देश-दुनिया

पुतिन – जयशंकरक मास्कोमे महत्वपूर्ण भेंट, रूस-चीन-अमेरिकाक बीच भारतक ‘3D कूटनीति’ पर जोर

नई दिल्ली । समदिया

भारतक विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर मॉस्कोमे रूसक राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिनसँ भेट कऽ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीक खास व्यक्तिगत संदेश सौंपलनि। एहि भेटमे भारत-रूस द्विपक्षीय संबंध, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा आपूर्ति, उर्वरक, वैश्विक मंचसभ पर समन्वय आ आगामी उच्चस्तरीय बैठकसभक तैयारी पर विस्तारसँ चर्चा भेल।
वैश्विक राजनीतिमे रूस, चीन आ अमेरिकाक बीच बदलैत समीकरणक समय भारत अपन राष्ट्रीय हितकेँ केंद्रमे राखि संतुलित विदेश नीति पर आगाँ बढ़ि रहल अछि। एहि कूटनीतिक रणनीतिकेँ रूस-चीन-अमेरिकाक बीच संतुलनक ‘3D कूटनीति’क रूपमे देखल जा रहल अछि। भारतक स्पष्ट रुख अछि जे ओकर विदेश नीति कोनो दबाव पर नहि, बल्कि राष्ट्रीय हित पर आधारित रहत।
आर्थिक सहयोग आ व्यापार पर विशेष जोर
जयशंकर-पुतिन वार्ताक प्रमुख मुद्दामे द्विपक्षीय आर्थिक आ व्यापारिक संबंध रहल। दुनू देशक बीच बढ़ैत व्यापार पर संतोष व्यक्त कएल गेल आ व्यापारमे विविधता आ संतुलन आनबाक रणनीति पर चर्चा भेल।
ऊर्जा आ उर्वरक आपूर्ति : रूस भारतकेँ उर्वरकक निर्बाध आ बढ़ल आपूर्ति जारी रखबाक प्रतिबद्धता दोहरौलक। ऊर्जा, कृषि, व्यापार आ परमाणु ऊर्जाक क्षेत्रमे सेहो दुनू देशक सहयोग निरंतर मजबूत भऽ रहल अछि।
रूसी उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव संग अंतर-सरकारी आयोगक बैठकक संदर्भमे जयशंकर व्यापारिक असंतुलन घटेबाक आ व्यापारक क्षेत्रकेँ विविध बनाबऽ पर सेहो जोर देलनि।
पीएम मोदीक व्यक्तिगत संदेश
एहि वार्ताक सबसँ महत्वपूर्ण राजनीतिक पक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीक व्यक्तिगत संदेश रहल, जे डॉ. जयशंकर राष्ट्रपति पुतिनकेँ सौंपलनि। विदेश मंत्री पुतिनकेँ आगाँ आबऽवला SCOपुतिन – जयशंकरक मास्कोमे महत्वपूर्ण भेंट, रूस-चीन-अमेरिकाक बीच भारतक ‘3D कूटनीति’ पर जोर
नई दिल्ली । समदिया
फोटो 103
भारतक विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर मॉस्कोमे रूसक राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिनसँ भेट कऽ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीक खास व्यक्तिगत संदेश सौंपलनि। एहि भेटमे भारत-रूस द्विपक्षीय संबंध, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा आपूर्ति, उर्वरक, वैश्विक मंचसभ पर समन्वय आ आगामी उच्चस्तरीय बैठकसभक तैयारी पर विस्तारसँ चर्चा भेल।
वैश्विक राजनीतिमे रूस, चीन आ अमेरिकाक बीच बदलैत समीकरणक समय भारत अपन राष्ट्रीय हितकेँ केंद्रमे राखि संतुलित विदेश नीति पर आगाँ बढ़ि रहल अछि। एहि कूटनीतिक रणनीतिकेँ रूस-चीन-अमेरिकाक बीच संतुलनक ‘3D कूटनीति’क रूपमे देखल जा रहल अछि। भारतक स्पष्ट रुख अछि जे ओकर विदेश नीति कोनो दबाव पर नहि, बल्कि राष्ट्रीय हित पर आधारित रहत।
आर्थिक सहयोग आ व्यापार पर विशेष जोर
जयशंकर-पुतिन वार्ताक प्रमुख मुद्दामे द्विपक्षीय आर्थिक आ व्यापारिक संबंध रहल। दुनू देशक बीच बढ़ैत व्यापार पर संतोष व्यक्त कएल गेल आ व्यापारमे विविधता आ संतुलन आनबाक रणनीति पर चर्चा भेल।
ऊर्जा आ उर्वरक आपूर्ति : रूस भारतकेँ उर्वरकक निर्बाध आ बढ़ल आपूर्ति जारी रखबाक प्रतिबद्धता दोहरौलक। ऊर्जा, कृषि, व्यापार आ परमाणु ऊर्जाक क्षेत्रमे सेहो दुनू देशक सहयोग निरंतर मजबूत भऽ रहल अछि।
