वैचारिकी

पीएम मोदीक उपहार नीलामी पर सुहेल सेठक तर्क

नई दिल्ली । समदिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीकेँ भेटल उपहार, विशेष रूपसँ नीरज चोपड़ाक जैवलिनक नीलामीकेँ लऽ सोशल मीडिया पर उठल सवालक बीच व्यवसायी आ लेखक सुहेल सेठ एकर पक्षमे तर्क देलनि। हुनक कहब अछि जे मोदी करीब 25 वर्षसँ भेटल उपहारकेँ जमा कऽ राखबाक बदला नीलाम करैत रहल छथि आ नीलामीसँ प्राप्त राशि सामाजिक कार्यमे लगाओल जाइत अछि।

सेठ कहलनि जे सत्तासीन लोककेँ भेटल महँग घड़ी, मूर्ति, शॉल आ अन्य उपहार प्रायः संग्रह कऽ शोकेसमे राखल जाइत अछि। हुनक अनुसार, मोदी एहि परंपरासँ अलग बाट अपनौलनि। 2014 केर बाद उपहारक नीलामीक राशि नमामि गंगे सहित विभिन्न जनहितक कार्यमे उपयोग करबाक बात सेहो लेखमे कहल गेल अछि।

नीरज चोपड़ाक जैवलिनक नीलामी पर सेठ कहलनि जे दुनियाभरिमे खेलसँ जुड़ल वस्तुक नीलामी सामान्य बात अछि। जँ एहिसँ युवा खेल दिसि आकर्षित होइत छथि आ राशि जनहितमे खर्च होइत अछि, तँ नीलामी पर सवाल उठेबाक कारण नहि होएबाक चाही।

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