राजनीति

राम मंदिर विवादमे केजरीवाल पीएम मोदी पर लगौलनि आरोप, निष्पक्ष जांचक मांग

नई दिल्ली।  समदिया

आम आदमी पार्टीक राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल राम मंदिरमे भेल चढ़ावा चोरी आ मंदिर ट्रस्टसँ जुड़ल मुद्दाक संबंधमे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगैलनि। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाजक संग केजरीवाल कहलनि जे, पूरा मामिलाक जानकारी रहलाक बादो प्रधानमंत्री कथित तौर पर दोषीक खिलाफ प्रभावी कार्यवाही नहि कय सकलाह आ एहि मुद्दाकेँ दबाबय केर कोशिश कयल गेल। केजरीवालक दावा छनि जे राम मंदिर ट्रस्टक गठन प्रधानमंत्री मोदीक देखरेखमे कयल गेल छल आ ओकर सदस्यक चयन हुनक सहमतिसँ कयल गेल छल। हुनक तर्क छल कि, एही संदर्भकेँ देखैत आर्थिक गड़बड़ी, जमीन खरीदक मुद्दा आ मंदिरक चढ़ावा विसंगतिक आरोपक संबंधमे जवाबदेही तय करब जरूरी अछि। ओ सवाल उठेलथि जे की जनताकेँ इ विश्वास अछि जे वास्तवमे एहि मामिलामे असली अपराधी धरि कार्यवाही होयत। केजरीवाल 2021 मे सामने आयल कथित जमीन खरीदक मामिलाक सेहो जिक्र कयलनि। ओ आरोप लगैलनि कि किहहउँ खास भूखंडकेँ बाजार दरसँ कतेको गुना बेसी दाम पर खरीदल गेल। हुनकर अनुसार एकटा जमीन ₹2 करोड़मे खरीदलाक मात्र किछुए मिनट बाद ट्रस्टकेँ ₹18 करोड़मे बेचल गेल। अन्य जमीन सौदामे सेहो एहने पैघ दाममे विसंगतिक हवाला दैत ओ कहला जे एहि मामिलाक निष्पक्ष जांच नहि कयल गेल अछि।

ओ आगू आरोप लगौलनि जे मंदिर निर्माणसँ जुड़ल किछु इंजीनियर निविदा पर 40 प्रतिशत कमीशनक मांग केर शिकायत केलथि अछि। एकर अलावा हुनक दावा छल कि चोरीक घटनाकेँ सीसीटीवी कैमरा पर कतेको बेर रिकॉर्ड कयल गेल आ कथित तौर पर कतेको महीना धरि केर फुटेज गायब भ गेल। केजरीवाल सवाल उठेलनि जे केंद्र सरकार आ संबंधित एजेंसी एहन पैघ पैमाना पर गड़बड़ीसँ कोना अनभिज्ञ रहल।

आप प्रमुख विशेष जांच दल (एसआईटी) केर कामकाजक संबंधमे सेहो सवाल उठैलनि। ओ आरोप लगौलनि जे एसआईटी सीमित दायरामे जांच कय रहल अछि आ कथित जमीन घोटालाक जांच नहि कय रहल अछि। हुनक कहब अछि कि जखनि पार्टी केर सांसद संजय सिंह संबंधित दस्तावेजक संग एसआईटी लग पहुँचल तँ हुनका सूचित कयल गेल कि जांच केवल मंदिरक चढ़ावासँ जुड़ल मामिला धरि सीमित अछि। केजरीवाल एकरा एगो एहन जांच बतैलनि जाहिसँ जांचक निष्पक्षता पर संदेह पैदा भ भ जायत अछि।

ओ इहो आरोप लगैलनि कि अखनि धरि गिरफ्तार कयल गेल लोक महज निम्न स्तरक कर्मचारी अछि, जखनि कि जांच सही मायनेमे जिम्मेदार व्यक्ति धरि नहि पहुँच रहल अछि। हुनक अनुसार पूर्वमे सेहो एहन जांच समितिक गठन कयल गेल अछि,तहनो कोनो उच्च पदस्थ व्यक्तिक खिलाफ कार्यवाही नहि कयल गेल। केजरीवाल मांग कयलनि कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एही पूरा मामिलाक संबंधमे सार्वजनिक प्रतिक्रिया देल जाय।

ओ कहलनि जे देशमे करोड़ों लोकक धार्मिक आस्था भगवान श्री रामसँ जुड़ल अछि, अतः मामिलाक पारदर्शी, निष्पक्ष आ व्यापक जांचक जरूरत अछि आ जँ कोनो स्तर पर कोनो अनियमितता भेल होय तँ जिम्मेदारक खिलाफ सख्त कार्यवाही करब जरूरी अछि।

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