उपलब्धि

केन्द्रीय मंत्रिमंडलक चारिटा मल्टी-ट्रैकिंग रेल परियोजनाक मंजूरी, कनेक्टिविटीकेँ भेटत बढ़ावा

नई दिल्ली । समदिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीक अध्यक्षतामे केंद्रीय मंत्रिमंडलक आर्थिक मामिलाक समिति बुधदिन रेल मंत्रालयक करीब 9,450 करोड़ रुपयाक कुल लागत वाला चारिटा महत्वपूर्ण मल्टी-ट्रैकिंग रेल परियोजनाक मंजूरी दऽ देने अछि। एहि परियोजनासँ आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु आ पश्चिम बंगालमे रेलवे आधारभूत संरचना आ कनेक्टिविटीकेँ पैघ बढ़ावा भेटबाक उम्मीद अछि।

प्रधानमंत्री मोदी सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी दैत कहलनि जे कैबिनेटक एहि निर्णयसँ भारतीय रेल नेटवर्कक क्षमता बढ़त आ लाखों लोक लाभान्वित होयत। हुनका अनुसार एहि परियोजनासँ यात्री आ माल ढुलाई मजबूत होयत, रेलमार्गक भीड़-भाड़ कम होयत, लॉजिस्टिक्स क्षमता बेहतर होयत आ व्यापार तथा पर्यटनकेँ सेहो प्रोत्साहन भेटत।

मंजूर परियोजनामे खड़गपुर-भद्रक (रानीताल) चारिम लाइन 173 किलोमीटर, भद्रक-हरिदासपुर चारिम लाइन 75 किलोमीटर, गुम्मिडिपूंडी-गुडूर तेसर आ चारिम लाइन 90 किलोमीटर, आ कटक-पारादीप (बडाबन्धा) तेसर आ चारिम लाइन 72 किलोमीटर शामिल अछि। पहिल परियोजना पश्चिम बंगाल आ ओडिशा, दोसर तथा चारिम परियोजना ओडिशा, जखनिकि तेसर परियोजना आंध्र प्रदेश आ तमिलनाडु राज्यसँ संबंधित अछि।

सरकारक अनुसार, बढ़ल लाइन क्षमतासँ रेल आवागमनमे उल्लेखनीय सुधार होयत आ भारतीय रेलक परिचालन दक्षता तथा सेवा विश्वसनीयता बढ़त। मल्टी-ट्रैकिंग प्रस्तावसँ रेल परिचालन अधिक सुचारु होयत आ भीड़भाड़ कम होयबाक संभावना अछि। एहि परियोजनाकेँ प्रधानमंत्रीक ‘नव भारत’क व्यापक विकास दृष्टिकोणक अनुरूप मानल जा रहल अछि, जाहिसँ स्थानीय स्तर पर रोजगार आ स्वरोजगारक अवसर सेहो बढ़त।

ई सभ परियोजना प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लानक अंतर्गत विकसित कएल जा रहल अछि। एकर मुख्य उद्देश्य एकीकृत योजना आ हितधारकसँ परामर्शक माध्यमसँ मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी आ लॉजिस्टिक्स दक्षतामे सुधार करब अछि। एहि परियोजनासँ लोक, वस्तु आ सेवाक निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होयत।

पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु आ आंध्र प्रदेशक कुल 8 जिलाक क्षेत्रकेँ समेटनिहार एहि चारू परियोजनासँ भारतीय रेलक मौजूदा नेटवर्कमे करीब 410 किलोमीटरक विस्तार होयत। प्रस्तावित परियोजनासँ करीब 6,448 गामक कनेक्टिविटी बेहतर होयत, जाहिमे लगभग 60 लाख लोकसंख्या निवास करैत अछि।

एहि क्षमता विस्तारसँ देशक कतेको प्रमुख पर्यटन स्थल धरि रेल संपर्क सेहो मजबूत होयत। एकरामे कुलडीहा वन्यजीव अभयारण्य, भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान, माँ भद्रकाली मंदिर, माँ धमराई मंदिर, पंचलिंगेश्वर मंदिर, तलसारी-उदयपुर आ चांदीपुर समुद्र तट, पुलिकट झील, नेलपट्टू पक्षी अभयारण्य, भगवान वीरराघव पेरुमल मंदिर, गदा कुजंगा जगन्नाथ मंदिर, सरला मंदिर, धबलेश्वर मंदिर आ ललितगिरि बौद्ध स्थल आदि शामिल अछि।

प्रस्तावित रेल परियोजना कोयला, लौह अयस्क, सीमेंट, लोहा-इस्पात, कंटेनर, ऑटोमोबाइल आ अनाज आदि वस्तुक परिवहनक लेल महत्वपूर्ण सिद्ध होयत। क्षमता विस्तारक बाद प्रतिवर्ष करीब 76 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाईक क्षमता विकसित होयत।

सरकारक अनुसार भारतीय रेल पर्यावरण-अनुकूल आ ऊर्जा-कुशल परिवहन माध्यम अछि। एहि परियोजनासँ देशक जलवायु लक्ष्य पूरा करबा आ लॉजिस्टिक्स लागत घटेबामे सहायता भेटत। एकर अतिरिक्त तेल आयातमे लगभग 13 करोड़ लीटरक कमी आ कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जनमे करीब 65 करोड़ किलोग्रामक कमी आबि सकैत अछि, जे लगभग 2.60 करोड़ वृक्षारोपणक बराबर मानल गेल अछि।

Spread the love