चारि राज्यक पुरुष उम्मीदवारकेँ नौकरी नहि देबाक सीईओक फैसला, सोशल मीडियापर बहस
बेंगलुरु । समदिया

बेंगलुरुक एकटा कंपनीक सीईओ उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान आ मध्य प्रदेशक पुरुष उम्मीदवारकेँ नौकरी नहि देबाक बात कहलक अछि। सीईओक कहब अछि जे महिला कर्मचारीक सुरक्षा आ कंपनीमे छोट बच्चासँ जुड़ल काज होएबाक कारण ई फैसला लेल गेल अछि।
सीईओ सोशल मीडिया पोस्टमे कहलक जे करीब दू सप्ताह पहिने कंपनीक एकटा कर्मचारीकेँ दू बेर चेतावनी देलाक बाद नौकरीसँ हटाओल गेल। हुनकर आरोपक अनुसार, उक्त कर्मचारी चारि राज्यमेसँ एक राज्यक निवासी छल आ महिला कर्मचारीक संग दुर्व्यवहार तथा एकटा महिलाकेँ जबरदस्ती करबाक आरोप छल। एहि घटनाक बाद कंपनी चारि राज्यक पुरुष उम्मीदवारकेँ नियुक्त नहि करबाक निर्णय लेलक।
‘समान अवसरमे विश्वास करैत छी’
सीईओ कहलक जे कंपनी लिंग, धर्म, जाति वा पंथक आधारपर भेदभाव नहि करैत अछि आ समान अवसरमे विश्वास करैत अछि। हुनकर अनुसार, कंपनीमे कुल 32 कर्मचारी छथि, जाहिमे 14 महिला छथि। 20 कर्मचारी दोसर राज्यक छथि, जाहिमे 12 दक्षिण भारतसँ बाहरक राज्यक छथि। कंपनीमे विभिन्न धर्मक लोक सेहो कार्यरत छथि। सीईओक अनुसार, राजस्थानक एकटा महिला कर्मचारी सेहो कंपनीमे छथि आ ओ एहि निर्णयक समर्थन केलनि।
सोशल मीडियापर उठल सवाल
सीईओ कहलनि जे हुनकर पोस्टपर बिहारसँ पैघ संख्यामे प्रतिक्रिया आबि रहल अछि। ओ समाजमे अपन कमीक स्वीकार कऽ सुधारक जरूरतपर सेहो जोर देलनि। हुनकर कहब छल जे हुनकर उद्देश्य कोनो राज्य वा समुदायपर आरोप लगेनाइ नहि, बल्कि महिला आ बच्चाक सम्मान नहि करऽवला लोककेँ संदेश देनाइ अछि।
हालाँकि, एहि निर्णयक बाद सोशल मीडियापर क्षेत्रीय आधारपर नौकरीक अवसरकेँ लऽ कऽ बहस तेज भऽ गेल अछि। बहसमे ई सवाल सेहो उठि रहल अछि जे एकटा कर्मचारीक व्यवहारक आधारपर कोनो खास क्षेत्रक सभ पुरुष उम्मीदवारकेँ नौकरीसँ बाहर राखब कतेक उचित अछि। कंपनीक एहि नीतिक विस्तृत प्रक्रिया आ कानूनी स्थितिपर एखनि अतिरिक्त जानकारी सामने नहि आयल अछि।
