आर्थिक

वैश्विक ऊर्जा आ वस्तुक मूल्य वृद्धिसँ थोक महँगाइ बढ़ल, मुदा खुदरा महँगाइ नियंत्रणमे : सरकार

नई दिल्ली । समदिया

केन्द्र सरकार संसदमे जानकारी देलक जे जून 2026 मे थोक महँगाइ (डब्ल्यूपीआई) बढ़बाक प्रमुख कारण वैश्विक बजारमे ऊर्जा आ अन्य वस्तुसभक मूल्यवृद्धि रहल। खनिज तेल, खाद्य पदार्थ, धातु, रसायन आ पेट्रोलियम उत्पादक दाम बढ़लासँ थोक महँगाइ पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ल अछि।

लोकसभामे लिखित उत्तर दैत वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी कहलनि जे सरकार महँगाइकेँ नियंत्रित रखबाक आ आम नागरिक पर एकर प्रभाव कम करबाक लेल निरन्तर आवश्यक कदम उठा रहल अछि। हुनकर अनुसार एहि प्रयासक परिणामस्वरूप खुदरा महँगाइ (सीपीआई) निर्धारित लक्ष्यक दायरामे बनल अछि।

सरकार आवश्यक खाद्य वस्तुक बफर स्टॉक बढ़ौने अछि, खुला बजारमे अनाजक बिक्री कएलक अछि तथा आवश्यकतानुसार व्यापार नीतिमे परिवर्तन सेहो कएल गेल अछि। एहि उपायसभक उद्देश्य खाद्य वस्तुक मूल्य नियंत्रित राखि उपभोक्तासभकेँ राहत पहुँचेनाइ अछि।

सरकारी आँकड़ाक अनुसार, मई 2026 मे थोक महँगाइक दर 9.68 प्रतिशत छल, जे जूनमे बढ़ि कऽ 9.87 प्रतिशत भऽ गेल। सरकारक कहब अछि जे ई वृद्धि मुख्य रूपसँ वैश्विक बजारसँ प्रभावित ऊर्जा आ अन्य कमोडिटीक मूल्य बढ़बाक परिणाम अछि।

वित्त राज्यमंत्री स्पष्ट कएलनि जे पेट्रोलियम उत्पाद, खनिज तेल, खाद्य सामग्री, आधारभूत धातु, रसायन आ रासायनिक उत्पादक मूल्य वृद्धिसँ थोक महँगाईमे तेजी आएल। अन्तरराष्ट्रीय बजारमे ऊर्जा आ कमोडिटीक दाम बढ़बाक सीधा प्रभाव घरेलू बजार पर सेहो देखल गेल।

ओतहि, खुदरा महँगाइ सरकार आ भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित लक्ष्यक भीतर बनल अछि। वित्त वर्ष 2026-27 केँ जनवरीसँ मार्च तिमाहीमे खुदरा महँगाइ 3.1 प्रतिशत रहल, जखनिकि अप्रैलसँ जून तिमाहीमे ई 3.9 प्रतिशत दर्ज कएल गेल।

सरकार आ भारतीय रिजर्व बैंक मार्च 2026 मे आगामी पाँच वर्ष (1 अप्रैल 2026 सँ 31 मार्च 2031) लेल खुदरा महँगाइक लक्ष्य 4 प्रतिशत निर्धारित कएने अछि। एहि लक्ष्यक निचला सीमा 2 प्रतिशत आ ऊपरका सीमा 6 प्रतिशत तय कएल गेल अछि।

एहि बीच, जून 2026 मे खुदरा महँगाइ बढ़ि कऽ 4.38 प्रतिशत भऽ गेल, जखनि कि मईमे ई 3.93 प्रतिशत छल। खाद्य वस्तुक दाममे वृद्धि आ ईंधन महँग होयबाक कारण परिवहन लागत बढ़नाइ एकर प्रमुख कारण मानल जा रहल अछि।

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