रूसी उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव संग अंतर-सरकारी आयोगक बैठकक संदर्भमे जयशंकर व्यापारिक असंतुलन घटेबाक आ व्यापारक क्षेत्रकेँ विविध बनाबऽ पर सेहो जोर देलनि।
पीएम मोदीक व्यक्तिगत संदेश
एहि वार्ताक सबसँ महत्वपूर्ण राजनीतिक पक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीक व्यक्तिगत संदेश रहल, जे डॉ. जयशंकर राष्ट्रपति पुतिनकेँ सौंपलनि। विदेश मंत्री पुतिनकेँ आगाँ आबऽवला SCO सम्मेलनक अवसर पर दुनू नेताक व्यक्तिगत भेटक संभावनाक विषयमे जानकारी देलनि।
एकर अतिरिक्त BRICS शिखर सम्मेलन आ भारत-रूसक वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलनक तैयारी पर सेहो चर्चा भेल। राष्ट्रपति पुतिनक भारत यात्रा आ दुनू पक्षक सुविधानुसार तिथि तय करबाक दिशामे वार्ता भेल।
विशेष आ विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी
वैश्विक उथल-पुथलक बीच भारत-रूसक ‘स्पेशल एंड प्रिविलेज्ड स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ लगातार मजबूत बनल अछि। डॉ. जयशंकर कहलनि जे अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति कतबो जटिल होए, भारत-रूस संबंध अपन स्थिरता आ गहराइकेँ बेर-बेर प्रमाणित कयने अछि।
नियमित उच्चस्तरीय संवादक कारण दुनू देशक बीच व्यापार, अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आ जनसंपर्कक क्षेत्रमे व्यावहारिक सहयोगकेँ नव गति भेटि रहल अछि।
भारतक कूटनीतिक प्राथमिकता
भारत एक दिसि रूससँ ऊर्जा आ उर्वरक सहयोगकेँ मजबूत राखऽ चाहैत अछि, तऽ दोसर दिसि अमेरिका संग प्रौद्योगिकी, व्यापार आ रणनीतिक सहयोग जारी राखऽ चाहैत अछि। संगहि, SCO आ BRICS जेकाँ बहुपक्षीय मंचसभक माध्यमसँ वैश्विक शक्ति संतुलनमे सक्रिय भूमिका निभेबाक भारतक रणनीति अछि।
मॉस्कोमे जयशंकर-पुतिनक भेट ई स्पष्ट संकेत दैत अछि जे भारत बदलैत वैश्विक समीकरणमे कोनो एक गुटक संग पूर्ण रूपसँ नहि जुड़ि कऽ, बल्कि ‘राष्ट्रीय हित सर्वोपरि’क सिद्धांत पर स्वतंत्र आ संतुलित विदेश नीति केर आगाँ बढ़ा रहल अछि।
सम्मेलनक अवसर पर दुनू नेताक व्यक्तिगत भेटक संभावनाक विषयमे जानकारी देलनि।
एकर अतिरिक्त BRICS शिखर सम्मेलन आ भारत-रूसक वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलनक तैयारी पर सेहो चर्चा भेल। राष्ट्रपति पुतिनक भारत यात्रा आ दुनू पक्षक सुविधानुसार तिथि तय करबाक दिशामे वार्ता भेल।
विशेष आ विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी
वैश्विक उथल-पुथलक बीच भारत-रूसक ‘स्पेशल एंड प्रिविलेज्ड स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ लगातार मजबूत बनल अछि। डॉ. जयशंकर कहलनि जे अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति कतबो जटिल होए, भारत-रूस संबंध अपन स्थिरता आ गहराइकेँ बेर-बेर प्रमाणित कयने अछि।
नियमित उच्चस्तरीय संवादक कारण दुनू देशक बीच व्यापार, अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आ जनसंपर्कक क्षेत्रमे व्यावहारिक सहयोगकेँ नव गति भेटि रहल अछि।
भारतक कूटनीतिक प्राथमिकता
भारत एक दिसि रूससँ ऊर्जा आ उर्वरक सहयोगकेँ मजबूत राखऽ चाहैत अछि, तऽ दोसर दिसि अमेरिका संग प्रौद्योगिकी, व्यापार आ रणनीतिक सहयोग जारी राखऽ चाहैत अछि। संगहि, SCO आ BRICS जेकाँ बहुपक्षीय मंचसभक माध्यमसँ वैश्विक शक्ति संतुलनमे सक्रिय भूमिका निभेबाक भारतक रणनीति अछि।
मॉस्कोमे जयशंकर-पुतिनक भेट ई स्पष्ट संकेत दैत अछि जे भारत बदलैत वैश्विक समीकरणमे कोनो एक गुटक संग पूर्ण रूपसँ नहि जुड़ि कऽ, बल्कि ‘राष्ट्रीय हित सर्वोपरि’क सिद्धांत पर स्वतंत्र आ संतुलित विदेश नीति केर आगाँ बढ़ा रहल अछि।

Spread the love