श्रद्धांजलि

अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ​मिथिला पेंटिंगक कलाकार विमला दत्त मिथिला पेंटिंगक समृद्ध भण्डारक अनमोल रत्न छलीह— डॉ. विनय कर्ण

मधुबनी । समदिया

​मिथिला पेंटिंग केर वयोवृद्ध अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार, इंटरनेशनल क्राफ्ट पुरस्कार आ राज्य पुरस्कारसँ सम्मानित चित्रशिल्पी विमला दत्तक निधन 85 वर्षक अवस्थामे रविदिन राँटी, मधुबनीमे भs गेलन्हि। ओ मिथिला चित्रकला शैली (मधुबनी पेंटिंग)क महान कलाकार लोकनिक श्रृंखलाक प्रायः अंतिम कड़ी छलीह। विमला दत्त मिथिला चित्रकलाक कचनी शैली कें संसार भरिमे प्रसिद्धि दियौलन्हि। हुनक निधन पर कर्ण कायस्थ महासभा द्वारा प्रेषित शोक सन्देशमे केकेएम केर राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष नीरज एवं राष्ट्रीय महासचिव आनन्द दास गौतम काफी दुःख एवं हार्दिक संवेदना व्यक्त करैत दिवंगत आत्माक शान्तिक लेल प्रार्थना कएल गेल अछि। कर्ण कायस्थ महासभाक बिहार प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विनय कर्ण अपन शोक सन्देशमे कहलन्हि अछि कि मिथिला पेंटिंगक कलाकार विमला दत्त जीक निधन सs कला जगत के जे क्षति भेल अछि से अपूरणीय अछि। ओ अपन भावुक सन्देशमे आगू कहलन्हि जे हुनक सौम्य व्यक्तित्व, सादगीपूर्ण जीवन, मृदुल वाणी, सहज व्यवहार सँ सम्पृक्त हेबाक सुअवसर बहुतो गोटाय कें प्राप्त भेल छै। विमला दत्त मिथिला पेंटिंग केर समृद्ध भण्डारक एकटा विशिष्ट आओर अनमोल रत्न छलीह। हुनक परलोक गमन सs बिहारक लोक कला जगत मे जे रिक्तता आयल अछि से सर्वथा अपूरणीय अछि।

मिथिला चित्रकला शैलीक वरिष्ठ एवं मुर्धन्य कलाकार, मिथिलाक एकटा श्रेष्ठ, संवेदनशील एवं करुणामयी मातृशक्ति, शताधिक कलाकारक गुरु एवं सहस्राधिक कला साधक-साधिकाक प्रेरणा स्रोत ‘कर्णश्री’ सँ सम्मानित विमला दत्त जीक सम्पूर्ण जीवन संघर्ष एवं कलाक लेल समर्पित रहलन्हि।

राँटी गामक स्व. प्रताप नारायण दत्त केर पत्नी,

​काको गामक उचित नारायण दास आ सुरसरी देवीक पुत्री विमला दत्त केर जन्म  26 अप्रैल 1941 कें काको, मधुबनी मे भेल छलन्हि।मात्र ​दस वर्षक उमेर सँ कला साधनामे लागल विमला दत्त कतेको देशमे अपन कलाक प्रदर्शन कs के अपन, अपन मिथिला आओर भारत देशक नाम रोशन कएलन्हि । ओ अपन पाछाँ दू पुत्र, दू पुत्री, तीन पौत्र, एक पौत्री आ नाति-नातिन सँ भरल-पूरल परिवार छोड़ि गेल छथि। हुनकर जेठ पुत्र मनोज दत्त हुनका मुखाग्नि देलथिन। एहेन महान कलाकारक परिवार मे प्रायः सब कलाकार छथि, खास कsके महिला सभ।

​हुनका ​राज्य पुरस्कार 2009-10 (बिहार सरकार द्वारा), ​मिथिला विभूति विद्यापति पुरस्कार : 2013,ग्राम विकास परिषद (राँटी , मधुबनी द्वारा), ​वर्ष 2017 क सर्वश्रेष्ठ मास्टर कारीगर पुरस्कार (विश्व शिल्प परिषदक अध्यक्ष द्वारा) नई दिल्लीक क्राफ्ट विलेजमे आयोजित अंतर्राष्ट्रीय शिल्प पुरस्कार समारोहमे प्रदान कयल गेल।

​समाज सेवा लेल पुरस्कार 2018 मे (फ्रेटरनिटी ग्रुप, जयनगर द्वारा), ​राष्ट्रीय कला आ शिल्प महोत्सव पुरस्कार (दुमका, झारखंड)क सिधो कान्हू इंडोर स्टेडियममे आयोजित महोत्सवमे प्रदान कयल गेल। एकरा अतिरिक्त ​रानी लक्ष्मीबाई कला सम्मान : 2021 (मणिकर्णिका आर्ट गैलरी, झाँसी द्वारा), ​मिथिला पेंटिंगक क्षेत्रमे विशिष्ट योगदानक लेल प्रथम अंतर्राष्ट्रीय लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार : 2021,

विश्व धरोहर दिवसक अवसर पर कला एवं संस्कृति प्रभाग, भाजपा, बिहार द्वारा ​दक्ष देशज राज्य शिल्प पुरस्कार : 2021-22, भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत ट्रस्ट, पटना अध्याय द्वारा इन्टैक (INTACH) सम्मान : 2024, ​आइए बिहार को प्रेरित करें सम्मान : 2024 आदि सँ सम्मानित कएल गेलन्हि।

​हुनक पेंटिंग केर अनेक देशमे प्रदर्शनी लगाओल गेल छन्हि, जाहिमे ​1989 आ 1996 मे जापानक मिथिला संग्रहालय (ओइके, सुगाता, ताकाहाशी, खागाशिमा, हिरोशिमा आ निगाता)मे प्रदर्शनी, जापानक मिथिला संग्रहालयक संस्थापक टोकियो हाशेगावा द्वारा आयोजित भेलै। ​अमेरिका मे रेमंड ओवेन द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिकाक विभिन्न क्षेत्रमे आयोजित कयल गेल प्रदर्शनी सभ। ​नेपाल मे 1999 मे श्री चित्रगुप्त समाज कल्याण परिषद, बिराटनगर, नेपाल द्वारा आयोजित महिला लोक कला प्रदर्शनीमे सहभागिता। संगहि ​2000 मे मैथिली साहित्य परिषद, बिराटनगर, नेपाल द्वारा आयोजित प्रदर्शनीमे सहभागिता। एकरा अतिरिक्त

​अंतर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन 2001मे अंतर्राष्ट्रीय मैथिली परिषद द्वारा बिराटनगर, नेपालमे आयोजित आठम अंतर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलनक प्रदर्शनीमे सहभागिता।

​डॉ. डेविड द्वारा आयोजित अमेरिकाक कईगोटा क्षेत्रमे डॉ. डेविड द्वारा प्रदर्शनीक आयोजन कयल गेल।

मार्च 2022 मे विलियम बेंटन म्यूजियम ऑफ आर्ट स्कूल ऑफ फाइन आर्ट्स द्वारा “ट्रेडिशन एंड ट्रांसफार्मेशन : मिथिला आर्ट ऑफ़ इंडिया” नामक प्रदर्शनीमे एकटा चित्र प्रदर्शित कयल गेल। कनेक्टिकट विश्वविद्यालयक एहि चित्र केँ न्यूयॉर्कक सिरैक्यूज़ विश्वविद्यालयमे सेहो प्रदर्शित कयल गेल छल।

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