प्रस्तुत करब”।
चर्चामे शामिल प्रो शीतलाम्बर झा, जे अपना स्तरसँ सेहो अत्यधिक प्रयास क’ रहल छथि, अप्पन अनुभवक आधार पर बहुत रास नीक – नीक सुझाव रखलनि जे मैथिली भाषाक प्रति लोककेँ जागरूक करबामे निश्चित रूपसँ सहायक सिद्ध भ’ सकैत अछि। प्रो झा अप्पन वक्तव्यमे आगू कहलनि कि, “जतेक गोटे आजुक परिचर्चामे शामिल छथि, ओ निश्चित रूपसँ लोककेँ जागरूक करए आ एहि जागरूकता अभियानमे सार्थक भूमिकाक निर्वाह क’ सकैत छथि”। धरातल पर स्थिति विकट अछि, किएक त’ बहुत रास लोक मैथिली भाषासँ मुंह मोड़ने छथि, एहि विषय पर प्रो झा कहलनि कि, “शिक्षक संघक लोक एहि बेरक जनगणनामे निश्चित रूपसँ कारगर सिद्ध हेताह किएक त’ हुनकर सभक दायित्व बेसी अछि”। शिक्षक लोकनि धरातल पर ओहि तमाम लोक लेल सहायक सिद्ध भ’ सकैत छथि जे अप्पन मातृभाषाक महत्व नहि बुझि रहल छथि त’ तमाम मिथिला क्षेत्रमे जनगणनाक क्रममे ई लोकनि निश्चित रूपसँ अप्पन कर्तव्यक निर्वाह करताह। आ जौं ई अभियान कारगर होइत अछि त’ निश्चित रूपसँ हम सभ अप्पन आधिकारिक आंकड़ा पांच करोड धरि पहुंचा सकैत छी। अंतमे प्रो शीतलांबर झा, देशक तमाम मैथिलसेवी संस्था सभसँ आग्रह करैत कहलनि कि, “संस्थाक अधिकारी आ तमाम सेवाधारी लोकनि सेहो अप्पन भूमिका सुनिश्चित करथि।”
चर्चा में शामिल राज कुमार सिंह उर्फ राजू यादव अपन वक्तव्यमे कहलनि कि, “मैथिली हमर सभक मातृभाषा अछि, आ निश्चित रूपसँ हमरा सभ मैथिलीक उचित मान सम्मान लेल अप्पन संगठनक संग ओ तमाम प्रयास करब, जाहिसँ मैथिली भाषी लोकक वास्तविक गणना संभव होय” । राजू यादव अप्पन मातृभषाक महत्व पर प्रकाश दैत कहलनि कि, जखन अप्पन मैथिलीभाषी लोकक संख्या बढ़त त’ निश्चित रूपसँ मैथिलीमे पढ़ौनी शुरू होयत आ मैथिली शिक्षकक बहाली सेहो होयत आ आनो आन रोजगारक अवसर भेटत”। अप्पन कर्तव्यक गप्प करैत राजू यादव कहलनि कि, संख्याबलकेँ देखैत सरकार सेहो एकर प्रचार-प्रसार आ संरक्षण – संवर्धन लेल फंडक जोगार करत। किएक त’ संख्याबलक आधारहि पर सरकार तमाम योजना निर्धारित करैत अछि। राजू यादव शिक्षक संघसँ जुड़ल छथि त’ ओ, तमाम मैथिलक संघ तमाम कर्मचारीसँ आव्हान कएलनि कि, “एहि बेरक जनगणनामे हर मैथिल अप्पन – अप्पन स्तरसँ प्रयास करथि त’ हर चीज संभव अछि।”
भाषाक प्रति राजनेता सभक उदासीनता पर विचार रखैत अभियानक मुखर आवाज पंडित अजयनाथ झा शास्त्री कहलनि कि, “सरकार आ राजनेता जौं एहि सहमत भ’ जाइथ आ अनुकूल रहथि त’ किछु आओर करबाक आवश्यकता नहि रहत”। हम सभ जे जनजागरूकता अभियान चला रहल छी, ई हुनके सभक अकर्मण्यताक परिणाम अछि। पंडित शास्त्री अप्पन वक्तव्यक क्रममे कहलनि कि, “नविन शिक्षा नीतिक अनुसार राज्य सरकार, मात्र मातृभाषा अर्थात मैथिलीमे चौबिसो जिलामे पढ़ौनी शुरू करए तखनहि बुझब जे हमरो सभक सरकार अछि आ मैथिली भाषाक प्रति सजग अछि। सरकारक क्रिया कलाप पर विस्तृत चर्चा करैत शास्त्री कहलनि कि, “हर छोट – छोट चीज लेल हम सभ भीखमंगा बनल छी। हम सभ की पढ़ब आ की बाजब, एहि लेल हमरा सभक संग गुलाम जेना व्यव्हार कएल जाइत अछि।
