जनसरोकार

सुप्रीम कोर्ट 2025-26 लेल मौजूदा इथेनॉल आपूर्ति कोटा प्रणाली बरकरार रखलक

नई दिल्ली।  समदिया

सुप्रीम कोर्ट 2025-26 इथेनॉल आपूर्ति वर्ष लेल मौजूदा इथेनॉल आवंटन (कोटा) प्रणालीक संबंधमे यथास्थितिकेँ कायम रखय वला अंतरिम आदेश जारी कयलक। सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार आ सार्वजनिक क्षेत्रक तेल विपणन कंपनी (ओएमसी)क याचिका पर सुनवाई करैत इ अंतरिम आदेश पारित कयलक अछि। ई याचिका कर्नाटक हाईकोर्ट केर आदेशकेँ चुनौती देने छल जाहिमे तेल कंपनीकेँ निर्देश देल गेल छल कि ओ एगो इथेनॉल निर्माण फर्म केर मौजूदा आपूर्ति वर्ष लेल अपन इथेनॉल कोटा बढ़ाबय केर मांग करय वला आग्रह पर विचार करय। सुनवाईक दौरान भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) केर प्रतिनिधित्व करय वला अटॉर्नी जनरलक तर्क छल जे कर्नाटक हाईकोर्ट केर एहि आदेशसँ देशक इथेनॉल ब्लेंडिंग नीति अस्थिर भ सकैत अछि आओर समग्र रूपसँ नीतिकेँ क्रियान्वयन पर प्रतिकूल असर पड़ि सकैत अछि।

अटॉर्नी जनरल केर कहनाय छलनि जे कोनो इथेनॉल निर्माता कंपनीकेँ इथेनॉल कोटासँ बेसि दावा करय केर कानूनी अधिकार नहिं अछि। ओ आगू कहलनि कि कोर्टकेँ एहन आदेश नहि जारी करबाक चाहि जाहिसँ सरकार केर नीतिगत ढाँचामे प्रभावी ढंगसँ बदलाव आबय।

कार्यवाहीक दौरान केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्टकेँ सूचित कयलक कि पेट्रोल (ई20) मे 20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग केर योजना फिलहाल प्रयोगक दौरमे अछि आ अगिला साल धरि एही नीति केर व्यापक प्रभाव आओर स्पष्ट भ जायत।

सरकार ईहो बतैलक कि फिलहाल एही बातकेँ साबित करय वला कोनो ठोस वैज्ञानिक सबूत नहि अछि कि ई-20 पेट्रोलक इस्तेमालसँ गाड़ीमे कोनो तरहक यांत्रिक खराबी होयत अछि।

केंद्र सरकारक अनुसार ई इथेनॉल मिश्रण नीति राष्ट्रक ऊर्जा सुरक्षाकेँ मजबूत करय, किसानक आय बढ़ाबय आ पर्यावरण संरक्षणकेँ बढ़ावा दै केर दिशामे एगो महत्वपूर्ण कदम अछि। फिलहाल सुप्रीम कोर्टक अंतरिम आदेशक बाद 2025-26 इथेनॉल आपूर्ति वर्षक इथेनॉल कोटाक संबंधमे मौजूदा व्यवस्थामे कोनो बदलाव नहि होएत, जखन कि एहि मामिलामे आगूक सुनवाई जारी रहत।

Spread the love