बलिराजगढ़क पुरातात्विक उत्खनन कार्यकेँ तत्काल रोकि पुरावशेषक संरक्षण होय : डाॅ शिव कुमार मिश्र
पटना । समदिया

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग, नई दिल्लीकेँ इन्टेक बिहार स्टेटक को-कन्वेनर डाॅ शिव कुमार मिश्र बिहारक मधुबनी जिला स्थित बलिराजगढ़क पुरातात्त्विक उत्खनन कार्यकेँ तत्काल स्थगित कऽ पुरावशेष सभकेँ बचेबाक मांग कयलनि अछि। विदित होए जे डाॅ शिव कुमार मिश्र ‘मिथिला ललित संग्रहालय, सौराठ, मधुबनी केर पूर्व संग्रहालय अध्यक्ष रहि चुकल छथि।
पत्रमे ओ लिखलनि अछि, “अहाँक आदेश पर विषयांकित पुरास्थलक विगत तीन महीनासँ पटना सर्किल द्वारा उत्खनन कार्य कराओल जा रहल अछि, जे स्वागत योग्य अछि तथा एतय क’ लोकक चिरप्रतीक्षित माँग रहल अछि। मुदा पिछला एक महीनासँ समय-समय पर बरखा होयबाक कारणे अक्सर काज बाधितहि रहैत अछि। उत्खनन निदेशकक उदासीनताक कारणे बरखा मे सेहो बिना शेड देने उत्खनन कार्य जारी राखल गेल। जाहि कारणे खात सभ (ट्रेंच) केँ नुकसान त’ पहुँचलहि अछि, संगे-संग अनेक दुर्लभ पुरावशेष नष्ट सेहो भ’ गेल अछि। मीडिया रिपोर्टमे जे ‘रिंग वेल’ भेटबाक दावा कएल गेल अछि, से पानिमे विलीन भ’ गेल आ संगे-संग लेयर मार्किंग सेहो क्षतिग्रस्त भ’ गेल।
विगत एक मास मे उत्खनन कार्य मे कोनो विशेष प्रगति नहि भेल अछि, बल्कि बर्बादीय भेल अछि। मीडिया रिपोर्ट मे एन.बी.पी. मृदभांडक सेहो उल्लेख कएल गेल अछि, मुदा अखन धरि ओहि स्तर धरि उत्खनन कार्य संभवतः नहि भ’ सकल अछि।
महोदय, लापरवाहीक कारणे उत्खनन सँ पहने जमीनक गर्भ मे जे पुरावशेष सुरक्षित छल, से नष्ट भ’ रहल अछि। पुरावशेष सभक बर्बादी सँ नीक इहे हेतै जे पुरातात्विक स्थल केँ नुकसान नहि पहुँचाओल जाय। बरखा भरि काज स्थगित क’ पुनः बाद मे कार्य कराओल जाय।
महोदय, उत्खनन निदेशकक उदासीनता सँ स्पष्ट संकेत मिलैत अछि जे हुनका पुरातात्विक उत्खनन कार्य मे कोनो अभिरुचि नहि छन्हि, मुदा मुख्यालयक दबाब मे बेमन सँ काज करा रहल छथि। एहन लापरवाही सँ नीक हेतै जे पटना उत्खनन ब्रांच केँ बलिराजगढ़क उत्खनन कार्य सौंपल जाय।
महोदय, मीडिया रिपोर्ट सभ सँ संकेत मिलैत अछि जे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा राजनैतिक दबाब मे ही बलिराजगढ़क उत्खनन भ’ रहल अछि, आ पूर्व मे सेहो एहनहि भेल छल। एहन लगैत अछि जे हमर सर्वेक्षणक पुरातत्वविद् सभ केँ बलिराजगढ़क उत्खनन मे कोनो अभिरुचि नहि रहल अछि, जे अत्यंत दुखद अछि।”
आगा ओ लिखलन्हि, ”1962 सँ 2013 धरि अनेकों बेर बलिराजगढ़क उत्खनन कार्यक खानापूर्ति कराओल गेल अछि। अखन धरि कोनो उत्खनन रिपोर्ट सेहो प्रकाशित नहि भ’ सकल अछि। पूर्वक उत्खनन सभ सँ प्राप्त पुरावशेष सभ केँ सेहो सुव्यवस्थित ढंग सँ नहि राखल गेल अछि। एकरा लेल साईट म्यूजियम स्थापित करबाक आवश्यकता अछि।
अतः सादर अनुरोध अछि जे बलिराजगढ़क उत्खनन कार्य केँ बरखा भरि लेल स्थगित क’ देल जाय आ बाद मे पुनः अनुभवी पुरातत्वविद् सभक निदेशन मे उत्खनन कार्य आरंभ कएल जाय। बेहतर हेतै जे बलिराजगढ़क कार्य पटना उत्खनन ब्रांच केँ सौंपि देल जाय।”