चर्चामे अप्पन विचार राखैत संजीव कुमार कामत कहलनि कि, “अपन भाषा आ संस्कृतिक संरक्षण लेल हम सभ स्वयं सजग रही, इएह कारगर सिद्ध होयत। पछिला जनगणनाक सन्दर्भमे गप्प करैत कामत कहलनि कि, मधुबनी आ दरभंगामे अधिकांश लोक अप्पन मातृभाषाक रूपमे मैथिली लिखौलनि मुदा एहि दुनू जिलाक अतिरिक्त आन जिलामे अधिकांश लोक मैथिलीभाषी रहितो अप्पन मातृभाषा हिंदी लिखौलनि। अप्पन विचार रखैत संजीव कामत आगू कहलनि कि, मिथिला क्षेत्रमे अल्पसंख्यक समाजक लोक मुख्यतः मुसलमान वर्ग अप्पन दैनिक कार्य आ वार्तालापमे मैथिलीक उपयोग करैत छथि, मुदा जनगणनामे ओ सभ उर्दू लिखबैत रहल छथि। मैथिली भाषामे पढ़ौनी शुरू होय आ एकरा आधिकारिक भाषाक रूपमे शामिल कएल जाए, एही विषय पर कामत कहलनि जे, जाधरि लोक अप्पन मातृभाषासँ स्नेह नहि करत आ अप्पन भाषा पर गौरव नहि करत ताधरि हमरा सभ एहिना दुर्बल बनल रहब। अप्पन सुझावमे कामत आगू कहलनि कि, लोकमे एहि तरहक परंपराक शुरुआत होय जाहि केर अंतर्गत, हम सभ तमाम प्रशासनिक कार्य, विभागीय कार्य आ तमाम सरकारी कार्यमे मैथिली भाषाक उपयोग करी त’ भाषाक उत्थान निश्चित होयत।”
प्रस्तोता धर्मेंद्र झा केर प्रश्न, जे मैथिली आ मिथिला लेल कार्य करब प्रत्येक मैथिलक कर्तव्य अछि, आ एहि बेरक जनगणनामे हर मैथिल अप्पन मातृभाषाक कॉलममे मैथिली लिखाबथि, ताहि लेल तमाम वक्ता लोकनिक द्वारा बेर-बेर अपील आ आग्रह कएल गेल। कार्यक्रममे उपस्थित हर वक्ताक सुझाव पर अप्पन विचार रखैत पंडित अजयनाथ झा शास्त्री, शिष्टमंडलक विषय पर तमाम सामाजिक संस्थासँ आवाहन कएलनि जे आगू आबि, एहि अभियानमे अप्पन सहभागिता सुनिश्चित करथि। मात्र तखनहि एहि बेर जनगणनामे मैथिली भाषीक उचित आंकड़ा सोझा आओत, आ आधिकारिक रुपे हम सभ मजगूत होयब।
चर्चा – परिचर्चाक अंतमे इहो विचार भेलै जे एकटा एहेन परिपाटी शुरू होय, जाहिमे तमाम मैथिल लोक अप्पन राजकीय कार्य वा सरकारी पत्राचारमे मैथिली भाषाक प्रयोग करथि। संगहि मैथिली भाषाकेँ उचित सम्मान भेटए एहि लेल अनेको महत्वपूर्ण विचार आ सुझाव सोझा आयल। आ एहि कार्यक्रमकेँ दर्शकक नीक प्रतिसाद सेहो भेटि रहल अछि।
मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश एहि कार्यक्रमक माध्यमे मिथिलावासीकेँ मैथिली भाषाक प्रति जागरूक करबाक प्रयास क’ रहल अछि। आ अगिला कड़ीमे एहिना अप्पन क्षेत्रक प्रसिद्ध आ चर्चित व्यक्तित्वक संग उपस्थित रहब। एहि तरहक वक्तव्यक संग कार्यक्रमक प्रस्तोता धर्मेंद्र कुमार झा सभकेँ धन्यवाद कएलनि आ एहि तरहें शुक्र, १७/०७/२०२६ केँ मैथिल पुनर्जागरण प्रकाशक ऑनलाइन चर्चा-परिचर्चा’क नवम एपिसोडक विराम देल गेल।
