कावेरी जल विवाद फेर उठल, कर्नाटकमे मुख्यमंत्रीक आवास पर सर्वदलीय बैसार
तमिलनाडु सुप्रीम कोर्ट जाएबाक तैयारीमे
बेंगलुरु । समदिया

कावेरी नदीक जल बंटवाराक प्रश्न एक बेर फेर राजनीतिक आ कानूनी बहसक केंद्र बनि गेल अछि। एहि संवेदनशील मुद्दापर साझा रणनीति बनेबाक उद्देश्यसँ कर्नाटकक मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार अपन आधिकारिक आवास पर रविदिन सर्वदलीय बैसार आयोजित कएलनि। बैसारमे राज्यक सत्तापक्ष-विपक्षक वरिष्ठ नेता, केंद्रीय मंत्री आ उच्च अधिकारी सभ सहभागी भेलाह।
बैसारमे पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, बसवराज बोम्मई, केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी, वी. सोमन्ना, शोभा करंदलाजे, कांग्रेसक वरिष्ठ नेता एम. वीरप्पा मोइली, उपमुख्यमंत्री डॉ. जी. परमेश्वर, विधानसभामे विपक्षक नेता आर. अशोक, विधान परिषदमे विपक्षक नेता चलवादी नारायणस्वामी, महाधिवक्ता शशिकिरण शेट्टी सहित अनेक मंत्री आ अधिकारी उपस्थित रहलाह। सभागारमे कावेरी जल प्रबंधन, न्यायालयमे पक्ष प्रस्तुत करबाक रणनीति तथा आगाँक डेग पर विस्तारसँ विचार-विमर्श भेल।
दशकों पुरान विवाद
कावेरी नदी कर्नाटकसँ निकलि तमिलनाडु होइत बंगालक खाड़ीमे मिलैत अछि। नदीक जल बंटवाराक प्रश्न पर दुनू राज्यक बीच दशकोंसँ विवाद चलि रहल अछि। विवादक समाधान लेल कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरणक गठन भेल छल तथा बादमे कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) स्थापित कएल गेल। मुदा कम वर्षा अथवा जलाशयमे पानिक कमी भेला पर प्रत्येक वर्ष एहि मुद्दापर तनाव बढ़ि जाइत अछि।
तमिलनाडु सुप्रीम कोर्ट जाएत
एहि बीच तमिलनाडु सरकार स्पष्ट कएलक अछि जे अपन हिस्साक जल सुनिश्चित करबाक लेल ओ सुप्रीम कोर्टक शरण लेत। राज्यक कानून मंत्री आर. निर्मल कुमार कहलनि जे कर्नाटक द्वारा निर्धारित मात्रामे जल नहि छोड़लाक बाद कानूनी विकल्प अपनाओल जाएत।
सभक नजरि सुप्रीम कोर्ट पर
राजनीतिक सहमति बनाबय लेल कर्नाटकमे सर्वदलीय पहल शुरू भऽ गेल अछि, जखनकि तमिलनाडु कानूनी लड़ाइ लेल तैयार अछि। एहेन स्थितिमे आब सुप्रीम कोर्टक आगामी सुनवाइ आ कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरणक निर्णय पर दुनू राज्यक आगूक डेग निर्भर करत। कावेरी जल विवादक एहि नव चरण पर दक्षिण भारतक राजनीति आ किसान सभक विशेष नजरि बनल अछि।
