इथेनॉल मिश्रित पेट्रोलसँ कोन गाड़ीकेँ भेल दिक्कत? – परिवहन मंत्री गडकरी
नई दिल्ली। समदिया

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी मंगलदिन इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ई20) केर बिक्रीक संबंधमे आलोचनाक जवाब देलथि। ओ आलोचककेँ चुनौती देलथि जे ओ एकटा एहन गाड़ीक नाम राखथि जाहिमे ब्लेंडेड फ्यूलक समस्या आयल होय। ‘विकसित भारत कॉन्क्लेव’ मे बाजैत गडकरी कहलनि कि भारत केर जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता आर्थिक बोझ अछि, देश ईंधन आयात पर सालाना ₹22 लाख करोड़ खर्च करैत अछि। चूँकि ई पर्यावरण लेल सेहो खतरा पैदा करैत अछि, एही लेल स्वच्छ ऊर्जाकेँ अपनेनाइ राष्ट्र केर प्रगतिक लेल बहुत जरूरी अछि।
गडकरी ई 20 पेट्रोलक कारण कोनो गाड़ीक समस्याक सामना नहि करय केर बात पर जोर देलनि। ओ हाई-इथेनॉल-ब्लेंड पेट्रोल केर इस्तेमालक संबंधमे गलत जानकारी केर “पेड कैंपेन” केर रूपमे खारिज कय देलक। भारत 20 प्रतिशत इथेनॉल कए पेट्रोलमे मिलाबयक लक्ष्यकेँ पूरा कय चुकल अछि। इ इथेनॉल बायोमास स्रोत जेना गन्ना, मक्का वा चावलसँ बनायल जायत अछि। एहि पहलसँ आयातित कच्चा तेल पर निर्भरता कम भ गेल अछि आ कार्बन उत्सर्जनमे कमी आयल अछि।
ब्राजीलक विपरीत भारतमे वाहन मालिक केर पास पेट्रोल पंप पर अलग-अलग तरहक ईंधन केर बीच चुनाव करय के विकल्प नहि। ब्राजीलमे ग्राहक अलग-अलग कीमत बिंदु पर ईंधनकेँ चयन कय सकय अछि आ कानूनमे बेसी इथेनॉल मिश्रण वला ईंधन केर दाममे छूटक आदेश देल गेल अछि। भारतमे एखन एहन कोनो विकल्प नहि अछि।
गडकरी अपन परिवार केर सदस्यक कंपनीकेँ इथेनॉल उत्पादनमे शामिल होय केर आरोपकेँ संबोधित कयलनि। सड़क परिवहन आ राजमार्ग मंत्री कहलनि कि हुनक परिवारक सदस्य चीनी मिल केर मालिक अछि मुदा हुनक कंपनी इथेनॉल उत्पादन पर निर्भर नहि अछि। ओ इशारा कयलनि जे देशमे एखन इथेनॉलक सरप्लस अछि। मक्कासँ इथेनॉलक उत्पादनक कदमसँ उत्तर प्रदेश आ बिहारक किसानकेँ ₹45,000 करोड़क अतिरिक्त आय भेटल अछि, मक्का केर बाजार मूल्य ₹1,200 प्रति क्विंटलसँ बढ़ि कय ₹2,800 प्रति क्विंटल भ गेल।
